किसान आंदोलन:कई खेमों में बंटा किसान आंदोलन, बेनीवाल ने हिंसा की आशंका जता टाला दिल्ली कूच

शाहजहांपुर2 वर्ष पहले
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हाइवे पर सक्तपुरा में आंदोलनकारी किसान से चर्चा करते रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल। - Dainik Bhaskar
हाइवे पर सक्तपुरा में आंदोलनकारी किसान से चर्चा करते रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल।
  • हाइवे पर 16 दिन से चल रहे आंदोलन में 3 किमी में अलग-अलग पड़ाव, 4 दिन बाद लौटे योगेंद्र यादव

हाईवे संख्या 48 पर शाहजहांपुर बॉर्डर पर 16 दिन से चल रहा किसान आंदोलन रविवार को तीन धड़ों में बंटा दिखाई दिया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल दूसरे दिन अपने समर्थकों के साथ दिल्ली कूच की तैयारी में सक्तपुरा में बैठे रहे। जबकि वामपंथी एवं राजस्थान के किसान संगठन करीब एक किमी आगे बॉर्डर पर अपने खेमों में रणनीति बनाते रहे।

वहां अब अनेक संगठनों के बैनर हटाकर सिर्फ संयुक्त किसान मोर्चे का बैनर लगा दिया गया। पड़ाव स्थल पर रविवार को हुई सभा को स्वराज पार्टी के संयोजक योगेन्द्र यादव, जीएसके के रणजीत सिंह राजू, पूर्व विधायक अमराराम, पूर्व विधायक पवन दुग्गल, किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट, मिहिर आर्मी प्रमुख हिम्मत सिंह गुर्जर, जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील, जिलाध्यक्ष बलबीर छिल्लर, कांग्रेस जिला महासचिव ललित यादव, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीनबंधु शर्मा, विधायक सोना देवी बावरी आदि ने संबोधित किया।

योगेंद्र यादव पिता की मौत के कारण 4 दिन बाद वापस आंदोलन में लौटे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस साल की अंतिम “मन की बात’ का वामपंथी संगठनों ने विरोध किया। तंबू में रह रहे किसानों ने पूर्व विधायक अमराराम चौधरी, अशोक‌ धावडे, जेपी गावते के नेतृत्व में थाली, टाली, ढपली बजाकर विरोध दर्ज कराया।

वहीं आर‌एलपी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी ध्वज के साथ मोदी विरोधी नारे लगाए। उधर, पड़ाव में मौजूद मिहिर आर्मी प्रमुख हिम्मत सिंह गुर्जर कहा कि समाज आगामी हर चुनाव में हरियाणा में भाजपा के खिलाफ वोट डालेगा। आंदोलन स्थल पर कुछ युवा वामपंथी नेता हमें चाहिए आजादी जैसे नारे लगाते भी सुने गए।

बेनीवाल ने कहा-आगे किसान बैठे हैं, मैं बढ़ा तो हिंसा की आशंका

उधर, सक्तपुरा में रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल दिल्ली कूच के लिए बैठे रहे। वामपंथी संगठनों की ओर से उनके आने से हिंसा की आशंका जताई थी। रविवार को इस पर बेनीवाल ने सभा में कहा कि मैं अब बदनामी का दुशाला ओढ़ना नहीं चाहता। आगे की तरफ कई किसान संगठन बैठे हुए हैं। मैं दिल्ली कूच करूंगा तो हिंसा हो सकती हैं। इसी कारण से मैंने अपना दिल्ली कूच आज भी टाल दिया है। हम किसानों की आवाज उठाते हैं। किसानों के साथ हैं। इसीलिए हमने एनडीए का साथ भी छोड़ा है, लेकिन जब मैं दिल्ली के लिए कूच करूंगा तो मुझे कोई नहीं रोक सकेगा।

ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
हाईवे की दोनों पोस्टों पर किसानों के पड़ाव को लेकर शाहजहांपुर कस्बे के 200 फीट रोड पर गुगलकोटा के ग्रामीणों ने शिक्षाविद् रामचरण शर्मा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों ने आंदोलनकारी वापस जाओ, देश के गद्दारों वापस जाओ, भाड़े के किसानों वापस जाओ के नारे लगाए।

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