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खुद संक्रमित फिर भी करते रहे मरीजों की मदद:मिलिए जिला अस्पताल के ऐसे डॉक्टराें से, जो विपरीत हालात में भी मरीजों को परामर्श देते रहे

अलवर24 दिन पहले
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डाॅ. चंद्रा - Dainik Bhaskar
डाॅ. चंद्रा

जिला अस्पताल के डॉक्टर विपरीत हालात में भी मरीजों की मदद करते रहे। किसी डॉक्टर का परिवार संक्रमित हुआ तो कोई खुद संक्रमित हुआ फिर भी ये डॉक्टर घर पर रहते हुए मरीजों को ऑन कॉल परामर्श देते रहे और मरीजों को कोरोना से तनाव व डर से उबारा।

जब परिवार के सदस्य अस्पताल में भर्ती रहे तब उनकी देखभाल के साथ वार्ड के दूसरे मरीजाें का भी सहयाेग किया और उनका हाैसला बढ़ाते रहे। यहां हम जिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों के जज्बे की कहानी आपको बता रहे हैं। इनमें से दो डॉक्टर खुद संक्रमित हुए व एक डॉक्टर का परिवार संक्रमित हुआ।

अस्पताल में भर्ती पत्नी व बेटे के साथ दूसरे मरीजों को भी चुटकुले सुनाते रहे
सामान्य अस्पताल के काेविड प्रभारी रहे प्रमुख सर्जन डाॅ. बाबूलाल मेवल की पत्नी और पुत्र करीब 20 दिन पहले संक्रमित हाे गए। डाॅ. मेवल खुद भी बीमार हो गए और दो दिन अस्पताल में भर्ती रहे, हालांकि इनकी स्वयं की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। जब पत्नी व बेटा संक्रमित हुए तो डाॅ. मेवल को अस्पताल के साथ परिवार को भी संभालने के लिए ज्यादा समय देना पड़ा।

वे पहले घर की सफाई से लेकर खाना बनाने का काम करते और फिर अस्पताल जाकर संसाधनाें की उपलब्धता की माॅनिटरिंग करते। जब परिवार के संक्रमित दाेनाें सदस्याें का ऑक्सीजन सेचुरेशन गिरा ताे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। ड्यूटी के दाैरान ही उनकी देखभाल भी की और वार्ड के दूसरे मरीजाें का सहयाेग भी किया। उन्हें भी चुटकले सुनाकर खुश रखते, जिससे वे डिप्रेशन में नहीं आएं। फिलहाल डाॅ. मेवल, इनकी पत्नी व बेटा पूरी तरह स्वस्थ हैं।

घर से मरीजों को फोन कर उनका उत्साह बढ़ाते रहे
सामान्य अस्पताल के मरीजाें का ओपीडी व वार्ड में इलाज करते समय मानसिक राेग विशेषज्ञ डाॅ. नरेन्द्र सिंडाेलिया खुद भी 2 मई काे संक्रमित हाे गए। इन्होंने 14 दिन तक हाेम आइसाेलेशन में रहकर काेराेना से जंग जीत ली। डाॅ. सिंडाेलिया ने खुद संक्रमित हाेने के बावजूद काेराेना के मरीजाें काे ऑन काॅल निशुल्क सलाह व परामर्श देकर उन्हें मानसिक तनाव, डर और घबराहट से उबारा। इन्होंने 14 दिन में 200 से ज्यादा मरीजाें काे भय के माहाैल से उबारने में मदद की। 7 दिन अस्पताल में भर्ती रहे तब भी वार्ड में मरीजाें का उत्साह बढ़ाते रहे।
घर से 170 महिलाओं काे ऑन काॅल परामर्श दिया
महिला अस्पताल के प्रसूताओ की देखभाल, सिजेरियन ऑपरेशन और औपीडी में परामर्श देने के दाैरान स्त्री राेग विशेषज्ञ डाॅ. साेनिका चंद्रा 2 मई काे संक्रमित हाे गई। हाेम आइसाेलेशन के दौरान डाॅ. चंद्रा अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं, गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजाें काे ऑन काॅल निशुल्क परामर्श देती रही। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा के उपाय बताए, जिससे वे डिप्रेशन में नहीं आएं। उन्हाेंने इस दाैरान 170 महिलाओ काे ऑन काॅल परामर्श दिया।

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