संक्रमित:ज्यादातर हिस्सों में मिल चुके पॉजिटिव नए संक्रमितों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं

अलवरएक वर्ष पहले
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अलवर. त्रिपाेलिया शिव मंदिर में शाम काे अारती के दाैरान लाेगाें की भीड़। - Dainik Bhaskar
अलवर. त्रिपाेलिया शिव मंदिर में शाम काे अारती के दाैरान लाेगाें की भीड़।
  • कोरोना से बचना है तो अब ज्यादा सावधानी जरूरी
  • एक-दूसरे से हो रहे संक्रमित, अलवर शहर में अब तक 221 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं, कम्युनिटी संक्रमण का खतरा बढ़ा

शहर में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंगलवार रात तक अलवर शहर में संक्रमितों की संख्या 221 तक पहुंच गई। वहीं पूरे जिले में अब तक 870 रोगी मिल चुके हैं। शहर में मरीजों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है, इसलिए अब पहले से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। शहर के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं।

खास बात यह है कि अब जो पॉजिटिव मिल रहे हैं, उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। वे शहर में ही एक-दूसरे से संक्रमित हो रहे हैं यानि कम्युनिटी संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। एक से सात जुलाई तक मिले ज्यादातर मरीज कोरोना के लक्षणों वाले हैं, जिन्होंने बुखार, जुकाम, खांसी या बदन दर्द होने पर जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इससे पहले विदेश और बाद में गुड़गांव, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले ज्यादातर लोग संक्रमित मिले थे। अब शहर में ही संक्रमण की चेन तैयार हो रही है।

रोड नंबर दो, दाउदपुर फाटक, चूड़ी मार्केट, तिलक मार्केट, बिजलीघर चौराहा, होप सर्कस, ज्योतिराव फुले सर्किल सहित अन्य क्षेत्रों में कई दुकानदार और दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारी भी पॉजिटिव आ चुके हैं। हालांकि पटरी पार वाले क्षेत्रों गुरुनानक कॉलोनी, मोती नगर, एनईबी, 60 फुट रोड, शास्त्री नगर, दया नगर, लाॅर्ड्स सिटी आदि क्षेत्रों में अभी कम मरीज मिले हैं।

चिकित्सा विभाग की सूची पर गौर करें तो अब तक रूपवास, पुराना भूरा सिद्ध, राठ नगर, धौलीदूब, विजय मंदिर रोड, अपनाघर शालीमार, बख्तल की चौकी यानि चारों ओर संक्रमण फैल चुका है। शहर में कोरोना का पहला केस 8 मई को मिला था। विवेकानंद नगर के सेक्टर 4 में एक महिला पॉजिटिव मिली थी, जो कैंसर पीड़ित थी और जयपुर में भर्ती रही। हालांकि इस महिला ने कोरोना मात दे दी थी। इसके बाद संक्रमितों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

दो रोगी ऐसे, जिनकी सूंघने की शक्ति क्षीण
आईसीएमआर की ओर से तय कोरोना मरीजों की गाइड लाइन में खुशबू नहीं आना और किसी चीज का स्वाद नहीं आने के बिंदु जोड़े जाने के बाद शहर में ऐसे दो मरीज सामने आए हैं। दोनों मरीज सुभाष नगर के हैं। एक युवक ने हल्का जुकाम होने की आशंका पर बाम लगाई तो उसकी खुशबू नहीं आई। इसी प्रकार दूसरे युवक की भी सूंघने की शक्ति क्षीण हो गई। इन दोनों युवकों ने कोरोना की आशंका को लेकर ही जांच कराई थी और रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।

बिना संक्रमण के मरीजों की जांच नहीं होने से चिंता बढ़ी
आरईसीएमआर की अपडेट गाइड लाइन के कारण अब बिना संक्रमण वाले मरीजों की जांच बंद है। बुखार और जुकाम-खांसी वाले हर मरीज की भी जांच नहीं हो रही है। ऐसे कई मरीज सामने आए हैं, जिनकी तबीयत में सुधार नहीं होने पर वे दूसरी और तीसरी बार अस्पताल पहुंचे तो सैंपल लेने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ये ऐसे मरीज हैं, जो दूसरे के लिए कोरोना का खतरा बन रहे हैं, लेकिन आसानी से जांच संभव नहीं हो पा रही है। हालात ये हैं कि सरकारी जांच में मनमानी है और प्राइवेट को सरकार ने अधिकृत नहीं किया है।

अब मरीज मिलने पर कर्फ्यू नहीं लगाता प्रशासन
कोरोना के शुरुआती दौर में प्रशासन काफी सक्रिय रहा। जब 30 मार्च को बहरोड़ के मिलकपुर में कोरोना का पहला रोगी मिला तो पूरा प्रशासन रात को ही गांव पहुंच गया और कर्फ्यू लगा दिया। अब एक जगह पर कई कोरोना मरीज मिल रहे हैं तब भी कोई पाबंदी नहीं है। संक्रमित के घर के बाहर भी बेरोकटोक आवागमन जारी है। कर्फ्यू का सिस्टम बंद कर दिया गया है। मरीज की सुध भी नहीं ले रहे हैं। लॉर्ड्स सिटी में मिले पहले कोरोना रोगी ने जिला प्रशासन से लेकर चिकित्सा विभाग के सभी अधिकारियों को फोन किए तब जाकर दूसरे दिन उसे दवा मुहैया हो सकी। यही हालात मानसरोवर कॉलोनी में रहे। हालात यह है कि अब कोरोना मरीज मिलने पर उसे मोबाइल पर भी गाइड नहीं किया जा रहा है।

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