अस्पताल में दवाइयों का टोटा, मरीज परेशान:बीपी-शुगर, एंटीबायोटिक की दवाई की कमी, डॉक्टर की लिखी 5 में से केवल 2-3 दवाई ही मिलती

डूंगरपुर21 दिन पहले
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डॉक्टर की लिखी पर्ची दिखाते मरीज,जिसमें से आधी दवाई की काउंटर पर मिली। - Dainik Bhaskar
डॉक्टर की लिखी पर्ची दिखाते मरीज,जिसमें से आधी दवाई की काउंटर पर मिली।

दवाइयों की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में बीपी-शुगर, उल्टी-दस्त और एंटीबायोटिक दवाइयों का टोटा हैं। डूंगरपुर में दो दिन में 18 कोरोना मरीज आए है। मौसम के बदले मिजाज से सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार के मरीज भी बढ़ रहे है। ऐसे में दवाई की कमी से परेशानी हो रही है।

डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में बीपी और शुगर के मरीज डॉक्टर को दिखाने के बाद काउंटर पर दवाई लेने जाते है। निःशुल्क दवा काउंटर पर मुश्किल से 2 से 3 दवाइयां ही मिल रही है। दूसरी दवाइयां प्राइवेट मेडिकल स्टोर से खरीदने को मजबूर है। राज्य सरकार की ओर से निःशुल्क जांच और दवा योजना के बाद सभी जिला हॉस्पिटल में 600 से ज्यादा दवाइयां रखी जा रही है लेकिन दवाइयों की कमी से मरीज भटक रहे है।

पीएमओ डॉ. कांतिलाल मेघवाल ने बताया कि कई बार दवाइयों को ड्रग वीयर हाउस से आने में देरी हो जाती है। उस समय दवाई नहीं मिली होगी। अगर कोई दवाई नहीं है तो उसे अस्पताल की ओर से खरीदकर भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

दवाई नहीं मिलने से वापस जाता मरीज का भाई।
दवाई नहीं मिलने से वापस जाता मरीज का भाई।

मरीज बोले- 5 में केवल 2-3 दवाइयां ही मिलती है

  • एक मरीज के भाई अविनाश यादव ने बताया कि बुखार की शिकायत पर हॉस्पिटल आया था। डॉक्टर को दिखाने के बाद दवाई लेने गया तो सिर्फ 2 दवाइयां ही मिली। पैरासिटामोल, बीपी और भूखे पेट की पेंटाप्रोजल की दवाई नहीं मिली। दवा काउंटर पर नॉट अवेलेबल लिखकर दे दिया। इस कारण अब दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही है।
  • मरीज बंशीलाल सेवक ने बताया कि बीपी-शुगर के साथ ही चक्कर आने, जी घबराने कि शिकायत है। निःशुल्क दवा काउंटर पर 3 दवाइयां दे दी लेकिन 1 गैस की दवाई नहीं होना बताकर भेज दिया। अब दवाई निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ेगी।
  • मरीज नवीन कोटेड ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा लेने गया तो उसे एक भी दवा नहीं मिली। डॉक्टर ने पर्ची पर 4 दवा लिखी थी। उसे सभी दवा प्राइवेट से खरीदनी होगी।