बायाेडायवर्सिटी पार्क की बदहाली:4 साल में ही उजड़ने लगा, झरना-फव्वारे बंद

अलवर2 महीने पहले
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बायाेडायवर्सिटी पार्क में बंद कृत्रिम झरना। - Dainik Bhaskar
बायाेडायवर्सिटी पार्क में बंद कृत्रिम झरना।
  • यह पार्क शहर के प्रमुख पार्काें में शुमार है। चार साल पहले बने इस पार्क में बड़ी संख्या में लाेग घूमने आते हैं
  • लेकिन यह पार्क अब प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हो चुका है, यहां पानी व राेशनी के इंतजाम भी नहीं हैं, अधिकारी बोले-पार्क में कुछ कमियां हाे सकती हैं, उन्हें जल्द दूर करेंगे

बायाेडायवर्सिटी पार्क शहर के प्रमुख पार्काें में शुमार है। चार साल पहले बने इस पार्क में राेजाना बड़ी संख्या में लाेग अपने परिवार, दाेस्ताें व रिश्तेदाराें के साथ घूमने जाते हैं। काफी लाेग माॅर्निंग वाॅक के लिए जाते हैं। कभी लाेगाें के आकर्षण का केंद्र रहा यह पार्क अब प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हाे चुका है।

इससे यहां आने वालाें काे परेशानी का सामना करना पड़ता है। पार्क में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है। पार्क में राेशनी की व्यवस्था नहीं हाेने से अंधेरा छाया रहता है। इससे सुबह जल्दी और शाम काे यहां घूमने आने काे परेशानी हाेती है। आने दिनाें में सर्दी में सूर्याेदय भी देरी से हाेगा। पार्क में लगी दाे में से एक बाेरिंग सूख चुकी है। करीब डेढ़ किलाेमीटर लंबे पार्क में घूमने आने वालाें के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। पार्क में बने टाॅयलेट्स की सफाई हुए काफी समय बीत चुका है।

इनमें न ताे पानी है न ही नलाें की टाेंटी लगी हुई है। कई टाॅयलेट के गेट भी टूट चुके हैं। पार्क में लाेगाें का आकर्षण का केंद्र रहा लालखान की पहाड़ी से गिरने वाला झरना और वहां लगे फव्वारे भी लंबे समय से बंद पड़े हैं। बच्चाें के पार्क में झूले टूटे हुए हैं। कुत्ताें का आतंक हाेने से कभी भी लाेग उनके हमले का शिकार हाे सकते हैं। कृत्रिम झरने वाली जगह लगे कचरा पात्र भी अब कचरा बन गए हैं।

मूलभूत सुविधाएं भी नहीं

दिवाकरी निवासी सुनील कुमार राजपूत का कहना था कि इस पार्क की प्रसिद्धि सुनने के कारण परिवार के साथ पहली बार यहां घूमने के लिए आए हैं। यहां आकर देखा ताे मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिली। न पीने के पानी की व्यवस्था है न ही टाॅयलेट साफ हैं। बच्चाें के झूले भी टूटे हुए हैं। प्रशासन काे इस ओर ध्यान देना चाहिए।
पार्क में अव्यवस्थाएं

नयाबास निवासी अंकित मीणा ने बताया कभी यह पार्क लाेगाें के आकर्षण का केंद्र हाेता था। नियमित देखभाल नहीं हाेने के कारण अब यहां अव्यवस्थाओं का आलम है। इससे पार्क की छवि खराब हाे रही है। घूमने आने वाले लाेग परेशान हाेते हैं। राेशनी तक की व्यवस्था नहीं है। पीने का पानी भी नहीं है।

कंपनीबाग में मेंटिनेंस कार्य शुरू

दैनिक भास्कर के 3 अक्टूबर के अंक में हमारा शहर कंपनी बाग : हर राेज जहां हजाराें लाेग सुबह की सैर पर निकलते हैं वहां सबकुछ ठप शीर्षक से समाचार प्रकाशित हाेने पर अब कंपनी बाग में मेंटिनेंस का काम शुरू हाे गया है। पार्क में जहां जहां बड़ी बड़ी घास उगी हुई हैं, वहां कटिंग शुरू हाे गई है। खरपतवार भी काटी जा रही है।

बारिश में पार्क में घास बड़ी हाेने और खरपतवार उगने से वहां घूमने आने वालाें काे परेशानी हाे रही थी। कंपनी बाग के अधीक्षक रामनिवास गाैतम का कहना है पार्क में और जाे भी कमियां भास्कर समाचारपत्र के माध्यम से जानकारी में आई हैं, उन्हें एक-एक कर दूर कर दिया जाएगा जिससे पार्क में घूमने आने वालाें काे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हाे।

यूआईटी ने बायाेडायवर्सिटी पार्क का निर्माण व विकास कार्य कराया है। कुछ कमियां हाे सकती हैं। उन्हें जल्द दूर कर दिया जाएगा। पानी की खराब बाेरिंग ठीक कराई जाएगी। टाॅयलेट की नियमित सफाई और घूमने आने वालाें के लिए पीने की व्यवस्था भी की जाएगी।
-डाॅ. मंजू, सचिव यूआईटी

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