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5 करोड़ के पैकेज वाला टीचर:एजुकेशन ऐप पर दो साल से कर रहे टीचिंग,  खुद IIT से RAS तक कर चुके हैं क्लियर; अगला लक्ष्य 200 रुपए में गरीब बच्चों की कोचिंग

अलवर2 महीने पहले
अंकित कुमार अवस्थी।

अलवर के अंकित कुमार अवस्थी एक ऑनलाइन एजुकेशन ऐप के टॉप फैकल्टी हैं। जिनका सालाना पैकेज 5 करोड़ है। इस कारण कोरोना में अकेले अंकित ने सरकार को 1 करोड़ रुपए टैक्स दिया है। हाल में आरएएस 2018 के रिजल्ट में उनकी 235वीं रैंक आई है। उनका सपना है जरूरतमंदों को ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन कोचिंग देना। वो भी केवल 200 रुपए में, ताकि अलवर व आसपास के जिलों के गरीब परिवारों के बच्चे भी आरएएस जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकें।

इसकी शुरुआत करने से पहले उनकी 28 सदस्यों की टीम ने वर्किंग शुरू कर दी है। इस टीम को अंकित खुद के वेतन में से हर माह करीब 4 लाख रुपए देते हैं। जो आरएएस के टॉपिक तैयार करने और मैगजीन बनाने सहित कई तरह के कामकाज में सहायता करते हैं। तैयारी करने वाले छात्रों को ऑनलाइन क्लास कराते हैं।

अलवर में अपनी टीम के साथ अंकित।
अलवर में अपनी टीम के साथ अंकित।

अलवर निवासी हैं अंकित

34 वर्षीय अंकित अलवर के पटेल नगर में अपने पिता छैल बिहारी अवस्थी के साथ रहते हैं। उनका पैतृक गांव कठूमर में सौखरी है। उन्होंने महज साढ़े 14 साल में 12वीं, साढ़े 17 साल में बीएससी, साढ़े 19 साल में एमएससी की पढ़ाई पूरी कर ली थी। इसके साथ ऑर्गेनिक कमेस्ट्री से गोल्ड मेडलिस्ट रहे। 20 साल की उम्र में गेट में 41वीं रैंक हासिल की। साल 2010 में आईआईटी कानपुर से एमटेक किया। इसके बाद वर्ष 2011 से 2018 तक कोटा बंसल में हेड ऑफ द डिपार्टमेंट तक पहुंचे। वर्ष 2016 में आरएएस में 525वीं रैक ली। अब 235वीं की रैंक मिली है।

सरकार को एक करोड़ का टैक्स दिया

अंकित 2 साल से ऑनलाइन एजुकेशन ऐप के जरिए पढ़ा रहे हैं। करीब 5 करोड़ रुपए का पैकेज है। 18 प्रतिशत के आधार पर सरकार को 1 करोड़ रुपए टैक्स दिया है। इनके हर लेक्चरर को एक दिन में 10 लाख लोग देखते हैं। सोशल मीडिया पर खुद के यूट्यूब चैनल, फेसबुक अकाउंट हैं। जिस पर लाखों लोग फॉलो करते हैं।

बतौर कंसलटेंसी कर रहे एजुकेट

अंकित बतौर कंसलेंटसी काम करते हैं। ऐप अधिकतर एजुकेटर भी खुद की कंसलटेंसी के जरिए जुड़े हैं। जिनको अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर क्लास लेने का भुगतान होता है। इनके लेक्चर के व्यूज पर भी पैसा घटता-बढ़ता है। बतौर कंसलटेंसी कार्य करने के कारण जीएसटी की कटौती होती है। बाकी अन्य स्कूल व कॉलेजों में टीचर को सैलेरी मिलती है। इनकी सैलेरी अलग-अलग कंपोनेंट को मिलाकर पूरा पैकेज होती है।

ऑनलाइन क्लास के दौरान अंकित।
ऑनलाइन क्लास के दौरान अंकित।

200 रुपए में पढ़ाने का लक्ष्य
अंकित कहते हैं कि 11 साल से टीचिंग करा रहे हैं। काफी पैसा कमाया है। सोशल प्लेटफॉर्म पर मैगजीन से काफी आउटपुट मिलता है, लेकिन एक सपना है कि गांव-देहात के गरीब व जरूरतमंद बच्चों को बड़े पदों की नौकरी तक पहुंचाना। जिसके लिए उनकी प्लानिंग है कि केवल 200 रुपए के रजिस्ट्रेशन से ऑफलाइन कोचिंग में पढ़ाएंगे। जिसके लिए आरएएस के अभ्यर्थियों को कई लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इस काम को जल्दी अंजाम तक पहुंचाना है। देशभर की फैकल्टी उनके संपर्क में हैं। बहुत लोग बतौर सहयोग साथ देने को तैयार हैं। जरूरत के अनुसार पैकेज पर भी फैकल्टी रखेंगे। बड़े अचीवमेंट तक लेकर जाना है। इसमें हमारा अनुभव व आत्मविश्वास काम करेगा। उनकी एक टैग लाइन है। जो हर लेक्चर के आखिर में विद्यार्थियों को बोलते हैं बड़ों का सम्मान करें, छोटों को प्यार दें और अपना व्यक्तित्व इस प्रकार विकसित करें कि महिलाएं आपके साथ सुरक्षित महसूस करें। उनकी दो बेटियां हैं। अलंकृता व अकीरा। दोनों का नाम जुबां पर रहता है। उनके नाम से ही कंपनी बनाई है।

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