जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट का इंतजार:9 दिन पहले ओमिक्रॉन वैरिएंट की जांच के लिए भेजे थे सैंपल, संक्रमित मरीजों में नहीं कोई गंभीर लक्षण

डूंगरपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
स्वास्थ्य विभाग ने ओमिक्रॉन वैरिएंट की जांच के लिए 9 दिन पहले सैंपल भेजे थे, लेकिन अभी भी रिपोर्ट नहीं आई है। - Dainik Bhaskar
स्वास्थ्य विभाग ने ओमिक्रॉन वैरिएंट की जांच के लिए 9 दिन पहले सैंपल भेजे थे, लेकिन अभी भी रिपोर्ट नहीं आई है।

जिले के गलियाकोट की मोहम्मदिया कॉलोनी के 3 और डूंगरपुर शहर की शास्त्री कॉलोनी के 3 कोरोना संक्रमित मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट का इंतजार बढ़ता जा रहा है। जिनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए प्रदेश की एकमात्र लेबोरेट्री में सैंपल भेजे 9 दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट 4-5 दिन में आ जाती है, ऐसे में डॉक्टर भी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल सभी संक्रमित मरीज घरों पर होम आइसोलेट है और किसी में भी कोई गंभीर लक्षण नहीं है।

डूंगरपुर जिले में 4 दिसंबर को गलियाकोट की मोहम्मदिया कॉलोनी की एक महिला कोरोना पॉजिटिव आई थी, जो कुवैत के बाद सूरत गई और फिर वहां से गलियाकोट लौटी थी। इसके बाद महिला का बेटा ओर पड़ोस की एक और महिला भी पॉजिटिव आई। एक दिन बाद ही डूंगरपुर शहर के शास्त्री कॉलोनी में कुवैत से लौटी महिला पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद 53 सैंपल की जांच में महिला का भाई और भतीजा भी पॉजिटिव आया। इन सभी कोरोना संक्रमित मरीजों में ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल लिए गए थे और जांच के लिए सैंपल जयपुर लेबोरेट्री भेजे गए। लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है।

हालांकि राहत की बात है कि इन दिनों में इन संक्रमित मरीजों में से किसी में भी कोई गंभीर लक्षण नजर नहीं आया। इन 9 दिनों में अब तक कोई नया संक्रमित सामने भी नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित आए लोगों के परिवार की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है, लेकिन किसी भी सदस्य के कोई गंभीर लक्षण नहीं है। सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

डेढ़ महीने बाद आई थी डेल्टा वैरिएंट की रिपोर्ट
ओमिक्रॉन वैरिएंट की जांच रिपोर्ट 9 दिन का समय गुजरने के बाद भी नहीं आई है। उसी तरह दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट की रिपोर्ट आने में भी डेढ़ महीने का समय लग गया था। दूसरी लहर के समय डूंगरपुर स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई महीने में 15 सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे थे। उस समय उनकी रिपोर्ट डेढ़ महीने के बाद आई थी, जिनमें डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई थी। उस दौरान कई मरीज तो रिपोर्ट आने से पहले ही ठीक होकर अपने घर चले गए थे।

सैंपल बढ़ाकर 500 तक पहुंचाया
जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है। इससे पहले रोजाना 50 सैंपल की जांच होती थी, लेकिन अब रोजाना 500 सैंपल लिए जा रहे हैं, यानी 450 सैंपल बढ़े हैं। वहीं सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि सभी पीएचसी और सीएचसी पर सैंपल की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। खासकर बाहर से आने वाले और लक्षण वाले लोगों के सैंपल लेने के निर्देश दिए है।