ऑक्सीजन की कमी से नहीं होगी मौत:कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देख 3 हजार बेड ऑक्सीजन के साथ तैयार

डूंगरपुर12 दिन पहले
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कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर में कोई भी मरीज ऑक्सीजन की कमी से नहीं मरेगा। इसके लिए 3 हजार बेड ऑक्सीजन के साथ तैयार किए गए हैं। जबकि पहली लहर में 100 बेड थे, वहीं दूसरी लहर में 300 थे, जिनको 10 गुना बढ़ाया गया है। अब हमारे जिले में जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की पीएचसी तक ऑक्सीजन बेड हैं।

कलेक्टर सुरेश कुमार ओला व सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा का दावा है कि संभावित तीसरी लहर को लेकर जिले में ऑक्सीजन की भरपूर उपलब्धता कर दी है, मेडिकल ऑक्सीजन, दवाओं की कमी से एक भी मरीज नहीं मरेगा। ऑक्सीजन की उपलब्धता भरपूर करने के लिए ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर व सिलेंडरों पर ही करीब 12 करोड़ रुपया खर्च किया है। यह खर्चा स्वयं सेवी संस्थाओं, भामाशाह व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से हुआ है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज अस्पताल व उप जिला अस्पताल सागवाड़ा में ऑक्सीजन जरनेशन प्लांट अलग से इंस्टाल किए हैं।

ऑक्सीजन उपलब्धता के लिए तीन बड़े काम किए

पहला- बैंक से घर के लिए कंसेंट्रेटर देंगे ताकि अस्पताल में बेड खाली रहे

जिला मुख्यालय सहित सभी पांचों ब्लॉक मुख्यालय पर ऑक्सीजन बैंक बनाए, जहां से कोई भी जरुरतमंद सरकारी डॉक्टर की परामर्श पर्ची पर ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर अपने परिजन के उपयोग के लिए घर ले जा सकेगा। इससे सरकारी अस्पताल में गंभीर मरीज के लिए बेड खाली रखने में काफी सहूलियत होगी।

दूसरा- अस्पताल के सभी बेड्स को ऑक्सीजन प्लांट पर लिया
उप जिला अस्पताल सागवाड़ा, कोविड केयर सेंटर सहित सभी सीएचसी व पीएचसी पर तीन हजार बेड ऑक्सीजन के व्यवस्थित किए हैं। मेडिकल कॉलेज कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू, वेंटीलेटर, बच्चों के लिए एनआईसीयू व पीआईसीयू व्यवस्थित किए हैं। इन सभी बेड्स को सेंट्रल लाइन के जरिए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स से जोड़ा गया है।

तीसरा- 600 सिलेंडर अतिरिक्त व्यवस्था के तौर रिजर्व किए

ऑक्सीजन के 600 सिलेंडर भी है। इनको ऑक्सीजन की अतिरिक्त व वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर रिजर्व करके रखा गया है। इन सिलेंडरों का उपयोग उन मरीजों के लिए किया जाएगा, जब अस्पतालों में ऑक्सीजन के सभी बेड भर जाएंगे और ऑक्सीजन बैंक भी खाली हो जाएंगे। तब अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोविड केयर सेंटर या कोविड हेल्थ सेंटरों पर भर्ती कर सिलेंडरों से ऑक्सीजन दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर नवरात्र, दशहरा व दीवाली पर लोगों को मूवमेंट बढऩे से नवम्बर के बाद कभी भी शुरू हो सकती है।

दूसरी लहर में संक्रमितों को सबसे अधिक ऑक्सीजन की जरुरत पड़ी थी। ऐसे में जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने तीसरी लहर शुरू होने से पहले ऑक्सीजन उपलब्धता की पूरी तैयारी कर ली है। बता दें, संक्रमण की दूसरी लहर के संकेत 2020 में दीवाली के बाद दिखना शुरू हो गए थे तथा होली के बाद कहर बरपा था। तीसरी लहर का संक्रमण बच्चों में आने की संभावना है।

सीएचसी और पीएचसी पर भी ऑक्सीजन बेड लगाए

जिला मुख्यालय पर 100 कंसेंट्रेटरों की ऑक्सीजन बैंक के बाद प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर 30-30 कंसेंट्रेटरों की बैंक भी बनाई, यहां से जरुरतमंद ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर अपने घर ले जा सकेंगे। 16 सीएचसी को 30-30 तथा 60 पीएचसी को 6-6, ब्लॉक को 30-30 कंसेंट्रेटर दिए हैं, यह सभी ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर बैंक के अलावा दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज कोविड अस्पताल में 330 बेड, उप जिला अस्पताल सागवाड़ा में 200 बेड, वसुंधरा विहार कोविड केयर सेंटर पर 70 बेड तथा सभी सीएचसी व पीएचसी पर 2400 बेड ऑक्सीजन के साथ व्यवस्थित किए हैं।

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