जिला परिषद चुनाव:बागियों ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की चिंता पर्दे के पीछे से स्‍थानीय नेता दे रहे हैं साथ

अलवर2 महीने पहले
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कार की छत पर बंधी चारपाई। - Dainik Bhaskar
कार की छत पर बंधी चारपाई।
  • जिला परिषद के 48 वार्डाें में 186 प्रत्याशी चुनाव मैदान में, एक वार्ड में हाे चुका निर्विराेध निर्वाचन

जिला परिषद सदस्य के चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर भाजपा व कांग्रेस दाेनाें ही पार्टियाें के कार्यकर्ताओं ने बागी तेवर अपना लिए हैं। इनमें ज्यादातर बागी निर्दलीय या बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। दाेनाें ही पार्टियाें के पदाधिकारी व कार्यकर्ता या ताे खुद चुनाव मैदान में हैं या उनके परिवार का काेई सदस्य चुनाव लड़कर कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशियों को चुनौती दे रहा है।

चुनाव मैदान में डटे इन बागियों के कारण पार्टी प्रत्याशियों की जीत का गणित गड़बड़ा सकता है। कई वार्डाें में इन बागियाें काे दाेनाें पार्टियाें के बड़े स्थानीय नेताओं का पर्दे के पीछे से समर्थन मिल रहा है। इसका कारण है कि स्थानीय नेता अपने कार्यकर्ता काे टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन कई वार्डाें में पार्टी ने दूसरे कार्यकर्ताओं काे टिकट दे दी।

ऐसे में इन नेताओं ने अपने चहताें काे मैदान में उतार दिया। जिला परिषद के 49 में से 48 वार्डाें में जिला परिषद सदस्य का चुनाव हाेना है। इन वार्डाें में 186 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। वार्ड 20 से कांग्रेस के जगदीश जाटव पहले ही निर्विराेध चुने जा चुके हैं। इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। ऐसे में अब बचे 48 वार्डाें में जिला परिषद सदस्याें के 3 चरणों में चुनाव हाेने हैं। सालाें से चुनाव की तैयारी कर रहे दाेनाें ही पार्टी के कार्यकर्ता टिकट कटने के बाद बागी के रूप में चुनाव मैदान में कूद गए है।

लोकतंत्र सिर-माथे : चुनाव चिह्न चारपाई का दर्जा कार से ऊपर

लोकतंत्र की अपनी ही महिमा है। चुनाव में यहां आम खास हो जाता है और खास आम। अब इस चारपाई को ही लीजिए, एक प्रत्याशी को चुनाव चिह्न चारपाई मिला तो इसकी ऐसी कद्र हुई है कि लाखों रुपए की कार बौनी हो गई। चारपाई खास। प्रत्याशी कार की छत पर रख अपना प्रचार कर रहा है। राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न तो दुनिया नाम से ही पहचान जाती है, हमें कुछ तो खास करना होगा, लोग हमारी दावेदारी को भी जान सकें।

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