सौभाग्य योजना:जयपुर, जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारियों को सौंपी सीएमडी ने घोटाले की जांच

डूंगरपुर11 दिन पहले
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  • सौभाग्य योजना में 5.93 करोड़ के घोटाले के खुलासे के बाद बनी टीम

जिले में सौभाग्य योजना में 5.93 करोड़ के घोटाले के भास्कर के खुलासे के बात अब सीएमडी लेवल पर जांच शुरू भी हो गई है। राजस्थान डिस्कॉम के सीएमडी भास्कर ए. सावंत ने इस जांच के लिए दो अधिकारियों को लगाया है। खास बात यह कि इस जांच में अजमेर डिस्कॉम से किसी भी अधिकारी को शामिल नहीं किया है। दो सदस्यीय कमेटी में जयपुर डिस्कॉम के मुख्य लेखाधिकारी आरपी गुप्ता और बाड़मेर से संभागीय चीफ इंजीनियर संजय वाजपेयी को नियुक्त किया है।

सीएमडी के निर्देश के मुताबिक जांच में सौभाग्य योजना के तहत हुए कार्यों, वैरिफ़िकेशन रिपोर्ट, मेटिरियल कितना लगा, बिल कितना बनाया पूरी जानकारी के साथ 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। बताया जा रहा है नियुक्त किए अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। इनके अलावा जांच में लगाए के जेईएन, एईएन के नाम भी गुप्त रखे हैं, ताकि जांच प्रभावित नहीं हो सके। दरअसल सौभाग्य योजना में धरातल पर मेटिरियल कम लगाए, जबकि बिल ज्यादा बनाया गया था। केवल एक पंचायत की ही जांच में 5.93 करोड़ का भुगतान ज्यादा कर दिया। जिसमें फर्म ने बिन पोल शेड्यूल के ही बिल भी लगा दिया, जिसका भुगतान भी कर दिया था। जिसके बाद ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने सीएमडी लेवल की जांच के निर्देश दिए थे। घोटाले की जांच रिपोर्ट बनाई, उसी एक्सईएन को किया एपीओ अभी सीएमडी लेवल की जांच शुरू भी नहीं हुई थी, उससे पहले ही जो बांसवाड़ा सर्किल में प्रोजेक्ट विंग में 4 महीने पहले लगे एक्सईएन प्रमोद रंजन को एपीओ कर दिया। जिनको भीलवाड़ा में मुख्यालय दिया है। हालांकि एक्सईएन रंजन बीमार चल रहे हैं। जिनको अस्पताल में भर्ती करवाया था। जिसके बाद अब घर में बेड रेस्ट पर है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि जिस फर्म मैसर्स किशोर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि व साकार फर्म ने घोटाला किया, उसके खिलाफ अभी तक एमडी वीएस भाटी ने किसी तरह का कोई एक्शन नहीं लिया। वहीं एमडी भाटी ने तीन दिन पहले ही अजमेर में प्रोजेक्ट के एईएन जयेश चरपोटा, चीफ प्रोजेक्ट के साथ बैठक भी की थी।

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