ई-श्रमिक कार्ड से मिलेगा योजनाओं का लाभ:जिले में अब तक 1.30 लाख से अधिक पंजीयन, रामगढ़ अव्वल

अलवरएक महीने पहले
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अलवर. ई-श्रमिक कार्ड वितरित करती बानसूर एसीईएम रेखा गुर्जर। - Dainik Bhaskar
अलवर. ई-श्रमिक कार्ड वितरित करती बानसूर एसीईएम रेखा गुर्जर।
  • असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय डेटा बेस होगा तैयार

जिले में अब तक 1 लाख 30 हजार से अधिक श्रमिकाें ने ई-श्रमिक कार्ड के लिए पंजीयन कराया है। पंजीयन में जिले में रामगढ़ अव्वल रहा है, वहीं कोटकासिम द्वितीय व किशनगढ़बास तहसील तीसरे नंबर पर है। बानसूर ब्लॉक पंजीयन में निचले पायदान पर है।

ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन करवाकर श्रमिक याेजनाओं का लाभ ले सकेंगे। असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय डेटा बेस तैयार करने व श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल शुरू किया गया है। इससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। कोरोना महामारी के समय कई ऐसे श्रमिक परिवार थे, जो सरकारी सहायता से वंचित रह गए। इसी को ध्यान मे रखकर यह योजना शुरू की गई है। सीएससी जिला प्रबंधक चन्द्र प्रकाश कुमावत ने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का पंजीकरण करवाने के लिए प्रशासन गांव व शहरों के संग अभियान व जिले में हर ग्राम पंचायत पर स्थापित सीएससी के माध्यम से जागरूकता लाकर प्रचार प्रसार कर पंजीयन किया जा रहा है। ई श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड श्रमिक की किसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख का बीमा कवर मिलेगा। इसके अलावा दुर्घटनावश स्थाई विकलांगता होने पर दो लाख एवं आंशिक विकलांगता होने पर एक लाख रुपए दिए जाने का भी प्रावधान पंजीकृत श्रमिक के लिए है।

11 लाख से अधिक असंगठित श्रमिकों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य
ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से देशभर में 38 करोड़ श्रमिकों का नेशनल डेटा बेस तैयार किया जाएगा। अलवर जिले से भी 11 लाख से अधिक असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को योजना से जोड़कर ई-श्रमिक कार्ड दिया जाएगा, जो आधार से सीड होगा। इससे मजदूरों, रेहड़ी, पटरी वालों एवं घरेलू कामगारों को एक साथ जोड़ा जाएगा। पोर्टल पर श्रमिक का नाम, पता, शैक्षिक योग्यता, कौशल का प्रकार, परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। सभी पंजीकृत श्रमिकों को एक 12 अंकों का ई-कार्ड प्रदान किया जाएगा जो कि पूरे देश में मान्य होगा।

इन क्षेत्रों से जुड़े लोग करवा सकेंगे पंजीयन
लघु एवं सीमांत किसान कृषि कार्य से जुड़े मजदूर, फिशरमैन, लेबलिंग एंड पैकेजिंग, बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन कर लेदर वर्कर, कारपेंटर, मिडवाइफ घरेलू कामगार, नाई, सब्जी एवं फल विक्रेता, अखबार विक्रेता, रिक्शा चालक, सीएससी केंद्र चालक, मनरेगा कामगार व आशा वर्कर समेत कामगार श्रमिक अपना पंजीयन करवाकर लाभ ले सकेंगे। पंजीयन के लिए आधार नंबर, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, सेविंग बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड व एक मोबाइल नंबर की आवश्यकता रहेगी।

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