लाेगाें के स्वास्थ्य से खिलवाड़:दूध में मिलावट का खेल...दाे बार पकड़े जाने के बाद 35 समितियाें ने सरस डेयरी काे फिर शुरू की सप्लाई

अलवर11 दिन पहले
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अलवर सरस डेयरी। - Dainik Bhaskar
अलवर सरस डेयरी।

अति संवेदनशील अलवर जिले में दूध में मिलावट हाे रही है और पकड़े जाने पर जुर्माना देकर जुर्म काे रफा-दफा भी किया जा रहा है। अलवर सरस डेयरी ने 3 साल में 166 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियाें के दूध में मिलावट पकड़ी और दाे बार मिलावट पकड़ने पर समितियाें काे बंद भी किया, लेकिन राजस्थान काे-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन (आरसीडीएफ) के नियमाें का फायदा उठाकर इन समितियाें ने फिर से डेयरी काे ही दूध आपूर्ति शुरू कर दी, क्याेंकि डेयरी मिलावटखाेराें पर शिकंजा कसने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमाें काे नहीं मान रही है।

यही कारण है कि प्रदेश के 21 जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघाें (सरस डेयरियाें) ने अभी तक खाद्य सुरक्षा अधिकारियाें के माध्यम से एक भी सैंपल नहीं कराया है। डेयरी द्वारा पहली बार मिलावट पकड़ने पर 5 हजार और दूसरी बार पकड़ने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाता है। गत 3 साल में सरस डेयरी ने 166 समितियाें के दूध में मिलावट पकड़ी।

इनमें से करीब 70 समितियां दूसरी बार मिलावट के मामले में पूरी तरह बंद ताे कर दी, लेकिन डेयरी ने आरसीडीएफ के मिलावट के खिलाफ नरम नियमाें काे आधार बनाकर 500 रुपए के स्टांप पर भविष्य में मिलावट नहीं करने के शपथपत्र लेकर 35 समितियाें से फिर दूध लेना शुरू कर दिया और समितियाें काे जब्त दूध का भुगतान भी कर दिया। इन समितियाें के दूध का न ताे एफएसएसएआई के नियमाें के तहत सैंपल कराया और न ही मिलावटखाेराें के खिलाफ पुलिस में रिपाेर्ट दर्ज कराई गई है।

दूध में पकड़ी स्टार्च और यूरिया की मिलावट
दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां दूध में फैट बढ़ाने के लिए यूरिया, स्टार्च, चीनी, नमक, ईजी आदि की मिलावट कर सरस डेयरी काे दूध सप्लाई करती हैं। स्टार्च और यूरिया मानव स्वास्थ्य के लिए घातक हैं। फिर भी डेयरी मिलावट पकड़ने पर मामूली जुर्माना वसूलकर उन्हें माफ कर रही है।

10 उदाहरण : दाे बार मिलावट पकड़ने पर समितियां बंद की व फिर शुरू कर दी

  • बल्लूबास दुग्ध सहकारी समिति काे 16 सितंबर 2019 काे बंद कर दिया अाैर 9 नवंबर 2019 काे शुरू कर दिया।
  • अजीतपुर दुग्ध सहकारी समिति काे 17 अप्रैल 2019 काे बंद कर दिया, लेकिन अारसीडीएफ के निर्देशाें के तहत फिर शुरू कर दिया।
  • बगड़ राजपूत दुग्ध सहकारी समिति काे 24 मई 2019 कर बंद कर दिया और 1 नवंबर 2019 काे फिर शुरू कर दिया।
  • ढेलावास दुग्ध सहकारी समिति काे 22 जून 2019 काे बंद कर दिया और 28 नवंबर 2019 काे शुरू कर दिया।
  • चांदाेली दुग्ध सहकारी समिति काे 3 जुलाई 2019 काे बंद कर दिया और 16 नवंबर 2019 काे फिर शुरू कर दिया।
  • गुड़ा रामपुरा दुग्ध सहकारी समिति काे 10 मई 2019 काे बंद कर दिया और 16 जनवरी 2020 काे फिर शुरू कर दिया।टेहडकी दुग्ध सहकारी समिति काे 6 नवंबर 2019 काे बंद कर दिया और 25 नवंबर 2019 काे फिर से शुरू कर दिया।
  • इस्लामपुर दुग्ध सहकारी समिति काे 9 नवंबर 2019 काे बंद किया और 28 नवंबर 2019 काे ही शुरू कर दिया।
  • सेडू का नगला दुग्ध सहकारी समिति काे 24 नवंबर 2019 काे बंद किया और 7 दिसंबर 2019 काे शुरू कर दिया।
  • बर्डाेद दुग्ध सहकारी समिति काे 10 मई 2019 काे बंद कर दिया और 24 नवंबर 2019 काे फिर से शुरू कर दिया।

सीएमएचओ से सीधी बात
सवाल : क्या सरस डेयरी पर एफएस एसएआई के नियम लागू हाेते हैं?
जवाब : सरस डेयरी सहित खाद्य पदार्थ का भंडारण, बेचने, बनाने और ट्रांसपाेर्ट करने वाले सभी एफएसएसएआई के दायरे में आते हैं।
सवाल : स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेयरी में कार्रवाई क्याें नहीं की जाती है?
जवाब : डेयरी में प्लांट से हर बार सैंपल लिए जाते हैं। दीपावली से पहले तड़के 4.30 बजे डेयरी में पहुंचकर ग्रामीण क्षेत्राें से अाने वाले दूध के टैंकराें से भी सैंपल लिए गए।
सवाल : मिठाई विक्रेताओं औरदूधियाें की कैनाें से लिए दूध के सैंपल फेल हाेने पर दंड का क्या प्रावधान है?
जवाब : अगर खाद्य एवं मानक प्रयाेगशाला में दूध का सैंपल फेल हाेने पर अनसेफ आता है ताे इसका चालान ज्यूडिशियल काेर्ट में पेश किया जाता है। सब स्टैंडर्ड आने पर एडीएम काेर्ट में जुर्माने पर फैसला हाेता है।

आरसीडीएफ के नियमाें में प्रावधान के कारण पहली और दूसरी बार मिलावट पकड़ने पर समितियाें काे बहाल करने का नियम है। अलवर डेयरी प्रबंध संचालक मंडल की ओर से पहली बार 5 हजार और दूसरी बार 10 हजार रुपए जुर्माना वसूलने का नियम है। तीसरी बार मिलावट पकड़े जाने पर समिति काे पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम से भी सैंपलिंग कराई जाएगी-महेश शर्मा, एमडी, सरस डेयरी

डेयरी ने अपने स्तर पर दूध में मिलावट की जांच करने के साथ पकड़े जाने पर जुर्माना लगाने के नियम बना रखे हैं, लेकिन उन्हाेंने मिलावट पकड़ी ताे उसमें से एफएसएसएआई के नियमाें के तहत कभी सैंपल नहीं कराया है-डाॅ. ओपी मीणा, सीएमएचओ

  • पहली बार मिलावट पकड़े जाने पर दूध नष्ट किया जाएगा और भुगतान जब्त किया जाएगा। समिति की ओर से फिर जांच कराने के लिए सैंपल सुरक्षित रखा जाएगा। लेकिन फिर भी मिलावट हाेने पर सचिव काे लिखित में चेतावनी दी जाएगी और सचिव व प्रबंध कारिणी के संयुक्त शपथपत्र पर दूध की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी और जब्त भुगतान समिति काे जारी कर दिया जाएगा।
  • दूसरी बार मिलावट पकड़े जाने पर भुगतान जब्त कर दूध नष्ट किया जाएगा। समिति की ओर से फिर से जांच कराने के लिए सैंपल सुरक्षित रखा जाएगा। फिर भी जांच में मिलावट हाेने पर समिति काे बंद कर दिया जाएगा। समिति की बैठक आयाेजित कर सचिव व सदस्याें की ओर से 500 रुपए के स्टांप पर भविष्य में दूध में मिलावट नहीं करने का शपथपत्र देकर 7 दिन में दूध की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। भुगतान भी हाे जाएगा।
  • तीसरी बार मिलावट पकड़े जाने पर समिति काे बंद कर भुगतान जब्त किया जाएगा और मिलावटी दूध काे नष्ट किया जाएगा। इसकी सूचना आरसीडीएफ काे भी दी जाएगी।
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