पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

परेशानी :स्कूलों में पहुंचना बना चुनौती, करीब 10000 कर्मचारी करते हैं अप-डाउन

अलवर16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • 152 स्कूलों में बिजली नहीं, 110 में पानी की व्यवस्था नहीं
  • 2 जुलाई से शिक्षकों को जाना होगा स्कूल, परिवहन के साधन नहीं होने से परेशानी
Advertisement
Advertisement

स्कूलों में 2 जुलाई से नया सत्र शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरूआत होने के साथ ही शिक्षकों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ना शुरू हो गई हैं। यह चिंता कोरोना संक्रमण से ज्यादा समय पर स्कूल पहुंचने की है। दरअसल जिले में 1782 स्कूलों में शिक्षा विभाग के करीब 20 हजार कर्मचारी हैं। इनमें से लगभग आधे कर्मचारी ऐसे हैं जो रोजाना अलवर मुख्यालय से अपने-अपने स्कूलों का सफर रोजाना तय करते हैं।

अब दिक्कत यह है कि  बसों का संचालन गिने-चुने मार्गों पर ही हो रहा है। इसमें भी स्कूल जाने के समय अलवर के सभी मार्गों को मिलाकर देखें तो कुल 10 बसें ही जाती हैं जो शिक्षकों को उनके स्कूल के रास्ते में छोड़ सकती हैं। इनमें भी उन बसों की संख्या ज्यादा है जो हाइवे पर ही हैं। मुख्य रास्तों से अंदर जाने के लिए अभी तक किसी भी प्रकार के साधन का इंतजाम शिक्षकों के पास नहीं है।

24 जून से खुले स्कूलों में पहुंचने के लिए 30 जून तक तो शिक्षकों ने जुगाड़ से काम चला लिया, लेकिन अब दो दिन पहले से इस बात की मशक्कत शुरू हो गई है कि आखिर समय पर स्कूल कैसे पहुंचेंगे। अधिकांश शिक्षकों ने तो सत्र समाप्ति की ओर था इसलिए 24 जून को ज्वाइन करने के बाद सीएल ले ली थी, लेकिन अब नए सत्र में उनके सामने भी यह समस्या है कि आखिर सब कैसे मैनेज होगा। गौरतलब है कि सरकार के मुख्यालय पर रहने के आदेशों के बावजूद व्यवहारिक तौर पर यह देखा गया है कि शिक्षक रोजाना अपने घरों को आ जाते हैं। 

बच्चों के लिए कम चुनौती नहीं रहेगा स्कूल

स्कूल खुलने के बाद बच्चों की चुनौतियां भी कम नहीं रहेंगी। जी हां भारी-भरकम बजट खर्च करने के बावजूद अभी तक जिले की कुल 1782 स्कूलों में से 1630 स्कूलों में ही बिजली की व्यवस्था है।  गर्मी के इस दौर में यदि बच्चों को बुलाया जाता है तो करीब 152 स्कूलों में गर्मी से निजात पाने का कोई साधन नहीं है। इसके अलावा 110 स्कूल ऐसे हैं जहां बच्चों को पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है।

ये है स्टाफ का गणित

सरकारी स्कूलों में 637 प्रिंसिपल व प्रधानाध्यापक, 14121 सेकंड व थर्ड ग्रेड शिक्षक, 1714 व्याख्याता, 3000 मंत्रालयिक कर्मचारी, 755 लैब असिस्टेंट कार्यरत हैं।

  • शिक्षकों के स्कूलाें तक पहुंचने की कोई परिवहन व्यवस्था नहीं है। सभी रूटाें पर एक बस 6.30 बजे व दूसरी बस 1.30 बजे संचालित हाे ताकि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचकर अपनी डयूटी दे सकें। व्यवहारिक पक्ष व काेराेना संक्रमण काल काे देखते हुए सरकार यह व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस मांग काे लेकर मंगलवार काे सभी आगार प्रबंधकाें काे ज्ञापन दिया जाएगा।

- राजेंद्र प्रसाद शर्मा, जिलाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम

  • सरकार के नियमाें में शिक्षकाें काे मुख्यालय पर ही रहने का प्रावधान है अाैर इसी एवज में भत्ते दिए जाते हैं। अब स्कूल कैसे पहुंचा जाएगा यह ताे वे ही सुनिश्चित करेंगे। मुख्यालय से बाहर रहने का ताे नियम ही नहीं है।

- नेकीराम, डीईओ, प्रारंभिक

7 बजे से पहले सिर्फ 10 बसें, अधिकांश 6 बजे से पहले

रोडवेज बसों की बात करें तो स्कूल पहुंचने के समय 7 बजे से पहले सभी मार्गों की बात करें तो कुल 10 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें भी करीब 6 बसें सुबह 6 बजे और उससे पहले ही निकलती हैं। मतलब या तो सुबह उठने के बाद कुछ और काम करने के बजाए सीधा स्कूल के लिए तैयार रहो या फिर खुद के स्तर पर कोई साधन मैनेज करो जो आपके समय को बचाए और स्कूल पहुंच सको। अलवर से 5.15 बजे गुडगांव, 7 बजे जयपुर, 6 बजे जोधपुर, 5.30 बजे अनूपगढ़, 6.15 बजे गंगानगर, 6 बजे भरतपुर, गुडगांव, लक्ष्मणगढ़, 7 बजे करौली, 6.30 बजे बारां के मार्ग पर ही बसों की व्यवस्था है।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज का दिन पारिवारिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ फलदायी है। व्यक्तिगत कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। कठिन से कठिन कार्य को आप अपने दृढ़ निश्चय से पूरा करने की क्षमत...

और पढ़ें

Advertisement