• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Alwar
  • The Doctor Told That The Birth Was Around 5 O'clock, The Police Arrived At 7 In The Morning, Brought It To The Hospital At 7.30 Pm, The Girl's Breathing Is Going On.

कचरे में मिली नवजात:जन्म के 2 घंटे बाद ही लोगों को कपड़े में लिपटी मिली, शरीर पर आई खरोंचें; सांस लेने में थोड़ी दिक्कत, लेकिन स्वस्थ

अलवर3 महीने पहले
नवजात जिसे पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।।

सूरज उगने से पहले मंगलवार को एक नवजात बच्ची को कचरे में फेंक दिया गया। नवजात को बचाने में भिवाड़ी के शेखपुर अहीर थाने की पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी। सूचना मिलने पर 15 मिनट में पुलिस गांव पहुंची। अगले 15 मिनट में नवजात को अस्पताल पहुंचा दिया गया। जिसके कारण नवजात की सांसें चल रही हैं।

यह घटना अलवर के भिवाड़ी के रबाना गांव की है। जहां सुबह करीब 5 से 7 बजे के बीच नवजात को कचरे में फेंक दिया गया। उसके रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस नवजात को अस्पताल लेकर आई। अभी नवजात की सांसें चल रही हैं। डॉक्टर ने बताया कि नवजात सुबह 5 बजे के आसपास जन्मा है। जिसका ग्रामीणों को सुबह 7 बजे पता चला।

तिजारा सीएचसी में डॉक्टर के इलाज के दौरान नवताज।
तिजारा सीएचसी में डॉक्टर के इलाज के दौरान नवताज।

घरों के पीछे कचरे से आई रोने की आवाज
रबाना गांव में पुलिस मित्र अकबर व पूर्व सरपंच ने बताया कि गांव में गली व घरों के पीछे कचरा पड़ा रहता है। वहां कचरे के अंदर से रोने की आवाज आई तो गांव के लोगों ने देखा। कपड़े में लिपटी नवजात पड़ी मिली। करीब दो घंटे से वहां पड़ी होने की आंशका है। इस बीच कचरे में पड़े होने के कारण नवजात के शरीर पर कई जगह खरोंच के निशान हैं।

पुलिस 15 मिनट में पहुंची
शेखपुर अहीर थाना एसएचओ रामकिशोर ने बताया कि सबसे पहले गांव के राजेंद्र व रविप्रकाश को नवजात के पड़े होने का पता लगा। उनके जरिए पुलिस मित्र अकबर को जानकारी मिली। उसने पुलिस थाने में सूचना दी। इसके करीब 15 मिनट बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और बालिका को अगले 15 मिनट में सीएचसी तिजारा में भर्ती करा दिया। वहां डॉक्टर ने बताया कि नवजात को सांस लेने में थोड़ी दिक्कत आ रही है, लेकिन वह स्वस्थ है। कुछ देर इलाज के बाद नवजात को अलवर चिल्ड्रन सेंटर के लिए रैफर कर दिया।

नवताज को पुलिसकर्मी इस तरह गोद में लिए खड़ा रहा।
नवताज को पुलिसकर्मी इस तरह गोद में लिए खड़ा रहा।

पहले दिन दिल्ली की मासूम को बचाया
भिवाड़ी पुलिस ने दो दिन में दो मासूम को बचाने का काम किया है। पहले दिन दिल्ली से अपहरण कर लेकर आई तीन साल की बेटी को मेड से बचाया। उसे भिवाड़ी के खुशखेड़ा में पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में बिजनेसमैन पति-पत्नी को उनकी बेटी सौंप दी गई। उसके कुछ घंटे बाद ही पुलिस की तत्परता ने नवजात की जान बचाई है। भिवाड़ी एसपी राममूर्ति जोशी का कहना है कि पूरी टीम स्फूर्ति से काम करती है तो बेहतर परिणाम आते हैं। भिवाड़ी में हमारा यही प्रयास है।

खबरें और भी हैं...