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ऑक्सीजन का संकट:अस्पताल ने बाेर्ड पर लिखा-ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिल रही, इसलिए हम कोविड मरीजों का इलाज नहीं कर रहे

अलवर5 दिन पहले
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धरने पर बैठे विधायक संजय शर्मा व अन्य। - Dainik Bhaskar
धरने पर बैठे विधायक संजय शर्मा व अन्य।
  • कलेक्टर चैंबर में धरने पर बैठे विधायक, श्रम मंत्री जूली ने कहा-विधायक ऑक्सीजन के लिए मोदी से बात क्यों नहीं करते

ऑक्सीजन काे लेकर अलवर में आपातकाल की स्थितियां पैदा हाे गई हैं। इस कारण सोमवार को एक सानिया अस्पताल को अपने मरीजों को कहना पड़ा कि वह शाम 6 बजे बाद इलाज नहीं कर पाएगा, साथ ही अस्पताल के बाहर बोर्ड भी लगा दिया कि अब वे इलाज नहीं कर पाएंगे। ऑक्सीजन की अव्यवस्था पर विधायक संजय शर्मा कलेक्टर चैंबर में धरने पर बैठ गए। करीब साढ़े 6 घंटे के धरने के बाद कलेक्टर ने विधायक को आश्वासन दिया है कि कल से कोई कमी नहीं आएंगी।

उधर श्रममंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि विधायक राजनीति कर रहें है। ऑक्सीजन केंद्र का मैटर है इसलिए उन्हें मोदी सरकार और अपने सांसद से इस बारें में बात करनी चाहिए। फिलहाल ऑक्सीजन काे लेकर की गई व्यवस्थाएं फेल होती नजर आ रही है। शहर में ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीज बढ़ते जा रहे है और व्यवस्थाएं लगभग समाप्ति की ओर है। इन्ही हालाताें के बाद अलवर के सानिया हॉस्पिटल ने ताे दाेपहर में अस्पताल के गेट पर बाेर्ड लगा दिया कि प्रशासनिक फेल्याेर के कारण हमारे अस्पताल काे ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं मिल पा रही है और इसलिए अस्पताल काेविड मरीजों का इलाज नहीं कर रहा है।

हाॅस्पिटल द्वारा इस तरह का बाेर्ड लगाने की सूचना प्रशासन तक पहुंचने के बाद भी अधिकारी काेई हरकत में नहीं आए। देर शाम शहर विधायक संजय शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नरूका, पूर्व जिला महामंत्री दिनेश गुप्ता, जिला मंत्री जितेंद्र राठौड़, प्रमोद विजय, मनोज शर्मा के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से मरीजों काे ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की मांग की। संतोषपूर्ण जवाब नहीं मिलने के बाद शहर विधायक संजय शर्मा अपने पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर चैंबर में ही जमीन पर ही धरने पर बैठ गए। इस बीच कलेक्टर खाना खाने के लिए कुर्सी छाेड़ पीछे चले गए।

काफी देर बात वह लाैटे ताे उन्होंने विधायक से कहा कि आप कुर्सी पर आइए बात करते हैं। विधायक ने आप ताे मरीजों काे बचाओ और ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था कराओ। हमारे पास पहले पानी के लिए लाेग फाेन करते थे अब ताे सुबह-सुबह ऑक्सीजन काे लेकर फाेन आते हैं और लाेग घराें तक पहुंच रहे हैं और गिड़गिड़ा रहे हैं कि हमारा मरीज सीरियस कंडीशन में है कहीं से भी विधायक जी ऑक्सीजन की व्यवस्था कराओ।

इस बीच एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने भी शहर विधायक से कई बार बातचीत के लिए कुर्सी पर बैठने की बात कही ताे विधायक ने उन्हें भी हाथ जाेड़कर मना कर दिया कि मैडम मैं यहां काेई राजनीति के लिए नहीं बल्कि मेरे शहर की जनता काे ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए आया हूं। बात नहीं बनने के बाद एडिशनल एसपी ने मीडियाकर्मियों काे कलेक्टर चैंबर से बाहर भिजवा दिया और अंदर से लाॅक करवा लिया। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम प्रथम रामचरण शर्मा सीएमएचओ काे लेकर सानिया हॉस्पिटल पहुंचे और जांच की। शाम को बीस सिंलेडर और भिजवा दिए गए। इससे पहले दो बार दस दस सिलेंडर भेजें गए।

साढ़े 6 घंटे के धरने के बाद रात करीब 9.30 बजे प्रशासन ने विधायक से वार्ता की और तथ्यात्मक रिपोर्ट रखी। शहर विधायक संजय शर्मा ने कहा कि कलेक्टर ने यह आश्वास्त किया है कि मंगलवार से किसी भी हॉस्पिटल चाहे वह सरकारी हाे या निजी, किसी भी तरह की ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और इसकी व्यक्तिगत माॅनिटरिंग कराएंगे। कलेक्टर ने कहा है कि जहां जितनी जरूरत हाेगी उतनी व्यवस्था कराएंगे। वार्ता के दाैरान कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया के अलावा एसपी तेजस्वनी गाैतम, एडिशनल एसपी सरिता सिंह, श्रीमन मीणा, एडीएम प्रथम रामचरण शर्मा, एडीएम द्वितीय कमलराम मीणा माैजूद रहे।

विधायक की ऑक्सीजन काे लेकर मांग थी ताे हमने कहा है कि उपलब्ध ऑक्सीजन का समान वितरण किया जाएगा इसके लिए अधिकारियाें काे व्यक्तिगत रूप से माॅनिटरिंग के लिए लगाया है। इनका कहना है कि संभागीय आयुक्त काे बता दिया है कि सिनर्जी से हमें ऑक्सीजन कम मिल रही है और भरतपुर काे ज्यादा मिल रही है। हमारे प्रयासों में काेई कमी नहीं है और ना ही हाेगी। सानिया हॉस्पिटल आनॅलाइन डेटा कम फीड कर रहा था इसलिए सप्लाई काे लेकर इश्यू बना था।
-नन्नूमल पहाड़िया ,कलेक्टर

लाइव-आखिर नहीं हो पाया भर्ती

भर्ती नहीं किया ताे तिजारा से आए मरीज सुरेश चंद बाहर आकर बैठे।
भर्ती नहीं किया ताे तिजारा से आए मरीज सुरेश चंद बाहर आकर बैठे।

करीब एक बजे के लगभग हल्ला शुरू हुआ। यहां पर सबसे अधिक वेंटीलेटर व मरीज है परंतु ऑक्सीजन नहीं दी गई तो डॉक्टर तैयब खान ने मरीजों के परिजनों को कह दिया कि शाम 6 बजे तक आप व्यवस्था कर लें मेरे पास उसके बाद ऑक्सीजन नहीं है। इसके बाद से ही मरीजों के परिजन रोने लगे, मीडिया को फोन करने लगे, कई महिलाओं को अपने परिजनों को लेकर बुरा हाल हो गया। शाम को एडीएम के नेतृत्व में एक टीम जांच करने आई तो वहां पर ऑक्सीजन से तड़प रहे एक तिजारा के मरीज के परिजनों ने उनसे अपने इलाज के लिए आग्रह किया परंतु कोई परिणाम नहीं निकला। आखिर करीब तीन घंटे बाद वह मरीज अपनी गाड़ी में बैठकर वापिस चला गया। इसका क्या हाल होगा व कहां होगा, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई।

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