आंदोलन की राह पर राेडवेज कर्मी:रोडवेज के 250 सेवानिवृत्त कर्मियों के 18.53 कराेड़ रुपये बकाया, 27 को करेंगे चक्काजाम हड़ताल

अलवरएक महीने पहले
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रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर पर ढाेल बजाओ सरकार जगाओ कार्यक्रम का आयाेजन करेंगे। - Dainik Bhaskar
रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर पर ढाेल बजाओ सरकार जगाओ कार्यक्रम का आयाेजन करेंगे।
  • 20 अक्टूबर को ढोल बजा सरकार को जगाएंगे

रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 11 सूत्री मांगाें काे लेकर रोडवेज कर्मी 20 अक्टूबर काे दाेपहर 12 बजे केंद्रीय बस स्टैंड पर ढाेल बजाओ सरकार जगाओ कार्यक्रम का आयाेजन करेंगे। इसके बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से 26 अक्टूबर की रात 12 बजे तक बस स्टैंड पर धरना देंगे तथा 26 अक्टूबर की मध्य रात्रि से 27 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक चक्काजाम हड़ताल करेंगे। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2016 से सितंबर 2018 तक सेवानिवृत्त हुए 250 कर्मचारियाें के 18.53 कराेड़ रुपए बकाया हैं।

अलवर आगार से सेवानिवृत्त हुए 140 कर्मचारियाें के करीब 10 कराेड़ रुपए व मत्स्य नगर आगार से सेवानिवृत्त हुए 110 कर्मचारियाें के करीब 8 कराेड़ 53 लाख रुपए का भुगतान नहीं हुआ है। मत्स्य नगर आगार से सेवानिवृत्त हाे चुके एक कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिजनों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है।

एटक के प्रदेश सचिव जफर इकबाल ने बताया कि 11 सूत्री मांगाें में सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया भुगतान करने के अलावा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने, रिक्त पदाें पर भर्ती करने, नई बसें खरीदने सहित अन्य मांगें शामिल हैं, जिनको लेकर राेडवेज कर्मचारी आंदाेलनरत हैं। बीएमएस के फेडरेशन के संभाग अध्यक्ष मुन्नालाल शर्मा का कहना है कि सरकार राेडवेज कर्मचारियाें से साैतेला व्यवहार करती है। हर महीने की एक तारीख काे वेतन नहीं मिलता है।

अधिकारी बोले-फंड आते ही भुगतान कर देंगे

अलवर आगार की मुख्य प्रबंधक नीशू कटारा का कहना है कि हर महीने मुख्यालय काे सेवानिवृत्त कर्मचारियाें की रिपाेर्ट जाती है। फंड आते ही भुगतान कर दिया जाएगा। मत्स्य नगर आगार के मुख्य प्रबंधक हेमंत शर्मा का कहना है कि 2 महीने से सेवानिवृत्त कर्मचारियाें का भुगतान हाेना प्रारंभ हाे गया है। सितंबर 2016 से सेवानिवृत्त कर्मचारियाें का भुगतान बकाया है। मुख्यालय से फंड आने पर शेष काे भी भुगतान कर दिया जाएगा।

यात्रियाें काे सलाह

27 अक्टूबर काे राेडवेज की प्रदेश व्यापी हड़ताल है। परेशानी से बचने के लिए इस दिन यात्रा करने से बचें। आवश्यक हाेने पर प्राइवेट और लाेक परिवहन बस के अलावा ट्रेन से यात्रा कर सकते हैं। हालांकि इनमें इस दिन भीड़ रह सकती है।

जिले में प्रतिदिन 76 हजार 500 लोग करते हैं यात्रा

जिले में राेडवेज, प्राइवेट और लाेक परिवहन की कुल 644 बसें हैं। इनमें प्रतिदिन करीब 76 हजार 500 लोग यात्रा करते हैं। राेडवेज की 194 बसाें में प्रतिदिन 36 हजार 500, लाेक परिवहन और प्राइवेट 450 बसाें में प्रतिदिन करीब 40 हजार लोग यात्रा करते हैं। यदि 27 अक्टूबर काे चक्काजाम हड़ताल हाेती है ताे प्राइवेट और लाेक परिवहन बसाें पर यात्री भार बढ़ जाएगा।

लाेक परिवहन बस सेवा यूनियन के अध्यक्ष मुरारीलाल भारद्वाज व प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष श्रीनिवास मीणा का कहना है कि यदि 27 अक्टूबर काे राेडवेज की हड़ताल हाेती है तो बसाें के अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जिले में अलवर आगार में 114, मत्स्य नगर आगार में 80, लाेक परिवहन सेवा की 80 व प्राइवेट 370 बसें हैं। रोजाना अलवर आगार की बसों में 20 हजार, मत्स्य नगर आगार की बसों में 16 हजार 500 तथा लाेक परिवहन व निजी बसों में प्रतिदिन 40 हजार लोग यात्रा करते हैं।

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