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अरावली की पहाड़ियों पर बादलों का डेरा:बाला किले पर दूधिया चादर सा नजारा, मानसून में बढ़ी किले की रौनक, लेकिन तेंदुए और टाइगर का खतरा

अलवर8 महीने पहले

अरावली की हजारों फीट ऊंची पहाड़ियों पर बना बाला किला मानसून में बादलों से ढंक गया है। कभी बादल बाला किला के ऊपर टिक जाते हैं, तो कभी पहाड़ों से नीचे भूरासिद्ध हनुमान मंदिर के ऊपर तक आ जाते हैं। किले से नीचे काफी दूर तक सरिस्का का जंगल है। इस जंगल में तेंदुओं की भरमार है। कभी-कभी टाइगर की साइटिंग भी होती है।

मानसून के दिनों में यहां की रौनक चार गुना बढ़ जाती है, लेकिन जंगली जानवर का खतरा भी बना रहता है। दरअसल, बारिश के दिनों में ही बाला किले के ऊपर ये नजारा देखने के लिए मिलता है।

बाला किला के नीचे जंगल का नजारा।
बाला किला के नीचे जंगल का नजारा।

किले के उपर बादलों का डेरा
इन दिनों यहां किले के बुर्ज पर तेज हवाएं चल रही हैं। वहीं, बादल जमीन पर उतर आए हैं। किले के नीचे हनुमान मंदिर के ऊपर तक बादल छाए रहते हैं। आसपास के पहाड़ों पर बादल दूधिया चादर जैसे नजर आते हैं। इन दिनों अरावली की पहाड़ियों पर हरियाली छाई हुई है। पर्यावरण प्रेमी भी यह मान रहे हैं कि इस बार सरिस्का के जंगलों में सालों बाद इतनी हरियाली आई है।

ये है बाला किला, जिसके चारों तरफ हरियाली और दूधिया बादलों से अभिषेक।
ये है बाला किला, जिसके चारों तरफ हरियाली और दूधिया बादलों से अभिषेक।

कुछ ही देर में गायब भी हो जाते हैं बादल
बाला किला पर बादलों का जमावड़ा कुछ ही देर में गायब भी हो जाता है। कभी सुबह के समय तो कभी शाम को भी ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिल जाता है। यह सरिस्का का बफर जोन है। अब यहां भी सरिस्का की सफारी होने लगी है। सरिस्का प्रशासन इस रूट को भी काफी बड़ा बनाने में लगा है। ताकि पर्यटक यहां की प्रकृति का पूरा लुत्फ उठा सके।

बाला किला तक जाने वाली मुख्य सड़क
बाला किला तक जाने वाली मुख्य सड़क

यहां के जंगलों में रहते हैं टाइगर और पैंथर
बाला किला भी सरिस्का का ही क्षेत्र है। यहां टाइगर की साइटिंग होती है। तेंदुए तो काफी संख्या में है, जो आए दिन यहां घूमने वालों को नजर आ जाते हैं। तेंदुए और टाइगर की साइटिंग करने के लिए तो देश-विदेश से टूरिस्ट अलवर के सरिस्का आते हैं।

सरिस्का जंगल में सालों बाद इतनी हरियाली देखने को मिली है।
सरिस्का जंगल में सालों बाद इतनी हरियाली देखने को मिली है।

शहर तक पहुंच जाते हैं तेंदुए
इस क्षेत्र में सुबह-शाम लोग घूमने पहुंचते हैं। साथ ही हाजीपुर डढीकर की तरफ से दर्जनों गांवों के लोग आते-जाते हैं। बाला किला के ऊपर भी दो-तीन मंदिर भी हैं। यहां के तेंदुए कई बार शहर में घुस चुके हैं। आए दिन साइटिंग होती है। कई बार यहां बाघ-बाघिन की साइटिंग भी हो चुकी है। इसलिए मुख्य गेट पर वन विभाग ने चौकी बना रखी है।

अरावली की पहाड़ियों पर इन दिनों बादलों ने डेरा डाल रखा है।
अरावली की पहाड़ियों पर इन दिनों बादलों ने डेरा डाल रखा है।

फोटो सहयोग : चर्चित कौशिक।

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