माइग्रेन पीड़ित छात्रा को बस से उतारा, मौत:स्टूडेंट्स बोलीं- डायरेक्टर कहता है लड़कों से चिपक कर ऑटो में जाओ

अलवर4 महीने पहले

सैकंड ईयर में पढ़ने वाली छात्रा को प्राइवेट कॉलेज की बस ने धूप में उतार दिया। लड़की को 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। देर शाम उसकी तबीयत बिगड़ गई। दूसरे दिन अस्पताल में मौत हो गई। मामला अलवर के किशनगढ़बास स्थित जीएलएम एग्रीकल्चर कॉलेज का है। छात्रा की साथी स्टूडेंट्स का कहना है कि उसे माइग्रेन था। वह बीमार थी। ऐसी हालत में भी छात्रा को कॉलेज की बस से बीच रास्ते ही उतार दिया गया। छात्राएं बोली यहां बस सुविधा उन्हीं स्टूडेंट्स को दी गई है, जिन्होंने इसके लिए फीस चुकाई है।

गुरुवार 9 जून को कुछ छात्राओं के साथ सैकंड ईयर की छात्रा हेमलता कुमावत भी बस में चढ़ गई थी। हेमलता व अन्य कुछ छात्राओं ने बस की फीस नहीं दी थी। इसलिए बस ड्राइवर ने उन्हें दोपहर बाद 4 बजे किशनगढ़ कस्बे से 3 किलोमीटर पहले ही उतार दिया था। इसके बाद छात्राएं कड़ी धूप में पैदल चलीं। छात्राओं का कहना है कि सीकर निवासी छात्रा हेमलता कुमावत (20) माइग्रेन बीमारी से पीड़ित थी। पैदल चलने के कारण गुरुवार शाम को उसकी तबीयत बिगड़ गई।

सीकर निवासी कॉलेज छात्रा की मौत पर स्टूडेंट ने हंगामा कर दिया। कहा बस ने रास्ते में उतार दिया। माइग्रेन से पीड़ित थी हेमलता।
सीकर निवासी कॉलेज छात्रा की मौत पर स्टूडेंट ने हंगामा कर दिया। कहा बस ने रास्ते में उतार दिया। माइग्रेन से पीड़ित थी हेमलता।

बता दें कि हेमलता किशनगढ़ बास में पीजी में रहकर जीएल मेमोरियल कॉलेज में सैंकड ईयर में पढ़ रही थी। जिस दिन वह पैदल आई उसी शाम उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे किशनगढ़ बास अस्पताल ले जाया गया। दूसरे दिन शुक्रवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो किशनगढ़ बास से अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अलवर ले जाते वक्त रास्ते में हेमलता ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को ही हेमलता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हेमलता सीकर के पचेरी गांव निवासी बोदूराम की बेटी थी। पिता चिनाई मिस्त्री हैं। वे दुबई में रहकर मजदूरी करते हैं। बेटी की मौत की खबर पर वे गांव पचेरी पहुंच गए।

हेमतला के भाई रतन कुमावत ने कहा कि कई साल से हेमलता माइग्रेन से पीड़ित थी। जयपुर में डॉ. भावना शर्मा से उसका इलाज चल रहा था। परिवार सदमे में है। उसे बस से उतारने और पैदल चलने की बात पता चली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तय करेंगे कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के बारे में विचार करेंगे।

कॉलेज में विरोध प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स।
कॉलेज में विरोध प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स।

कॉलेज स्टूडेंट्स गुस्से में, लगाए कई आरोप
छात्रा हेमलता की मौत के बाद आज शनिवार को कॉलेज में स्टूडेंट्स ने जमकर हंगामा किया। कॉलेज की छात्राओं का कहना है कि एडमिशन के वक्त कहा गया था कि स्टूडेंट्स को लाने-ले जाने के लिए बस सेवा फ्री होगी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। कोई स्टूडेंट पैसे न दे तो उसे बस से उतार दिया जाता है। कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. रितेश शर्मा पर भी लड़कियों ने अभद्र बातें करने के आरोप लगाए हैं। एक छात्रा ने कहा कि डायरेक्टर रितेश कहता है कि बस में क्यों जाती हो, ऑटो में लड़कों से चिपक कर घर जाया करो। छात्राओं ने कहा कि पीटीआई रमाकांत भी लड़कियों के चरित्र पर उंगली उठाता है।

छात्रा की मौत के बाद ये मांगें।
छात्रा की मौत के बाद ये मांगें।

छात्रा ने कहा- मजबूरी में बस में गए थे
कॉलेज की एक छात्रा ने बताया कि कॉलेज से शाम 4 बजे छुट्‌टी हुई थी। दो ऑटो आए थे दोनों ऑटो फुल होकर चले गए थे। मजबूरी में हम बस से चले गए। रास्ते में भारती कॉलेज के पास उतार दिया। भारती कॉलेज के पीटीआई रमाकांत ने कहा कि 20 लाख की बस है, कैसे बैठ गई। हमें जब बस से उतार रहे थे तब कॉलेज स्टाफ ने रोका भी नहीं कि लड़कियों को बस से मत उतारो, कहां जाएंगी। सेफ्टी के हिसाब से किशनगढ़ बास में उतारना चाहिए था। या वॉर्निंग दे देते कि आज जाने दो कल से बस में नहीं जाएंगी। कहा कि डायरेक्टर रितेश शर्मा कहता है कि ऑटो वाला क्या तुम्हें गाने सुनाते हुए ले जाता है क्या, क्या तुम लड़कों से चिपक कर जाने के लिए ऑटो में जाती हो। हमें ऐसे स्टाफ की जरूरत नहीं जिसे हम लेकर आएं और छोड़ने जाएं। हेमलता को माइग्रेन था, रितेश शर्मा सर जब डांट रहे थे तो उसका सिर नीचा था, अगर वो धूप में नहीं जाती तो बच जाती।

कॉलेज का डायरेक्टर रितेश शर्मा। लड़कियों ने मांग पत्र सौंपा, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप।
कॉलेज का डायरेक्टर रितेश शर्मा। लड़कियों ने मांग पत्र सौंपा, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप।

छात्रा बोली- चरित्र पर उठाई जाती है अंगुली
एक अन्य छात्रा ने कहा कि - हमारे चरित्र पर उंगलियां उठाई जाती हैं। डायरेक्टर रितेश शर्मा कहता है कि तुम बस में क्यों आती हो, तुम टैम्पो में जाओ, एक लड़का एक लड़की चिपक कर जाओ। जब टीचर ऐसा बोलेगा तो बच्चों पर क्या असर पड़ेगा। कॉलेज प्रबंधन हर बात के लिए प्रताड़ित कर रहा है।

प्रिंसिपल बोली- छात्रा के बीमार होने का पता नहीं था जीएलएम एग्रीकल्चर कॉलेज की प्रिंसिपल प्रीति नायर का कहना है कि बस से कई छात्राओं को एक साथ उतारा गया था। छात्रा के बीमार होने का किसी को पता नहीं था। जहां तक डायरेक्टर रितेश शर्मा पर आपत्तिजनक बातचीत करने के आरोप की बात है, इसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। कॉलेज के स्टूडेंट्स ने हेमलता की मौत के बाद कुछ मांगें रखी हैं। छात्रों ने डीन को हटाने, छात्राओं से अभद्र व्यवहार करने वाले पीटीआई से माफी मंगवाने, मृतक छात्रा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और कॉलेज प्रबंधन व व्यवहार ठीक करने की मांग की है।

छात्रा की मौत के बाद कॉलेज के गेट पर छात्रों ने दिया धरना। पुलिस बुलानी पड़ी। प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोप।
छात्रा की मौत के बाद कॉलेज के गेट पर छात्रों ने दिया धरना। पुलिस बुलानी पड़ी। प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोप।

बता दें कि जीएल मेमोरियल एग्रीकल्चर कॉलेज प्रतीक फाउंडेशन सोसायटी अलवर की ओर से चलाया जा रहा है। जोबनेर की एसकेएन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से संबद्ध यह कॉलेज अलवर भिवाड़ी मेगा हाइवे पर मांचा के पास है। कॉलेज का मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रितेश शर्मा है। जिस पर लड़कियों ने चरित्र पर उंगली उठाने के आरोप लगाए हैं। थाना प्रभारी किशनगढ़ बास अमित सिंह ने कहा कि हंगामे की सूचना पर पुलिस एग्रीकल्चर कॉलेज गई थी। प्रबंधन पक्ष व स्टूडेंट पक्ष के बीच विवाद के जो कारण थे उन्हें सुना। दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई है। समझौता कराने के बाद पुलिस वापस आ गई। शिकायत मिलने पर जांच व कार्रवाई की जाएगी।

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