अलवर हो सकता है परियोजना से बाहर:राजघाट से 100 किमी के दायरे तक ही होगा एनसीआर

अलवर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
राष्ट्रीय राजधानी परियोजना क्षेत्र (एनसीआर) से अलवर सहित 5 राज्यों के कई जिले आंशिक या पूरी तरह बाहर हो सकते हैं। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय राजधानी परियोजना क्षेत्र (एनसीआर) से अलवर सहित 5 राज्यों के कई जिले आंशिक या पूरी तरह बाहर हो सकते हैं।

राष्ट्रीय राजधानी परियोजना क्षेत्र (एनसीआर) से अलवर सहित 5 राज्यों के कई जिले आंशिक या पूरी तरह बाहर हो सकते हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बैठक में रीजनल प्लान-2041 का ड्राफ्ट मंजूर कर दिया गया है। इसमें बेहतर विकास के लिए एनसीआर का दायरा घटाकर नई दिल्ली में राजघाट से 100 किमी की परिधि तक ही रखने का प्रस्ताव लिया गया है। एनसीआर में शामिल राज्यों से अंतिम चर्चा के बाद इसे लागू किया जाएगा।

मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक एनसीआर के परिसीमन से अलवर जिले का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा और भरतपुर जिला पूरी तरह बाहर हो जाएगा। एनसीआर में अभी 5 राज्यों के 14 जिले शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा जिले हरियाणा के हैं। इन्हें एनसीआर से बाहर करने की मांग हरियाणा ने प्रमुखता से उठाई थी। एनसीआर के दायरे में आ रही तहसील क्षेत्रों को एनसीआर में शामिल या बाहर रखने का निर्णय राज्य ले सकेंगे।

बैठक मंगलवार को आयोजित हुई है। इसमें राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल भी शामिल थे। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने ड्राफ्ट को अंतिम मंजूरी देने से पहले राज्यों से अगले एक माह में सुझाव-सलाह मांगे हैं। इन्हें लेकर एनसीआरपीबी पुन: विशेष बैठक करेगा और ड्राफ्ट मंजूर किया जाएगा।

एनसीआर के पांच राज्यों में समान टैक्स पर विचार

ड्राफ्ट में पांचों राज्यों के एनसीआर क्षेत्रों में शहरी परिवहन साधनों जैसे, बस, टैक्सी, ऑटो आदि में समान टैक्स प्रावधानों पर भी विचार- विमर्श हुआ है। एनसीआर के परिसीमन को छोड़ अन्य ड्राफ्ट प्रस्ताव मंजूर कर दिए गए हैं। इसमें ग्रीन जोन भी शामिल है। नए रीजनल प्लान में हरित क्षेत्र 2021 के अनुसार ही रहेगा। हालांकि इसमें मौजूदा वन और हरित क्षेत्र को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा। मौजूदा वन क्षेत्र 2041 के प्लान में रिजर्व वन क्षेत्र रहेंगे।

खबरें और भी हैं...