श्रावण विशेष:एक हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर मंदिर में एक साथ तीन शिवलिंग और भगवान विष्णुजी की खड़गासन प्रतिमा

अरथूना3 महीने पहलेलेखक: अब्दुल कमाल
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अरथूना. गोविंदपुरा के बिल्देश्वर मंदिर में स्थापित तीन शिवलिंग। - Dainik Bhaskar
अरथूना. गोविंदपुरा के बिल्देश्वर मंदिर में स्थापित तीन शिवलिंग।
  • अरथूना के गोविंदपुरा में पहाड़ी पर स्थित बिल्देश्वर मंदिर में धरती, आकाश-पाताल के प्रतीक 3 शिवलिंग की होती है पूजा
  • एक हजार ऊंची पहाड़ी पर बने कुंड में पानी कभी नहीं सूखता है।
  • पहाड़ी पर मंदिर के पास एक गुफा है, जो घोटिया आंबा धाम तक जाती है

गढ़ी उपखंड के अरथूना से 4 किमी दूर गोविंदपुरा गांव में एक हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर एक हजार साल पुराना प्राचीन शिव मंदिर है, जिसे बिल्देश्वर महादेव मंदिर से जाना जाता है। पहाड़ी पर गुफा में स्थित इस मंदिर में तीन शिवलिंग प्रतिष्ठापित हैं, जिन्हें धरती, आसमान और पाताल के रूप में पूजा जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वागड़ में एक ही मंदिर में तीन शिविलिंग वाला यह पहला तीर्थस्थल हैं। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णुजी की शेषनाग युक्त खड़गासन मूर्ति हैं। मंदिर के पास पहाड़ी पर बने कुंड में सालभर पानी रहता है। श्रद्धालु इसी कुंड के पानी से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। श्रावण मास से लेकर कार्तिक मास तक रोज 2 हजार से ज्यादा श्रद्धालु 1 हजार फीट ऊंची पहाड़ी चढ़कर भगवान की पूजा अर्चना और दर्शन के लिए आते हैं।

अरथूना के प्राचीन हनुमान मंदिर के समय का है यह शिव विष्णु मंदिर
लोक मान्यता है कि गोविंदपुरा में पहाड़ी पर स्थित शिव विष्णु मंदिर करीब एक हजार साल पुराने अरथूना के प्राचीन हनुमान मंदिर के समय का है। क्योंकि जिस पत्थर से अरथूना हनुमान की मूर्ति है, उसी पत्थर से इस बिल्देश्वर मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति और शिवलिंग बने हुए हैं। बरसों पहले आदिवासी लोग जंगल में जाकर पूजा पाठ करते थे। तब इस जगह का पता चला है।

प्राचीन मंदिर में स्थापित भगवान विष्णु जी की खड़गासन प्रतिमा।
प्राचीन मंदिर में स्थापित भगवान विष्णु जी की खड़गासन प्रतिमा।

मंदिर तक न पक्की सड़क न पेयजल व्यवस्था

नवाघरा पंचायत के पूर्व सरपंच कन्हैयालाल खांट, पंचायत समिति सदस्य सविता देवी खांट, महंत हमीराजी, नानू भाई, डीलर पूनमचंद्र कतिजा, महेंद्र कुमार, पंकज कुमार, रमेश खांट, रोशन पांडव आदि ने मुख्य मार्ग से लेकर पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पक्की सड़क बनाने, सामुदायिक भवन बनवाने की मांग है ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। स्थानीय लोगों ने बताया कि 2018 में टीएडी मद से 38 लाख रुपए सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत हुए थे, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ।

सिर्फ सड़क पर ग्रेवल बिछाकर छोड़ दिया। बारिश के दिनों में कीचड़ और गड्‌ढाें की वजह से पहाड़ी पर स्थित मंदिर पर भगवान के दर्शन के लिए नहीं जा सकते हैं। पक्की सड़क नहीं होने के कारण श्रद्धालु 1 किमी दूर वाहन खड़े करके पहाड़ी पर चढ़कर मंदिर पहुंचते हैं। उस समय पूर्व मंत्री जीतमल खांट को सड़क बनवाने के लिए आग्रह किया था। इसके बाद अभी स्थानीय गढ़ी विधायक कैलाश मीणा और पूर्व मंत्री व बागीदौरा विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया को भी यहां की समस्या से अवगत कराया है।