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कोरोना की दूसरी लहर:फेफड़ों पर अटैक कर रहा है कोरोना, डॉक्टर बोले- संक्रमण में अब ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत

अलवर9 दिन पहलेलेखक: राजकुमार जैन
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शहर के शिवाजी पार्क के 31 वर्षीय युवक की एचआरसीटी रिपाेर्ट में 70 प्रतिशत काेराेना संक्रमण मिला है। ये माेडरेट श्रेणी का मरीज है। - Dainik Bhaskar
शहर के शिवाजी पार्क के 31 वर्षीय युवक की एचआरसीटी रिपाेर्ट में 70 प्रतिशत काेराेना संक्रमण मिला है। ये माेडरेट श्रेणी का मरीज है।
  • सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की मार्च से अब तक की 80 सीटी स्कैन में से 60 में मिला संक्रमण

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण फेफड़ों पर तेजी से अटैक कर रहा है। ऐसे भी मरीजों की संख्या अधिक है, जिनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एचआरसीटी (सीटी स्कैन) में खतरनाक संक्रमण लोड मिल रहा है। सरकारी और प्राइवेट सेंटरों की एचआरसीटी की माइल्ड रिपोर्ट में मिल रहे चकते फेफड़ों में फाइब्रोसिस के संकेत हैं, जो मरीज के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

एचआरसीटी की ऐसी रिपोर्ट आगामी दिनों में पोस्ट कोविड के मरीजों की संख्या बढ़ाएंगी। ऐसे मरीज स्वस्थ होने के बाद भी सांस लेने में दिक्कत, बदन टूटने और कमजोरी के लक्षणों से परेशान रहेंगे। जबकि कोरोना के पहले दौर में माइल्ड रिपोर्ट में फेफड़े बिलकुल साफ थे और उनमें खतरे की कोई आशंका नहीं थी। अब हालात बदल रहे हैं। चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी और प्राइवेट सेंटर की मार्च से अब तक की एचआरसीटी की 80 मरीजों की रिपोर्ट में से 60 में संक्रमण मिला है।

इनमें फेफड़ों में 80 फीसदी तक संक्रमण मिला है। इन 20 से 70 साल तक के मरीजों में ज्यादातर शहर के शिवाजी पार्क, बुध विहार, सकीम-2 और रामगढ़ क्षेत्र के हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों ने एचआरसीटी के बाद आटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं कराई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल छह महीने में 2109 एचआरसीटी रिपोर्ट की समीक्षा की गई, जिनमें से 987 में माइल्ड, 746 में मोडरेट और 376 में सीवियर कोरोना का संक्रमण मिला।

तीन लोगों की एचआरसीटी रिपाेर्ट, जिनके फेफडाें में 65 से 70 प्रतिशत संक्रमण मिला

शहर के स्कीम 2 के 62 वर्षीय व्यक्ति की एचआरसीटी है, जिसमें फेफड़ों में 65 प्रतिशत संक्रमण है। ये माेडरेट श्रेणी का मरीज है।

शहर के शिवाजी पार्क के 31 वर्षीय युवक की एचआरसीटी रिपाेर्ट में 70 प्रतिशत काेराेना संक्रमण मिला है। ये माेडरेट श्रेणी का मरीज है।

कोविड के लक्षण आते ही जरूर कराएं जांच
कोरोना की दूसरी लहर में अभी होम क्वारेंटाइन में ही ज्यादातर मरीजों का इलाज हो रहा है। सामान्य अस्पताल के आईसीयू में 5 और कोविड वार्ड में 2 मरीज भर्ती रहे हैं। ये सभी मरीज सांस में दिक्कत, कमजोरी और खांसी बढ़ने पर भर्ती हुए हैं। इनमें संक्रमण का प्रभाव अधिक बढ़ा है। माइल्ड रिपोर्ट वाले मरीजों में भी निमोनिया आ रहा है, जो फेफड़ों में संक्रमण फैलने के संकेत हैं। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन थैरेपी की जरूरत पड़ती है। अब संक्रमण में सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क लगाने, डिस्टेंसिंग और हाथ धोने के संक्रमण से बचाव के तरीकों को जरूरत अपनाएं। खांसी ज्यादा है तो फेफड़ों में संक्रमण का पता करने के लिए एचआरसीटी करा सकते हैं।
- डॉ. विष्णु गोयल, चेस्ट फिजीशियन

एचआरसीटी से ही पता चल रही फेफड़ों की हकीकत
मैंने मार्च से अब तक 80 से अधिक एचआरसीटी की रिपोर्ट की हैं। दूसरी लहर में संक्रमण का असर ज्यादा मिला है। जुकाम-खांसी के लक्षणों में पॉजिटिव मिल रहे कई मरीजों की एचआरसीटी रिपोर्ट बेहद खतरनाक आई हैं, यानी संक्रमण लोड काफी मिला है। एचआरसीटी की माइल्ड रिपोर्ट में भी चकत्ते मिल रहे हैं, जो फेंफड़ों में फाइब्रोसिस के संकेत हैं। अगर संक्रमण की आशंका है तो सीटी स्केन से ही फेफड़ों की हकीकत स्थिति सामने आएगी, जिससे मरीजों का उसी तरह इलाज हो सकता है। एचआरसीटी से 15 मिनट में पूरा रिजल्ट डॉक्टर को मिल जाता है, जबकि आरटीपीसीआर सिर्फ निगेटिव-पॉजिटिव तक ही सीमित है। अब भीड़ में जाने से बचने की जरूरत है।
- डॉ. गगन जायसवाल, रेडियोलॉजिस्ट

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