सागवाड़ा में सर्वे बाकी, जिला कृषि विभाग ने माना:डूंगरपुर क्षेत्र में 15 प्रतिशत खराबा; खराबे का सर्वे बाकी, इसलिए खेतों में पड़ी-पड़ी काली हुई मक्का

डूंगरपुर2 महीने पहले
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सागवाड़ा के बिलिया बड़गामा गांव में खेत में भरा बारिश का पानी और काली पड़ी फसल। - Dainik Bhaskar
सागवाड़ा के बिलिया बड़गामा गांव में खेत में भरा बारिश का पानी और काली पड़ी फसल।
  • सबसे अधिक मक्का व उड़द में नुकसान

जिले के किसानों के लिए बड़ी राहतभरी खबर है कि पहले मानसून का सूखा और फिर अत्यधिक बारिश से किसानों की फसलों में हुए नुकसान के आंकलन के लिए जिला कृषि विस्तार विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। डूंगरपुर व्रत के सीमलवाड़ा, डूंगरपुर ब्लॉक में सर्वे पूर्ण हो चुका है, वहीं सागवाड़ा क्षेत्र में सर्वे अभी जारी है।

अब तक हुए सर्वे में 5 से 15 प्रतिशत का खराबा मिला है। सबसे अधिक मक्का और उड़द की फसल में नुकसान सामने आया है। वहीं सोयाबीन व अन्य फसल में खराबा कम ही हुआ है। मक्का में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इसलिए है क्योंकि मक्का जब बोई थी तब पानी नहीं बरसा और किसानों ने अपने स्तर से मक्का की सिंचाई कर फसल को ग्रोथ पर ले लिया था। जब मक्का में भुट्टे आ गए तो पानी अत्यधिक मात्रा में बरस गया। खेतों में पानी भर गया, जिससे मक्का के फसल आड़ी होकर गिर गई और भुट्टे खेतों में ही अंकुरित हो गए। 6 अक्टूबर को भास्कर ने किसानों को हुए नुकसान को लेकर खबर प्रकाशित की थी। कृषि विभाग की ओर से इस नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि किस क्षेत्र में कितना नुकसान हुआ है।

सागवाड़ा में 25 अक्टूबर तक सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सरकार को देंगे
जिले में करीब 62 हजार हेक्टेयर में मक्का तथा 12 हजार हेक्टेयर में उड़द की बुवाई की गई है। किसानों ने सरकार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने की मांग की। वहीं अनेक किसानों के फसलों का बीमा नहीं होने से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। ब्लॉक आसपुर, बिछीवाड़ा, चिखली, दोवड़ा, डूंगरपुर, गलियाकोट, झौंथरी, साबला, सागवाड़ा तथा सीमलवाड़ा सहित समूचे जिले के किसानों को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा बिछीवाड़ा क्षेत्र के किसानों के खेतों में नुकसान देखा गया है।

बारिश व रोग से फसलों में नुकसान का आंकलन करने के लिए जिले में सर्वे शुरू कर दिया है। डूंगरपुर वृत के गांवों में सर्वे पूर्ण हो गया है। यहां 5 से 15% खराबा हुआ है। अभी सागवाड़ा वृत में सर्व चल रहा है। 25 अक्टूबर तक सर्वे पूर्ण होकर रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। फिर राज्य सरकार के आदेश के बाद मुआवजा दिया जाएगा।
-गोरीशंकर कटारा, संयुक्त निदेशक, जिला कृषि विस्तार विभाग

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