इन महिलाओं की पीड़ा कौन सुनेगा?:स्वच्छता काे लेकर बातें बड़ी, होता कुछ नहीं, ​​शहर के बाजारों में महिलाओं के लिए सुविधाघर नहीं

अलवर10 दिन पहलेलेखक: बृजमोहन शर्मा
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चूड़ी मार्केट का सुविधाघर, जिसके बाहर तक दुकानों का सामान नजर आता है। - Dainik Bhaskar
चूड़ी मार्केट का सुविधाघर, जिसके बाहर तक दुकानों का सामान नजर आता है।

शहर के बाजारों में महिलाओं के लिए पर्याप्त सुविधाघर (शाैचालय) नहीं हैं। इस वजह से महिलाओं को परेशानी होती है। कुछ जगह सुविधाघर हैं, लेकिन उनका महिलाओं काे पता नहीं चलता, क्योंकि उनके आसपास हालात ऐसे बन गए हैं कि सुविधाघर दिखाई नहीं देते। उदाहरण के लिए चूड़ी मार्केट में एक सुविधाघर ऐसा है, जहां आसपास इतनी ज्यादा दुकानें हैं कि यह सुविधाघर आसानी से नजर नहीं आता। इसी मार्केट में नगर परिषद की ओर से बनवाया गया एक अन्य सुविधाघर भी है, जो नीलामी के चबूतरे के पीछे है।

यहां भी भीड़ और अस्थाई दुकानाें के कारण महिलाएं इन सुविधाघराें में संकाेच के कारण नहीं जा पाती हैं। अन्य बाजाराें में सुभाष चाैक, सर्राफा बाजार, बजाजा बाजार, हाेपसर्कस, बस स्टैंड राेड, घंटाघर सब्जी मंडी, विकास पथ, नगर परिषद के आसपास, केडलगंज, तेजमंडी स्टेशन राेड, नंगली सर्किल, मालाखेड़ा बाजार, मुंशी बाजार, काशी राम सर्किल, भगतसिंह से रेलवे आेवरब्रिज से लेकर अग्रसेन सर्किल मंडी माेड़ तक, अंबेडकर सर्किल से जेल का चाैराहा तक व मनुमार्ग सहित अन्य स्थानों पर सुविधाघर नहीं हैं।

मुख्य सफाई निरीक्षक का दावा
मुख्य सफाई निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि शहर में 36 बड़े सुविधाघर विभिन्न स्थानाें पर हैं। इसके साथ ही 180 छाेटे सुविधाघर हैं। जब उनसे सवाल किया गया कि बाजाराें में कितने सुविधाघर हैं ताे वे जवाब नहीं दे पाए।

महिलाएं बोलीं-हमें आधी-अधूरी खरीदारी कर घर लौटना पड़ता है
महिलाओं का कहना है कि कई बार तो हमें आधी-अधूरी खरीदारी कर घर लौटना पड़ता है। जिम्मेदारों को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए। घर से बाजारों में निकलने के बाद खरीदारी में तीन से चार घंटे का समय लगता है। इस दाैरान महिलाओं काे सुविधाघर की जरूरत हाेती है, लेकिन बाजाराें में सुविधाघराें का अभाव है। एक महिला का कहना है कि घर की तरह हर बाजार में सुविधाघर हाेना चाहिए। स्वच्छता काे लेकर बातें ताे बड़ी हाेती हैं पर स्वच्छता के लिए नगर परिषद की प्लानिंग ही फेल है।

इसी कारण बाजाराें में महिलाएं परेशान हाेती हैं। वार्ड 49 की पार्षद कमला सैनी कहती हैं कि बाजाराें में महिलाओं के लिए सुविधाघर हाेने चाहिए। इस मामले वे नगर परिषद की बैठक में रखेंगी। पूर्व पार्षद अंजू शर्मा का कहना है कि इस मुद्दे काे हमने नगर परिषद में उठाया था। जहां सुविधाघर बने हैं, वहां लाेगाें ने अपनी दुकानंे बना ली। ऐसे में महिलाएं परेशान होती हैं

यह सही है कि बाजाराें में महिलाओं के लिए सुविधाघराें की समस्या है। इसे दूर करने के लिए कुछ स्थान चिंहित किए गए हैं। घंटाघर सब्जी मंडी में स्थान चिंहित किया है। अन्य बाजाराें में सर्वे कराया जा रहा है। स्थानाें का चयन कर समस्या काे दूर किया जाएगा। कंपनी बाग के गेट पर बने सुविधाघर की रेट कम कर उसका ठेका भी दिया जा रहा है।- कमलेश मीणा, आयुक्त नगर परिषद

मैंने अपने कार्यकाल में 278 छाेटे सुविधाघर बनवाए थे। कंपनी बाग के गेट सहित अन्य स्थानाें पर सुलभ सुविधाघर बनावाए। तीन चलित सुविधाघर भी मंगवाए थे।- अजय अग्रवाल, पूर्व सभापति

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