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  • The Dreaded Truth Of Kovid Care Centers Amidst Breathlessness, If There Is No Oxygen, Then Somewhere The Center Hangs Itself.

भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:टूटती सांसों के बीच कोविड केयर सेंटरों का डरावना सच, कहीं ऑक्सीजन नहीं तो कहीं सेंटर पर ही ताला लटका

अलवरएक महीने पहले
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इस फोटो प्रयोग से समझें सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की हकीकत - Dainik Bhaskar
इस फोटो प्रयोग से समझें सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की हकीकत

कोरोना के रोजाना करीब 1000 से ज्यादा केस और औसतन 20 मौतों के बाद अव्यवस्थाओं पर घिरी सरकार व प्रशासन जिले में डेडीकेटेड कोविड सेंटर बना 234 कोविड बैड जोड़ने का दावा कर रहा है। इनमें काफी ऑक्सीजन बैड भी हैं। इसके बावजूद ज्यादतर सेंटरों से मरीजों को रैफर किया जा रहा है। कुछ पर तो ताला लटका है। इन हालातों की वजह जानने के लिए भास्कर टीम सेंटरों पर पहुंची तो हालात डराने वाले निकले।

अफसरों की कागजी प्रबंधन की पोल खोलते दिखे। सेंटरों पर दावे जितने बैड और कोविड मरीजों के लिए जरूरी जांच करने के इंतजाम नहीं मिले। कहीं ऑक्सीजन सिलेंडर हैं तो कंसनट्रेटर के बिना वे बेकार पड़े हैं। डॉक्टर, स्टाफ व छोटे-छोटे उपकरणों की कमी से मरीज अलवर-जयपुर भेजे जा रहे है। मुंडावर सीएचसी में कोविड डेडीकेटेड हैल्थ सैंटर पर तो ताला लगा मिला। टीम को देख मेल नर्स ने ताला खोला।

इधर, अफसर सुविधाएं जुटा देने का झांसा महामारी से जूझते जिले को देने में नहीं हिचक रहे। डेडीकेटेड कोविड सेंटरों के हालात पर भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए सच, जो अपना जीवन बचाने के लिए आपको पता होना चाहिए।

रामगढ़ : 6 में से सिर्फ एक बैड पर ऑक्सीजन, डॉक्टर नदारद : स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में रामगढ़ कस्बा स्थित कस्तूरबा गांधी कोविड केयर सेंटर पर आइसोलेशन बैडों की संख्या 30 और ऑक्सीजन बैड की 6 बताई गई है, लेकिन भास्कर ने हकीकत की पड़ताल की तो मौके पर 7 कमरों में 21 ही बैड मिले। इनमें भी 13 बैड पर गद्दे तो क्या चादर तक नहीं मिली।

कोविड हेल्थ केयर सेंटर प्रभारी डॉ बाबूलाल प्रभारी का कहना है कि कई कमरों के पंखे खराब हैं। टॉयलेट गंदे हैं, ना इनमें लाइट है और ना पानी उपलब्ध है। ऑक्सीजन सिलेंडर सिर्फ एक बेड पर था, लेकिन भास्कर पहुंचा तो आनन-फानन में क्वारंटीन सेंटर पर रखा एक और सिलेंडर मंगवाए गए। जबकि 5 बैड पर ऑक्सीजन नहीं है।

चिंता की बात ये है कि इन दोनों सिलेंडर के खाली हो जाने पर इनके स्थान पर दूसरा सिलेंडर तब तक नहीं लगाया जा सकता। जब तक खाली हुए सिलेंडर को ही दुबारा भरवाकर नहीं लाया जाए। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि मरीजों की जान के प्रति सरकार के इंतजामों की गंभीरता कितनी कम है। यहां तीन शिफ्ट में 3 डॉक्टरों की ड्यूटी है, लेकिन मौके पर एक भी नहीं था। सिर्फ एक एएनएम रुकसाना और एक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मिले। भास्कर के पहुंचने की सूचना पर डॉ. ज्योति मौके पर पहुंचे। यहां 3 रोगी भर्ती हैं। कोई रैफर नहीं किया।

अल्पसंख्यक छात्रावास के क्वारंटीन सेंटर में रखे एक और आक्सीजन सिलेंडर को कोविड सेंटर में मंगवाया है। इस प्रकार अब यहां दो छोटे सिलेंडर हैं।
-डॉ अमित राठौड़, बीसीएमओ रामगढ़

राजगढ़ : 10 ऑक्सीजन बैड के लिए सिर्फ 1 सिलेंडर : सीएचसी के कोविड डेडीकेटेड सेंटर के पुरुष वार्ड में 16 तथा महिला वार्ड में 14 बैड हैं। इनमें 10 ऑक्सीजन बैड हैं, लेकिन सिर्फ एक ही सिलेंडर मौजूद था। भास्कर रिपोर्टर पहुंचे तो अफसरों ने कहा कि ऑक्सीजन के 15 सिलेंडर की डिमांड भेजी गई है। कन्सनटेटर की व्यवस्था नही हैं। तीनों सीएचसी टहला, सकट व राजगढ़ 4-4 चिकित्सक व स्टाफ उपलब्ध है। फिलहाल कोई मरीज भर्ती नही है।

पिनान : 30 बैड के सेंटर में 12 ही तैयार, मरीज ही भर्ती नहीं : सीएचसी में कोविड डेडीकेटेड कुल 30 बैड हैं। इनमें 12 ही तैयार मिले। 3 बैड पर ऑक्सीजन सुविधा और कुल 7 छोटे-बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। बैड तक सप्लाई की व्यवस्था है। अस्पताल में दो डाक्टर व दो नर्सिंग स्टाफ 6 शिक्षकों की ड्यूटी लगा रखी है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि अभी तक यहां कोई मरीज भर्ती नहीं किया गया है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कोविड केयर सेंटर का भी यहीं हाल है।

बानसूर : ऑक्सीजन के 32 सिलेंडर लेकिन बैड तक पाइपलाइन ही नहीं : कस्बे में 3 कोविड सेंटर हैं। इनमें कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में 40, सीएचसी बानसूर में 12 तथा बानसूर अस्पताल में 40 बेड हैं। तीनों में कुल 33 ऑक्सीजन बैड हैं। तीनों जगह कुल 32 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं, लेकिन बैड तक सप्लाई के लिए सेंट्रल पाइप लाइन नहीं है।

विधायक शकुंतला रावत ने इसके लिए 37 लाख रुपए दिए हैं। कोविड केयर सेंटर पर 13, डीसीएचसी पर 8 डीसीएच पर 15 का स्टाफ है। तीनों जगह पर 12 डॉक्टर है। दो सेंटरों में कोई मरीज भर्ती नहीं है। जबकि डीसीएच में भर्ती हुए 21 मरीजों में 5 गंभीर स्थिति के कारण रैफर किए गए हैं।
थानागाजी : सिर्फ 2 बैड पर ऑक्सीजन, आइसोलेशन सेंटर बंद पड़ा : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर में 9 बैड हैं। इनमें सिर्फ ऑक्सीजन बेड 2 हैं और छोटे-बड़े 6 सिलेंडर उपलब्ध मिले। 4 डॉक्टर व 4 नर्सिंग स्टाफ वार्ड में ड्यूटी पर मिले। दो कोरोना संदिग्ध रोगी भर्ती हैं। बीसीएमओ योगेश ने बताया कि कुछ दवाएं कम हैं। इनकी मांग भेजी हुई है। अब तक दो मरीज भर्ती किए थे। सीएचसी से 5 मरीज रैफर किए हैं। सरकारी आईटीआई को आइसोलेशन सेंटर मरीज नहीं होने से बंद है। लाहाका बास देव नारायण छात्रावास में 40 बेड का क्वारंटीन सेंटर चालू है।

खैरथल : सुविधाएं ठीक तो हरियाणा से मरीज आए : सैटेलाइट हाॅस्पिटल में बने डेडिकेटेड काेविड हैल्थ सेंटर में 20 बैड हैं। सभी पर ऑक्सीजन उपलबध। वार्डों में एसी लगे हैं। 23 अप्रेल से अब तक 16 काेविड रोगी भर्ती हुए। इनमें 5 डिस्चार्ज। एक मरीज अलवर रैफर किया। वर्तमान में भर्ती सभी मरीज ऑक्सीजन पर हैं। इऩमें तीन हरियाणा के हैं। कुल 11 छाेटे- बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध। जबकि 10 खाली सिलेंडर भरने को भिवाड़ी भेजे हुए हैं। तीन डाॅक्टर सहित 17 कर्मी काेविड वार्ड में डयूटी पर हैं।

लक्ष्मणगढ़ : कोविड वार्डों में पानी तक नहीं, 12 बैड पर सिर्फ 4 सिलेंडर : कुल 12 बैड लगे हैं। कुल 4 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध। वार्ड में 3 डॉक्टर की ड्यूटी, 2 उपस्थित मिले। मरीज भर्ती नहीं होने से नर्सिंग स्टाफ अस्पताल में ड्यूटी दे रहा था। कोविड संबंधी दवाओं कुछ दवाओं की डिमांड भेजी हुई है। वार्ड में पीने का पानी उपलब्ध नहीं। ना कोई मरीज भर्ती किया गया ना ही रैफर हुआ।

रिपाेर्ट : महेंद्र गोपालिया, महेंद्र अवस्थी, मुकेश मिश्रा, गोपेश शर्मा, संजीव शर्मा, चन्द्रप्रकाश, मनोज योगी

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