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अलवर गैंगरेप पीड़िता के पिता की पीड़ा:कोई न कोई साथ होता है, बस उसी दिन बेटी अकेली थी और उसके साथ गलत हो गया...

अलवर6 महीने पहले

अलवर की मूकबधिर नाबालिग गैंगरेप पीड़िता के पिता ने अपना दर्द बयां किया है। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में हैं। बोले- 'मैं कर्जा लेकर परिवार चला रहा हूं और बेटे-बेटियों को पढ़ा रहा हूं। इस बीच, बेटी के साथ गैंगरेप ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। कोई न कोई उसके साथ हमेशा होता है, वो उस दिन घर में अकेली थी और उसके साथ गलत हो गया...। परिवार काम पर जाता है तो रिश्तेदारों के घर छोड़ जाते हैं। घटना वाले दिन दोनों बेटियां स्कूल चली गई थीं। बेटा भी स्कूल गया था। हम पति-पत्नी खेत पर चले गए थे।'

पीड़ा के साथ उनकी बातों में गुस्सा भी है। उनका कहना है कि पुलिस को जल्द मामले का खुलासा करना चाहिए। मेरी बेटी के साथ गलत हुआ है। पुलिस इसे दूसरी घटना मान रही है, लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है। पुलिस पहले गैंगरेप से इनकार करती है और फिर कहती है अभी जांच चल रही है। कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। गौरतलब है कि इस मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला किया है।

बेटियों की पढ़ाई के लिए बांटे में खेती
पिता खुद के गांव से करीब 20 किमी दूर बांटे पर खेती लेकर मजदूरी करता है। उनका कहना है कि घर खर्च निकालने के लिए खेती का सहारा ढूंढ़ा है। खुद के पास खेती नहीं है। बांटे पर लेकर घर चलाते हैं। डेढ़ लाख रुपए का कर्जा है। कुछ पैसा कर्ज का ब्याज चुकाने में चला जाता है। कुछ बेटियों की पढ़ाई पर खर्च हो जाता है।

दो बेटियां पुलिस में जाना चाहती हैं
पिता बोला- उसकी बड़ी बेटी 10वीं में पढ़ती है। उससे छोटी मूकबधिर है जो पढ़ती नहीं है। तीसरे नंबर की बेटी 8वीं में पढ़ती है। दोनों बेटियां पुलिस में जाना चाहती है। वे अक्सर कहती है कि कुछ दिन और मेहनत कर लो। 10वीं पढ़ने के बाद पुलिस की नौकरी लग जाएगी। इसके बाद आपकी परेशानी कम हो जाएंगी। बेटियों के ख्वाब को साथ लेकर मेहनत-मजदूरी में लगे हैं।

बेटे को एक आंख से नहीं दिखता
बेटे को भी एक आंख से दिखाई नहीं देता है। वह 5वीं कक्षा में है। उसे तीसरी कक्षा में चोट लगी थी। तभी से एक आंख से नहीं दिखता है। परिवार की कमजोर हालत के कारण बड़ा ऑपरेशन नहीं करा पाए। पिता का कहना है कि पहले एक बार ऑपरेशन कराने का प्रयास किया था, लेकिन नहीं हो पाया। अब 15 साल का होने पर ऑपरेशन कराएंगे।

दोपहर में पड़ोसी के घर पर थी बालिका
दोपहर 12 बजे तक पड़ोसी के घर पर बालिका ने टीवी देखा था। इसके बाद अकेली थी। तब घर से निकल गई। आगे जाकर ऑटो में बैठकर अलवर आ गई थी। फिर 11 जनवरी की देर शाम को उसके साथ घटना हुई है। उन्होंने बताया कि मूकबधिर बालिका सहित तीन बेटियां हैं। सबसे छोटा एक भाई है।

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