मिलावटी खाने-पीने का सामान बेचने वाले व्यापारियों पर जुर्माना:एडीएम कोर्ट ने सुनाया फैसला,चार मामलों में कुल 6 लाख 50 हजार वसूलेंगे

डूंगरपुर6 महीने पहले
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एडीएम कृष्णपाल सिंह चौहान। - Dainik Bhaskar
एडीएम कृष्णपाल सिंह चौहान।

मिलावटी खाने-पीने का सामान बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ फूड कोर्ट मजिस्ट्रेट और एडीएम ने गुरुवार को फैसला सुनाया है। एडीएम कोर्ट ने 6 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट व फूड कोर्ट के पीठासीन अधिकारी कृष्णपाल सिंह चौहान ने 3 साल पुराने एक मामले और एक साल पुराने 3 मामलों में गुरुवार को फैसला सुनाया। स्वास्थ्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर ने जुलाई 2020 में मैसर्स बालाजी मिल्क से पाश्चुरीकृत सैंपल लिया था। जांच में सब स्टैंडर्ड पाया गया। मामले में एडीएम कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए व्यापारी अशोक खटीक पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसी तरह सितंबर 2020 में मैसर्स मानव गारमेंट से रिफाइंड सोयाबीन तेल का सैंपल लिया था। जांच में तेल सब स्टैंडर्ड पाया गया। कोर्ट ने इस मामले में व्यापारी पंकज जैन पर 2 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

इसके अलावा अक्टूबर 2020 में मैसर्स महादेव दूध डेयरी से घी का सैंपल सब स्टैंडर्ड मिला। व्यापारी नगाराम पटेल पर 2 लाख का जुर्माना लगाया है। अक्टूबर 2018 में मैसर्स स्वास्तिक उपभोक्ता से एस्ट्रीफाइट वेज फेट ब्रांड नेम श्री आरव जा सैंपल मिस ब्रांड व सब स्टैंडर्ड मिला। कोर्ट ने डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने चारों मामलों में कुल 6 लाख 50 हजार का जुर्माना लगाते हुए व्यापारियों को गुणवत्तायुक्त खाने पीने की सामग्री बेचने के निर्देश दिए है।

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