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अलवर से दूर चंबल का पानी:बजट भाषण में CM ने कहा- इस योजना पर केंद्र लेगी फैसला, ग्रेटर भिवाड़ी के विकास के लिए एक हजार करोड़ का निवेश होगा

अलवरएक वर्ष पहले
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एक दशक से ज्यादा पुरानी चंबल का पानी अलवर लाने की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना आगामी वित्तीय वर्ष में भी धरातल पर नजर नहीं आ सकेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को अपने बजट भाषण में इस योजना के लिए इतना ही कहा कि यह 13 जिलों तक पानी को लाने की राष्ट्रीय योजना है। जो प्रदेश में बाड़मेर की रिफाइनरी के बाद दूसरी बड़ी योजना है। इस पर करीब 37 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए केन्द्र सरकार को निर्णय लेने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट पेश करते हुए कहा कि इसके लिए वित्त आयोग की मीटिंग में भी प्रधानमंत्री को इस योजना के बारे में अवगत कराया गया है। इसके लिए पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों को प्रयास करने की जरूरत है। प्रदेश सरकार इस परियोजना से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाती रहेगी। इसके लिए इस बजट में भी 320 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस बजट में सबसे बड़ी साैगात भिवाड़ी को मिली है। औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी के दूसरे हिस्से को ग्रेटर भिवाड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें करीब एक हजार करोड़ रुपए टाउनशिप में निवेश भी होगा।

ग्रेटर भिवाड़ी में नए क्षेत्र शामिल होंगे

ग्रेटर भिवाड़ी में खुश्खेड़ा, भिवाड़ी व टपूकड़ा के आसपास के क्षेत्र को शामिल किया कर नई एवं उन्नत तरीके से ग्रेटर भिवाड़ी औद्योगिक टाउनशिप बनाने की घोषणा की है। सीएम ने कहा कि यह टाउनशिप राजस्थान के औद्योगिक परिवेश में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसमें करीब एक हजार करोड़ रुपए का नवेश किया जाएगा।

ये प्रमुख घोषणाएं अलवर के लिए

  • रामगढ़ के अलावड़ा में सीएचसी खोला जाएगा
  • प्रत्येक ब्लॉक में खेल स्टेडियम बनाया जाएगा
  • बानसूर, रामगढ़, मालाखेड़ा व रैणी में औद्योगिक क्षेत्र बनाने की घोषणा।
  • न्यू ग्रेटर भिवाड़ी विकसित होगा, इसमें 1 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा।
  • नारायणपुर और अलवर में अम्बेडकर छात्रावास बनेंगे।
  • लक्ष्मणगढ़ और अलवर में अल्पसंख्यक छात्रावास बनेंगे।
  • कठूमर में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय बनेगा।
  • थानागाजी में कैंप कोर्ट बनेगा।
  • अलवर में वाणिज्यिक न्यायालय में खोला जाएगा।
  • बानसूर अलवर में नवीन रोडवेज डिपो व बानसूर में डीएसपी पद सृजित।
  • नारायणपुर में जलदाय विभाग के तहत एईएन कार्यालय खोला जाएगा।
  • कोटकासम व बर्डोद को नगर पालिका बनाया जाएगा।
  • बहरोड़ में गण्डाला उप तहसील।
  • नौगांवा व टपूकड़ा को तहसील बनाने की घोषणा।
  • गोविन्दगढ़ में उपखण्ड कार्यालय।
  • सिलीबेरी बांध का जीर्णोद्धार।
  • नारायणपुर, मुण्डावर व लक्ष्मणगढ़ में विशेष वर्ग के छात्रावास बनाए जाएंगे।
  • अलवर में 10 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवनों का निर्माण होगा।
  • अलवर-जयपुर सड़क से सिलीसेढ़ घरभाजी सड़क निर्माण।
  • किशनगढ़बास-कोटकासिम-बोलनी राज्य सीमा तक सड़क निर्माण।
  • एसएच 52 ज्ञानपुरा सीकर सीमा वाया कराना राजनोता रघुनाथपुरा बानसूर तक सडक।
  • नटनी का बारा मालाखेड़ा मौजपुर रोड के लिए 100 करोड़ रुपए।
  • बम्बोरा किशनगढ़बास नौगांवां से 56 करोड़ रुपए।
  • अलवर शहर में वैशाली नगर से एमआइए तक 4 लेन सड़क व नाला निर्माण। हीारा बास काली मोरी से 200 फीट बाइपास तक, रूपबास से हनुमान सर्किल तक नाला निर्माण के लएि अनुमानित लागत 32 करोड़ रुपए।
  • बहरोड़, खैरथल व थानागाजी में सीवरेज के लिए एफएसटीपी स्थापित होंगे।
  • बहरोड़ मिडवे का जीर्णोद्धार।
  • तिजारा जैन मंदिर को धार्मिक पर्यटक सर्किट में शामिल किया।

पुरानी नगर पालिका कैंसिल, नई बनाई
सरकार ने पिछले बजट में रामगढ़, बानसूर व लक्ष्मणगढ़ को नगर पालिका बनाने की घोषणा की थी। जिनको हाल में शून्य कर दिया गया। मतलब वे अब नगर पालिकाएं नहीं बनेंगी। जबकि इस बजट में सरकार ने कोटकासिम व बर्डोद को नगर पालिका बनाने की घोषणा कर दी।

बानसूर, बहरोड़ और मुण्डावर का एडीएम कार्यालय अलवर में
बजट में बानसूर, बहरोड़ मुण्डावर क्षेत्र का एडीएम कार्यालय अलवर से भिवाड़ी कर दिया गया। जबकि यहां के नेता व आमजन की पुरजोर मांग है कि उनके क्षेत्र का एडीएम कार्यालय अलवर ही रहे। भिवाड़ी किए जाने से उनको बड़ी परेशानी होगी। इस मांग पर भी बजट में कोई घोषणा नहीं की गई।

भिवाड़ी एसपी कार्यालय को इंफ्रास्ट्रैक्चर नहीं
सरकार ने अलवर के भिवाड़ी को अलवर पुलिस जिला बना दिया। यहां एसपी भी लगा चुके हैं। लेकिन, सरकार ने पुलिस जिले के हिसाब से अभी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं कराए हैं। जिसकी बेहद जरूरत है। असल, में यह दिल्ली एनसीआर से सटा हुआ क्षेत्र है। यहां अपराध भी काफी अधिक है। इस कारण पुलिस के पास पूरी सहूलियत होने की जरूरत है।

बड़ा हॉस्पिटल भी नहीं
जिला अस्पताल अलवर मुख्यालय पर है। इस पर मरीजों का भार अधिक है। जबकि भिवाड़ी, नीमराणा बड़े औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां बड़ी संख्या में श्रमिक हैं। यहां के मरीज दिल्ली हरियाणा जाते हैं या अलवर आते हैं। इस कारण भिवाड़ी व नीमराणा में बड़े हॉस्पिटल की जरूरत है।