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वैन से बाला किला की सफारी पर बैन:गुपचुप किराए लेकर ले जाने लगे थे, वन अधिकारियों को पता लगा तो रुकवाया, मिलीभगत के आरोप भी

अलवर12 दिन पहले
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प्रतापबंध चौकी के बाहर खड़ी वैन। - Dainik Bhaskar
प्रतापबंध चौकी के बाहर खड़ी वैन।

अलवर सरिस्का के बफर जोन बाला किला क्षेत्र में गुपचुप स्थानीय टूरिस्ट वैन के जरिए सफारी का लुत्फ उठाने लगे थे। जिसकी शिकायत के बाद वैन को आने-जाने से रोक दिया गया। वन अधिकारियों ने बताया कि उनको बुधवार को ही शिकायत मिली थी। जिसके तुरंत बाद वैन की आवाजाही पर रोक लगा दी है। असल में बाला किला सरिस्का के बफर जोन में आता है। यह अलवर शहर से लगता हुआ है। यहां भी अब जिप्सी से सफारी की सुविधा है। तय शुल्क देकर जंगल की सफारी कर सकते हैं। यहां आसपास काफी संख्या में पैंथर की साइटिंग भी होती है।

जिप्सी की बजाय वैन में किराए से सफारी
असल में बाला किला के आसपास क्षेत्र में जिप्सी से सफारी करने में 1500 से अधिक शुल्क लगता है। एक जिप्सी में 6 लोग जा सकते हैं। इसके अलावा बाहर से अपने वाहनों से आने वाले टूरिस्ट से प्रति वाहन 50 रुपए और शुल्क के 10 रुपए प्रति व्यक्ति लेकर जाने की छूट है। दुपहिया वाहनों को आने-जाने की अनुमति नहीं है। जिसे देखते हुए कुछ वैन संचालकों ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया। जंगल में सफारी के नाम पर मनमर्जी का किराया लेकर ले जाने लगे। वन चौकी पर 10 रुपए प्रति व्यक्ति देकर जाते और वन संचालक सवारियों से मनमर्जी का शुल्क लेने लगा। इसकी शिकायत होते ही वन चौकी पर सख्ती कर दी है।

शिकायत मिलने पर रोका
बाला किला रेंज के रेंजर शंकर सिंह ने बताया कि उनको बुधवार दोपहर को शिकायत मिली थी कि कुछ वैन सवारी लेकर सफारी कराने लगी है। जिसकी जांच कर तुरंत रोक लगा दी है। आगे से इस तरह मनमर्जी से किराए लेकर जाने वाले वाहनों को रोका जाएगा।

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