बकरी चराने वाली लड़की ने 12वीं में किया टॉप:घर में बिजली नहीं, टॉर्च की रोशनी में करती थी पढ़ाई

अलवर4 महीने पहले

प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। इसका एक उदाहरण पेश किया है अलवर की रवीना ने। घर में बिजली कनेक्शन नहीं है। पिता का हाथ सिर से उठ चुका, इसलिए परिवार की मदद करने के लिए दिन में बकरियां चराती हैं और रात में मोबाइल की रोशनी में पढ़ाई करती हैं।

रवीना ने 12वीं बोर्ड आर्ट्स में 93% मार्क्स लाकर दो ब्लॉक में टॉप किया है। वे अलवर जिले के नारायणपुर कस्बे के पास गांव गढ़ी मामोड़ की रहने वाली हैं।

गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 17 साल की रवीना गुर्जर के पिता रमेश की 12 साल पहले सांप के डसने से मौत हो गई थी। मां विद्या देवी के हार्ट के दोनों वॉल्व खराब हैं। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में ऑपरेशन करा चुकी हैं। वह झोपड़ी में रहती हैं। घर में बिजली कनेक्शन नहीं था। रवीना घर के काम के साथ छोटे भाई-बहनों को संभालती है। इसके बाद बकरियां चराती है। दिन में सारे काम निपटाती और रात में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में 3 घंटे पढ़ाई करती।

चार-भाई बहनों में रवीना की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। एक बहन व भाई छोटे हैं। वे भी गढ़ी मामोड़ के सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। रवीना के परिवार की स्थिति ऐसी है कि घर का खर्च पालनहार योजना से मिलने वाले 2000 रुपए में ही चलता है। उसको पढ़ाई करने के लिए मोबाइल बाल आश्रम स्कूल चलाने वाले नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के सहयोग से मिला।

रवीना कच्चे घर में रहती है। घर की हालत से गरीबी साफ नजर आ रही है। बारिश के दिनों में छप्पर से पानी गिरता है।
रवीना कच्चे घर में रहती है। घर की हालत से गरीबी साफ नजर आ रही है। बारिश के दिनों में छप्पर से पानी गिरता है।

दो ब्लॉक में टॉपर है रवीना
12वीं आर्ट्स में रवीना गुर्जर ने नारायणपुर व थानागाजी ब्लॉक में टॉप किया है। इस इलाके में प्राइवेट स्कूलों की भरमार है। ऐसे में सरकारी स्कूल की छात्रा ने जब टॉप किया तो हलचल मची। धीरे-धीरे यह सामने आ गया कि टॉपर के घर में तो बिजली कनेक्शन ही नहीं है। यह सुनते ही नेताओं और अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। आनन-फानन में बानसूर विधायक शकुंतला रावत के प्रयास से जयपुर डिस्कॉम ने 9 जून को रवीना के घर बिजली कनेक्शन दे दिया। 50 यूनिट तक योजना का लाभ मिलने की बात भी डिस्कॉम अधिकारी समझाकर गए हैं।

ये है छात्रा रवीना की मार्कशीट। तीन सब्जेक्ट में उसने डिस्टिंक्शन हासिल किया है।
ये है छात्रा रवीना की मार्कशीट। तीन सब्जेक्ट में उसने डिस्टिंक्शन हासिल किया है।
बाल आश्रम संस्था की ओर से सरकारी स्कूल में इंटेलिजेंट स्टूडेंट को दिया गया था मोबाइल, जिनमें रवीना भी शामिल थी।
बाल आश्रम संस्था की ओर से सरकारी स्कूल में इंटेलिजेंट स्टूडेंट को दिया गया था मोबाइल, जिनमें रवीना भी शामिल थी।

आर्थिक मदद को आगे आए लोग
गुर्जर नेता विजय बैंसला ने ट्वीट कर रवीना को बधाई दी। ऑल गुर्जर एजुकेशन फेडरेशन के अध्यक्ष नेपाल सिंह कसाणा ने आर्थिक मदद का ऐलान किया है। बानसूर के सरकारी अस्पताल में चिकित्सक डॉ. महिपाल चंदेला ने भी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की बात कही है। पूर्व मंत्री डॉ रोहिताश्व शर्मा ने रवीना को हर महीने 5 हजार रुपए देने की घोषणा की है।

17 साल की रवीना गुर्जर दिनभर घर के काम करती थी। रात को इस तरह मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई करती थी।
17 साल की रवीना गुर्जर दिनभर घर के काम करती थी। रात को इस तरह मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई करती थी।

विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई कर दो ब्लॉक में टॉप करने वाली रवीना गुर्जर के गांव में चर्चे हो रहे हैं। हर कोई बच्चों को उससे सीख लेने की कह रहा है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य झाबर गुर्जर ने छात्रा के पास होने के बाद अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से बात की।

12वीं का रिजल्ट के बाद रवीना के घर आनन-फानन बिजली का कनेक्शन लगाया गया। कई लोग आर्थिक मदद को भी आगे आए हैं।
12वीं का रिजल्ट के बाद रवीना के घर आनन-फानन बिजली का कनेक्शन लगाया गया। कई लोग आर्थिक मदद को भी आगे आए हैं।