बहानेबाजी:ड्यूटी से बचने के लिए खुद बीमार और परिजनों की सेवा का बहाना

डूंगरपुर6 महीने पहले
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  • काेविड अस्पताल, क्वारेंटाइन सेंटर बढ़ने के साथ ही स्टाफ की अावश्यकता, सरकारी कर्मचारी टाल रहे

काेराेना महामारी की दूसरी लहर में ड्यूटी से बचने के लिए महामारी नियंत्रण दल और अन्य स्टाॅफ एडीएम के समक्ष तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं। इससें काेई अपने परिजन के काेराेना के लक्षण आने के कारण खुद काे हाेम क्वाराइटाइन हाेने की बात कह रहा है। काेई मां, पिता, भाई, बहन, पत्नी, बच्चाें काे बीमार बता रहा है ताे खुद काे बीपी, शुगर सहित अन्य बीमारियाें से ग्रसित बताते हुए काेविड़ में लगी ड्यूटी के छुटकारा पाने के जतन कर रहा हैं।

जब कार्मिकाें इन बहाने से काेई रास्ता नहीं निकल रहा हैं ताे पुरानी मेडिकल रिपाेर्ट, परिवार में 15 दिन पहले काेराेना से ग्रसित परिजन का मैसेज और अपने विभाग के अधिकारियाें की ओर से अन्य ड्यूटी का बहाना बनाया जा रहा हैं। कुछ कर्मचारी जिन्हाेंने काेराेना की पहली लहर में अच्छा काम किया। वाे अब वाे बीमार हैं। हाेम क्वाराइटन की बात करता है।

वहीं, 15 दिनाें बाद वापस ड्यूटी पर आने के लिए नए बहाने करता हैं। कुछ कर्मचारियाें काे ऑक्सीजन गैस रिफिलिंग के लिए चित्ताेडगढ़ टीम के रूप में लगाया था वहां पर भी ड्यूटी रद्द कराने के लिए बहाने बना रहे हैं। कुछ कर्मचारी के रिश्तेदाराें के वहां मई के दूसरे सप्ताह में शादी है। इसके चलते अपने आप काे संक्रमण से बचाने के लिए ड्यूटी करने से आनाकानी कर रहे हैं।

कुछ कर्मचारियाें के पहली लहर में घर वाले संक्रमित हुए थे जाे अभी तक पाेस्ट काेविड उपचार चला रहे हैं। इसके कारण उनकी पत्नी की सेवा के लिए घर पर रहना जरुरी हैं। कुछ कर्मचारियाें काे अब जयपुर जाकर अपनी माता-पिता की सेवा करने की आवश्यकता हैं। उन्हें काेविड नहीं हाे जाए इसके लिए उनके साथ घर पर रहने की आवश्यकता जताई हैं।

मानवता काे बचाने के लिए काेई आगे आकर ड्यूटी करने काेई तैयार नहीं एडीएम कृष्णपालसिंह चाैहान ने बताया कि अभी आपदा का समय हैं। मानवता काे बचाना सबसे बड़ा चैलेंज हैं। काेविड़ कंट्राेल रुम, रतनपुर बाॅर्डर, मेडिकल काॅलेज अस्पताल, काेविड केयर सेंटर डूंगरपुर, सागवाड़ा, साबला, अासपुर, सीमलवाड़ा और बिछीवाड़ा, क्वाराटीन सेंटर वसुंधरा विहार, सागवाड़ा और अन्य जगह बनाए गए हैं।

ऑक्सीजन कमेटी का गठन किया गया हैं। यह डूंगरपुर व सागवाड़ा की सप्लाई माॅनिटरिंग, रिफिलिंग, स्टाेरेज और कंट्राेलिंग का काम करना पड़ता हैं। इन सभी जगह पर मेडिकल स्टाॅफ के अलावा अतिरिक्त कर्मचारियाें की आवश्यकता हाेती हैं।

इसके अलावा वैवाहिक आयाेजन की माॅनिटरिंग, बाल विवाह राेकने, जन अनुशासन पखवाडे की कार्रवाई सहित कई अन्य जगह पर कार्मिक की ड्यूटी लगाने की मजबूरी हैं। ऐसे में इन सभी जगह सरकारी कर्मचारियाें की ड्यूटी लगाने की आवश्यकता हैं। जायज दिक्कत है ताे रियायत देंगे।

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