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कोरोना टेस्ट:ईएसआईसी हॉस्पिटल में कोरोना जांच के लिए नहीं होगा रैपिड एंटीजन टेस्ट, प्रदेश सरकार आरटीपीसीआर जांच को ही विश्वसनीय मान रही है।

अलवर8 महीने पहले
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प्रदेश सरकार ने मरीजों का एंटीजन टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है - Dainik Bhaskar
प्रदेश सरकार ने मरीजों का एंटीजन टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है
  • सुविधा अस्पताल प्रशासन को 15 अक्टूबर तक हर हाल में शुरू करनी थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने मरीजों का एंटीजन टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है
  • प्रदेश सरकार रेपिड एंटीजन टेस्ट की विश्वसनीयता को सिरे से खारिज कर चुकी है। सरकार को सरकारी अस्पतालों में हो रही आरटीपीसीआर जांच पर ही भरोसा है

कोरोना की रेपिड एंटीजन जांच शुरू करने को लेकर प्रदेश सरकार ने ईएसआईसी को तगड़ा झटका दिया है। हाल ही में ईएसआईसी ने एमआईए स्थित ईएसआईसी अस्पताल में मरीजों की कोरोना जांच के लिए रेपिड एंटीजन टेस्ट शुरू करने के आदेश दिए थे। यह सुविधा अस्पताल प्रशासन को 15 अक्टूबर तक हर हाल में शुरू करनी थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने मरीजों का एंटीजन टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है। मरीजों की जांच आरटीपीसीआर से ही होगी, क्योंकि प्रदेश सरकार आरटीपीसीआर जांच को ही विश्वसनीय मान रही है।

ईएसआईसी मुख्यालय के सहायक निदेशक (चिकित्सा) आदर्श कुमार गौतम ने ईएसआईसी हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक को रजिस्टर्ड कार्ड धारक मरीजों की हॉस्पिटल स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कोरोना की रेपिड एंटीजन जांच शुरू करने के आदेश दिए थे। ईएसआईसी का मानना है कि वर्तमान में हो रही थ्रॉट स्वाब के जरिए आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में देरी होती है, जिससे कोविड मरीजों का तुरंत पता लगाने के लिए रेपिड एंटीजन जांच शुरू की जाए। ईएसआईसी के लाभार्थी मरीजों को कोविड जांच की सुविधा देना बेहद जरूरी है।

मुख्यालय के एक अक्टूबर को दिए आदेश के आधार पर ईएसआईसी हॉस्पिटल के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक तिवारी ने 12 अक्टूबर को सीएमएचओ डॉ. ओमप्रकाश मीणा से एमआईए स्थित ईएसआईसी हॉस्पिटल में रेपिड एंटीजन टेस्ट की अनुमति मांगी। सीएमएचओ ने रेपिड टेस्ट की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया, क्योंकि प्रदेश सरकार रेपिड एंटीजन टेस्ट की विश्वसनीयता को सिरे से खारिज कर चुकी है। सरकार को सरकारी अस्पतालों में हो रही आरटीपीसीआर जांच पर ही भरोसा है।

अब ईएसआईसी स्थानीय स्तर पर मरीजों के लिए कोविड जांच के लिए रेपिड जांच की सुविधा नहीं दे पाएगी। उल्लेखनीय है कि 50 बैड के ईएसआईसी हॉस्पिटल में वर्तमान में 125 से 150 मरीजों की ओपीडी है। अलवर में करीब 60 हजार और भिवाड़ी में सवा लाख से अधिक ईएसआईसी के रजिस्टर्ड लाभार्थी मजदूर और कर्मचारी हैं।

ईएसआईसी हॉस्पिटल की ओर से रेपिड एंटीजन टेस्ट की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सरकार ने एंटीजन टेस्ट शुरू करने से साफ इनकार कर दिया है। रेपिड टेस्ट की प्रदेश में कहीं भी अनुमति नहीं दी है। अगर उन्हें मरीजों की कोरोना जांच करानी है तो वे आरटीपीसीआर से ही जांच कराएं।
- डॉ. ओमप्रकाश मीणा, सीएमएचओ

यह है आरटीपीसीआर, रेपिड एंटीजन व एंटीबॉडी जांच
रेपिड एंटीजन टेस्ट : यह जांच रेपिड किट से होती है, जिससे कोरोना पॉजिटिव व निगेटिव का रिजल्ट पांच मिनट में पता किया जा सकता है। थ्रॉट से स्वाब लेने के बाद उसे बफर कर तीन बूंद किट में डालने के बाद किट की गहरी लाल लाइन होने पर पॉजिटिव परिणाम आता है। अगर लाइन गहरी लाल नहीं हुई तो निगेटिव मान लिया जाता है।
एंटी बॉडी टेस्ट : एंटी बॉडी टेस्ट ब्लड सैंपल लेकर किया जाता है। एंटी बॉडी टेस्ट का सीरो सर्विलेंस सर्वे किया जा सकता है। ऐसे लोग जिन्हें कोरोना संक्रमण सही भी हो गया और उन्हें पता ही नहीं चला। ऐसे लोगों के शरीर में एंटीबॉडी विकसित होने से पता लगता है कि वे कोरोना पॉजिटिव हो चुके।
आरटीपीसीआर टेस्ट (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन) : जांच के लिए थ्रॉट से स्वाब लिया जाता है। वर्तमान में अलवर जिले में सरकारी अस्पतालों इसी टेस्ट के सैंपल लिए जा रहे हैं। इसमें जांच के 4 स्तर होते हैं। चौथे स्तर पर आरटीपीसीआर मशीन से रीडिंग के बाद निगेटिव-पॉजिटिव कन्फर्म होता है। एंटीजन पॉजिटिव आने के बाद भी कन्फर्म करने के लिए यह जांच जरूरी होती है।

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