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स्टार्टअप का लोन चुकाने के लिए लूटे 8 लाख:पकड़ने के लिए पुलिस ने 800 CCTV फुटेज खंगाले, दिल्ली से भिवाड़ी आकर लूट की

अलवर3 महीने पहले
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गिरफ्त में बदमाश। - Dainik Bhaskar
गिरफ्त में बदमाश।

अलवर के भिवाड़ी में 25 अक्टूबर को कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारी से 8.70 लाख रुपए की लूट करने वाले दिल्ली के दो युवक निकले। दोनों ने कोरोना से पहले स्टार्ट-अप शुरू किया था। इसके बाद वे एक के बाद दो तीन स्टार्टअप में इन्वेस्ट करते रहे।

इसके लिए करीब 10 लाख रुपए तक का लोन अलग-अलग लोगों से लिया था। नुकसान के बाद वे कर्जा नहीं उतार सके तो भिवाड़ी में रहने वाले एक दोस्त ने लूट की योजना का प्लान बताया। उसी ने बताया था कि वे भिवाड़ी में आसानी से वारदात को अंजाम दे सकते हैं। दोनों ने मिलकर 25 अक्टूबर को लूट की वारदात को अंजाम दिया।

भिवाड़ी पुलिस ने दिल्ली से दोनों युवकों को दबोच लिया है। इसके लिए 9 दिन तक करीब 800 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद पुलिस बदमाशों तक पहुंची। इस खुलासे से पुलिस को अपराधियों के नए ट्रेंड का भी पता लगा है। यह चुनौती और बढ़ गई है कि दिल्ली के बदमाश भिवाड़ी में आकर लूट सहित अन्य अपराधों में बढ़े हैं।

एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि 25 अक्टूबर को मटीला के पास हितेश पंजाबी से बाइक पर आए दो बदमाशों ने हथियार के बल पर 8.70 लाख रुपए लूट लिए थे। मामले में आरोपी सुनील (25) निवासी भरत विहार सेक्टर 15, द्वारिका नई दिल्ली और उसके साथी दीपक (21) निवासी भरत विहार जेजे कॉलोनी द्वारिका नई दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। वारदात में उपयोग ली गई बाइक जब्त की गई है। लूटी गई नकदी की बरामदगी करना शेष है। बदमाशों को पुलिस ने उनके घरों से दबोचा।

80 किलोमीटर के कैमरे खंगाले
एसपी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए दो टीमें गठित की गईं। डीएसटी-1 प्रभारी मुकेश कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने घटनास्थल से लेकर दिल्ली के रोहिणी इलाके तक के करीब 80 किलोमीटर लंबे इलाके के 800 कैमरे दिन-रात एक कर खंगाल डाले।

पुलिस मटीला के कैमरों से कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए भिवाड़ी, धारुहेड़ा, बिलासपुर, पचगांवा, मानेसर, खेडकीदौला टोल, गुरुग्राम के राजीव नगर, इफ्को चौक, एटलस चौक, रजोकरी होते हुए द्वारिका दिल्ली तक बदमाशों को खोजते-खोजते पहुंच गई। द्वारिका के बाद कच्ची बस्ती में सीसीटीवी नहीं होने के कारण यह प्रयास यहीं रुक गया। इन सभी फुटेज में बदमाशों की पहचान नहीं हो पा रही थी।

पेट्रोल पंप से लगा सुराग
आरोपियों का सुराग नहीं मिलने के बाद भी पुलिस ने इनकी तलाश जारी रखी। पुलिस ने दिल्ली से मटीला तक जाने वाले रास्ते के सीसीटीवी खंगाले। जिस पर टीम के गोपीचंद, सत्तार और प्रहलाद को द्वारिकाधीश के पास एक पेट्रोल पंप पर बदमाशों के फुटेज मिले। यहां उनकी बाइक का नंबर भी पुलिस के हाथ लगा।

वारदात से पहले बदमाशों ने उक्त पंप से पेट्रोल लिया था। जहां उन्होंने अपने हेलमेट भी उतारे और पेट्रोल का भुगतान भी डिजिटली किया। साइबर सैल के अवनेश कुमार और संदीप ने बदमाशों के पेटीएम अकाउंट की जानकारी निकालकर उनके मोबाइल नंबर खोज निकाले। फिर पुलिस उन्हें दबोचने रात में ही उनके घरों तक पहुंच गई।

मशक्कत चलती रही
सीसीटीवी खंगालने में पुलिस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कहीं फुटेज क्लियर नहीं थे तो कहीं कैमरों का टाइम रियल टाइम से ऊपर नीचे थे। दुकानदारों, होटलों, ट्रैफिक पुलिस दिल्ली और एमसीडी को विश्वास में लेकर पुलिस ने कैमरों को जांचा।