भ्रमण के लिए जंगल में खाेले गए चार रूट:सैलानियाें के लिए सरिस्का खुलेगा कल से, 1 पारी में जाएंगे 35 वाहन

अलवर2 महीने पहले
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सरिस्का बाघ परियोजना 1 अक्टूबर से तीन महीने बाद सैलानियों के लिए पूरी तरह से खुल जाएगा। पर्यटकों काे जंगल भ्रमण कराने के लिए वन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। सभी रूटों की साफ-सफाई की गई है। प्रत्येक पारी में 35 वाहनाें से पर्यटकों काे जंगल की सफारी कराई जाएगी।

इनमें 30 वाहन सरिस्का गेट एवं 5 वाहन टहला गेट से जाएंगे। बारिश के मौसम में 1 जुलाई से 30 सितंबर तक सरिस्का काे पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है। हालांकि इस दौरान पर्यटकों के भ्रमण के लिए एक रूट खुला रहता है। सरिस्का के क्षेत्रीय वन अधिकारी स्वागत कक्ष संतोष कुमार ने बताया कि सैलानियाें काे जंगल घुमाने के लिए चार मार्ग रूट खाेले गए हैं।

इनमें 58 किलोमीटर का पहला रुट सरिस्का गेट से काला कुआं, गधेडी, घाणका तिराहा, उदयनाथ, तारुंडा, ब्रह्मनाथ, कालीघाटी से वापस सरिस्का गेट है। दूसरा 55 किलोमीटर का रूट सरिस्का गेट, तारुंडा, ब्रह्मनाथ, कालीघाटी, बाबरी गेट, कांकवाडी से वापस सरिस्का गेट तक का है।

तीसरा 60 किलोमीटर का तीसरा रूट सरिस्का गेट से भर्तृहरि तिबारा, करणा का बास, जलेबी चाैक, आल-गुवाल, एनक्लाेजर, नाया पानी, भैरू का तिराहा, काली घाटी, पांडुपाेल से वापस सरिस्का गेट तक का है। चाैथा रूट टहला गेट से चमारी का बेरा, आठवी मील, काबरी गेट, कांकवाडी, कालीघाटी तक 38 किलोमीटर का है।

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