अच्छी खबर:आदिवासी क्षेत्र में विकास के लिए प्राधिकरण एक गांव को लेगी गोद

डूंगरपुर3 महीने पहले
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राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर ने अनुसूचित क्षेत्रों के लिए वेलफेयर एण्ड डेवलपमेन्ट प्लान बनाया गया है। इसका क्रियान्वयन शीघ्र किया जाना प्रस्तावित है। प्लान के तहत प्राधिकरण एक गांव को गोद लेकर उसका विकास करेगा। विकास काम दो चरणों में किए जाएंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित सहलोत ने बताया कि अनुसूचित क्षेत्र के कल्याण एवं विकास के लिए योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जाएगा।

योजना के प्रथम चरण के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अनुसूचित क्षेत्र के एक ऐसे गांव को चिन्हित किया जाएगा जहां केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के बावजूद विकास की दर अत्यंत धीमी है। अथवा ना के बराबर है। गांव के चिन्हित किए जाने के बाद अनुसूचित क्षेत्र के कल्याण एवं विकास योजना का क्रियान्वन हाेगा।

योजना के प्रथम चरण तहत प्राधिकरण के सचिव अमित सहलोत द्वारा जिले के ग्राम पंचायत झौथरी, सीमलवाड़ा, चितरी के अनुसूचित क्षेत्र के अन्तर्गत गैजी, पाडली गुजरेश्वर, करावाड़ा, झौथरी, गन्धवा, सीमलवाड़ा, गोरा गोकल, गोहलिया, रास्ता, साकरसी, चिखीली, अम्बाड़ा गांवों का दौरा किया। सहलोत ने बताया कि गांवो में कुछ मकानों को छोडकर गांव में सभी मकान कच्चे है, बिजली, पानी की सुविधा भी नगण्य है।

इस दौरे के दौरान गन्धवा सविच भरतलाल, झौथरी पी.ओ हरिश, रास्तापाल सचिव ईश्वरलाल कलाल, संरपंच संजय कलासुआ, चिखली कार्यवाहक विकास अधिकारी राकेश परमार एवं अम्बाडा सचिव रमेशचंद्र यादव मौजूद थे। विधि एवं न्याय विभाग नई दिल्ली की ओर 19 मई 2018 को जारी अधिसूचना के द्वारा डूंगरपुर जिले को अनुसूचित क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसलिए इन नवीन अनुसूचित क्षेत्र के लोगों को उन सभी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त हो जो विशेष तौर पर इन्हीं क्षेत्रों के लिए लागू है।

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