सरहदों से बड़ी श्रद्धा:भारत-पाकिस्तान के श्रद्धालुओं को जोड़ता है खैरथल में बना स्वामी ध्यान गिरी का आश्रम

अलवर4 दिन पहलेलेखक: निशांत शर्मा
  • कॉपी लिंक
स्वामी ध्यान गिरी । - Dainik Bhaskar
स्वामी ध्यान गिरी ।
  • भारत-पाकिस्तान में श्रद्धालुओं को सरलता से मिले वीजा तो विभाजन का दर्द हो कम-स्वामी गोविंद गिरी

भारत - पाकिस्तान में श्रद्धालुओं को सरलता से वीजा मिलने लगे तो विभाजन का दर्द कम हो सकता है यह कहना है खैरथल के स्वामी ध्यान गिरी आश्रम (आनंदनगर शिवालय) व पाकिस्तान के 3 आश्रमों के मठाधीश स्वामी गोविंद गिरी का। स्वामी गोविंद गिरी ने भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि जगद्गुरु शंकराचार्य जी के द्वारा स्थापित जूना अखाड़े के दशनामी संन्यासी संप्रदाय की परंपरा के आश्रम की खैरथल में स्थापना की कहानी भी बड़ी अनोखी है ।

ध्यान गिरी महाराज 1960 से 1964 तक पाकिस्तान के थाना बुल्ला खान के आश्रम में रहे फिर 1965 में भारत की यात्रा पर मां गंगा के दर्शन के लिए आए तो अपने पुराने साथी संत भारती महाराज से मिलने खैरथल आ गए । इसी दौरान भारत पाकिस्तान में युद्ध शुरू हो गया , जिसके बाद सीमा पर बढ़े तनाव और फिर 1971 में हुए युद्ध के कारण वो श्रद्धालुओं के आग्रह पर खैरथल ही रह गए , जहां सेठ शामनदास ने उन्हें आश्रम बनाने की जमीन भेंट दी और 1975 में भारत सरकार ने नागरिकता दे दी । इसके बाद महाराज पाकिस्तान की यात्रा पर एक बार ही 1984 में 6 महीने के लिए गए । महाराज का 13 जनवरी 1992 में देवलोकगमन हो गया जिनको उनके शिष्य गोपाल गिरी ने 14 जनवरी को समाधि दी ।

स्वामी ध्यान गिरी के पाकिस्तान में शिष्य सहजगिरी 1994 व खैरथल में शिष्य गोपाल गिरी 2005 में ब्रह्मलीन हो गए । बाद में खैरथल में महंत बने स्वामी गोविंद गिरी ही खैरथल के आश्रम , पाकिस्तान के थाना बुल्ला खान क्षेत्र में स्थित दो आश्रमों व थाना अहमद खान क्षेत्र में स्थित आश्रम के मठाधीश है । वर्तमान में स्वामी ध्यान गिरी आश्रम में शिवालय , दत्तात्रेय भगवान , संत मंगल गिरी , संत ध्यान गिरी , संत सहजगिरी व संत गोपाल गिरी की मूर्तियों सहित मेडिटेशन सेंटर भी है । स्वामी गोविंद गिरी का जन्म भी 1988 में ध्यान गिरी महाराज के आशीर्वाद से बीकानेर के शास्त्री नगर में रहने वाले द्वारका सिंह भाटी व बल्लू कुंवर भाटी के घर हुआ था जिन्हें 1995 में खैरथल आश्रम में उनके परिवार वालों ने संत बनने के लिए दे दिया था ।

स्वामी गोविंद गिरी ने बताया कि स्वामी ध्यान गिरी सेवा समिति के द्वारा रक्तदान शिविर , नेत्र जांच शिविर लगाए जाते हैं व जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है । स्वामी गोविंद गिरी ने राज्य सरकार को खैरथल के राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय में अध्ययनरत सभी बालिकाओं के लिए स्कूल बैग , स्वेटर , ड्रेस व जूते चप्पल सहित सभी आवश्यक सामग्री आजीवन अपनी ओर से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी दिया है।

पाकिस्तान में बड़ी मान्यता
पाकिस्तान में 3 आश्रम होने के कारण आज भी स्वामी ध्यान गिरी जी के काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु है जो स्वामी जी की समाधि पर खैरथल आना चाहते हैं और प्रत्येक वर्ष मेले में कुछ लोग खैरथल आते भी है । स्वामी गोविंद गिरी भी प्रत्येक वर्ष पाकिस्तान के आश्रमों को संभालने एक बार कुछ महीने के लिए जरूर जाते हैं । पाकिस्तान के श्रद्धालुओं की गोविंद गिरी महाराज में इतनी आस्था है कि पाकिस्तान सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष चेलाराम केवलानी सहित हजारों लोग उन्हें लेने एयरपोर्ट आते हैं व जुलूस के रूप में आश्रम तक ले जाते हैं और सत्संग का आयोजन करते हैं जिसमें पाकिस्तान के सिंध के प्रमुख भजन गायक रमेश राही , मुकेश धानियाल , किशोर कुमार केटीएन , डॉ मोतीराम आरवानी , नंदलाल बैरानी व रजब फकीर प्रस्तुति देते हैं । फरवरी में माघ का पूर्णिमा के बाद के पहले सोमवार को पाकिस्तान के थाना बुल्ला खान के दोनों आश्रमों में मंगलगिरी महाराज का वार्षिक मेला व अगस्त में सावन की पूर्णिमा को थाना अहमद खान में गुरु भवानी गिरी का वार्षिक मेला लगता है जिसमें काफी संख्या में पाकिस्तान में रहने वाले श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं ।

खबरें और भी हैं...