पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Banswara
  • Dungarpur
  • Dungarpur, Which Is Included In The Top 10 Of The State In Preventing Seasonal And Non communicable Diseases, Also Benefited The Victims Of Non communicable Diseases.

संक्रमण को फैलने से रोकने में सफलता मिली:मौसमी व गैर संचारी रोगों काे रोकने में प्रदेश के टॉप-10 में शामिल डूंगरपुर, गैर संचारी रोगों के पीडि़तों को भी लाभ मिला

डूंगरपुर14 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना संक्रमितों को चिन्हित कर संक्रमण को फैलने से रोकने में सफलता मिली

जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने गैर संचारी रोगों पर नियंत्रण करने में जिले में इस बार अच्छी प्रगति की है। प्रदेश में 38.35 प्रतिशत औसत के साथ 10वीं रैंक पाई है। जबकि पिछले पांच सालों में कुल 34 जिलों की रैंकिंग में 30 से अधिक ही रही है। पिछले साल भी 29वीं रैंक आई थी। सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2020-21 की एनसीडी रैंकिंग हाल ही जारी की गई है। इसमें डूंगरपुर को टॉप-10 में स्थान मिला है। 2020-21 यानी पिछले साल कोरोना संक्रमण में गुजरा है। ऐसे में मेडिकल टीमों द्वारा घर-घर सर्वे किया गया।

सर्वे के दौरान आईएलआई लक्षण वाले रोगी तो मिले ही साथ ही गैर संचारी रोगों के पीडि़त भी मिले, जिनको मौके पर ही दवाएं देकर उनके रोगों को नियंत्रित करने में सहयोग किया गया। सर्वे सालभर लगातार चलता रहा। ऐसे में कोरोना संक्रमितों को चिन्हित कर संक्रमण को फैलने से रोकने में तो सफलता मिली ही, गैर संचारी रोगों के पीडि़तों को अच्छा लाभ मिला। यह उसी का परिणाम है कि डूंगरपुर जिला जो पिछले पांच साल से कुल जिले 34 में से 30 से ऊपर ही रहा है। यानी अंतिम पायदान पर ही रहा है। वो इस साल 10वीं रैंक पर आया है।

स्वास्थ्य समस्या की कुल मौतों में से 60 प्रतिशत हिस्सा गैर संचारी रोगों का होता है

विशेषज्ञों की मानें तो भारत तीव्र स्वास्थ्य संक्रमण का सामना कर रहा है जिसमें बढ़ते गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) का बोझ जलजनित या रोगवाहक-जनित रोग, क्षय रोग, एचआईवी, आदि जैसे संचारी रोगों से भी अधिक है। अनुमान है कि सभी मौतों में से करीब 60 प्रतिशत मौतें हृदयवाहिनी रोग, कैंसर, चिरकालिक श्वसन रोग, मधुमेह व अन्य गैर-संचारी रोगों जैसे एनसीडी के कारण होती हैं, जिससे यह मौत का सबसे बड़ा कारण बन गया है।

यह है गैर संचारी रोग

गैर-संचारी रोगों में पार्किंसन रोग, स्वप्रतिरक्षित रोग, स्ट्रोक, अधिकांश हृदय रोग, अधिकांश कर्कट रोग, मधुमेह, गुर्दे की पुरानी बीमारी, अस्थिसंध्यार्ति, ऑस्टियोपोरोसिस, अल्जाइमर रोग, मोतियाबिंद आदि शामिल है। यह रोग एक से दूसरे रोगी में नहीं फैलते नहीं हैं। जबकि छोटी माता, चेचक, हैजा, डेंगू ज्वर, सूजाक, हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी रोगग्रस्त व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में दूषित भोजन, जल या संपर्क या कीटनाशकों, जानवरों आदि के कारण फैलते हैं, वो संचारी रोग कहलाते हैं।

खबरें और भी हैं...