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ऑक्सीजन लेवल 50 रह गया, मरीज फुटपाथ पर:अलवर में अस्पताल के बाहर बोर्ड लगा दिया ऑक्सीजन नहीं है, मरीज भर्ती नहीं कर सकते, वेंटिलेटर वाले मरीज घबरा रहे

अलवर4 महीने पहले
सानिया अस्पताल के बाहर मरीज। भ

कोराना महामारी का भयानक रूप अलवर में भी सामने आ चुका है। अलवर के सबसे बड़े निजी अस्पताल सानिया हॉस्पिटल ने बाहर बोर्ड लगा दिया कि उनके यहां ऑक्सीजन नहीं है। मरीज भर्ती नहीं कर सकते। सोमवार दोपहर को ही अस्पताल में भर्ती होने दिल्ली से आए एक मरीज का ऑक्सीजन लेवल केवल 50 मिला। मरीज के पिता रवि शंकर कह रहे हैं दिल्ली से यहां आ गया अब कहां जाऊं। महिला परिजन हाथ जोड़कर रोते-गिड़गिड़ाते कह रही है कि हमारा मरीज ऑक्सीजन की बदौलत जिंदा है। नहीं तो मर जाएगा। प्रशासन ऑक्सीजन भिजवाए। यहां अस्पताल के बाहर एक मरीज फुटपाथ पर पड़ा दिखा। जिसे भी भर्ती नहीं किया जा सका है।

सानिया हॉस्पिटल के बाहर लगा नोटिस।
सानिया हॉस्पिटल के बाहर लगा नोटिस।

आइसीयू में भर्ती मरीज घबरा रहे
इस अस्पताल में 12 वेंटिलेटर हैं। करीब 50 से अधिक मरीज कोरोना के भर्ती हैं। जैसे ही कोरोना के आइसीयू में भर्ती मरीज व उनके परिजनों को पता लगा है ऑक्सीजन नहीं मिलेगी। इसके बाद कुछ मरीजों के परिजन तो कलेक्टर के पास पहुंच गए। ताकि उनको हकीकत से रूबरू कराया जाए। यहां अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजन भी डरे हुए हैं। असल में जिले में दूसरे अस्पतालों में भी कहीं बैड खाली नहीं है। इस कारण कहीं जा भी नहीं सकते। लेकिन, नए मरीज भर्ती नहीं होने से उनका बचा पाना मुश्किल हो गया है।

सानिया अस्पताल में मरीजों के परिजन।
सानिया अस्पताल में मरीजों के परिजन।

यह सच है यहां सबसे अधिक मरीज
प्रशासन की रिपोर्ट यह बता रही है कि जिले के निजी अस्पतालों में सबसे अधिक अलवर के सानिया हॉस्पिटल कोविड मरीजों के लिए 12 वेंटिलेटर हैं। 100 बैड का अस्पताल है। जिसमें से 38 बैड कोविडऑकसीजन के चिह्नित हैं। मरीज बढ़ने पर अब 50 प्रतिशत मरीज कोविड के भर्ती हो चुके हैं। इसके बावजूद उनको 24 घण्टे में 30 ऑक्सीजन सिलेण्डर दिए जाते हैं। हॉस्पिटल के संचालक डॉ तैयब खान का कहना है कि जिन अस्पतालों में मरीज हमसे आधे हैं। वहां सिलेण्डर हमसे दोगुना से अधिक पहुंचते हैं। प्रशासन के अधिकारियों को मरीजों की संख्या के लिहाज ऑकसीजन वितरण करने की जरूरत है। हमारे यहां ऐसा नहीं है।

ये लिख दिया अस्पताल के बाहर
सानया हॉस्पिटल के बाहर नोटिस लगा दिया कि जिला प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन की सप्लाई में निरंतर कमी करने के कारण हमारा अस्पताल कोविड 19 के मरीजों का उपचार नहीं कर पा रहा है। अत: यहां कोविड के मरीज नहीं लेकर आएं।
दूसरी तरफ कलेक्टर कह रहे ऑक्सीजन की कमी नहीं
एक दिन पहले ही कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने कहा कि अलवर में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। कुछ अस्पताल अफवाह फैला रहे हैं। जिने खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जबकि इधर, अस्पताल संचालक को अस्पताल के बाहर नोटिस लगाना पड़ गया।

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