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लॉकडाउन खुलने का इंतजार:स्टेडियम बंद ताे गोल्ड मैडलिस्ट आदित्य ने खेत में बना दिया तीरंदाजी ट्रैक

डूंगरपुर6 दिन पहले
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खेताें में तीरंदाजी का अभ्यास करता आदित्य कलाल। - Dainik Bhaskar
खेताें में तीरंदाजी का अभ्यास करता आदित्य कलाल।
  • बिलड़ी गांव के तीरंदाज अर्जुन 70 मीटर दूर से निशाना लगाने में माहिर, अब राष्ट्रीय स्पर्धा की तैयारी कर रहे

व्यापारियों काे लॉकडाउन खुलने का इंतजार है। कर्मचारियों काे अपने कार्यालय का है। वहीं, शहर से सटे बिलड़ी गांव के आदित्य कलाल काे ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैँपियनशिप प्रतियोगिता के तहत उड़ीसा जाने का इंतजार है। तीरंदाजी में स्कूल स्तर की सभी प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल लाकर राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने वाले आदित्य कलाल काे अब काॅलेज में प्रवेश के साथ ही यूनिवर्सिटी स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना है।

फ़र्स्ट ईयर में एडमिशन के साथ ही पूरे भारत में काेराेना की दूसरी लहर आ गई। जिसके कारण सारे खेलकूद प्रतियोगिता के साथ ही आयाेजनाें पर राेक लग गई। इसलिए आदित्य ने अपने खेत काे ही आर्चरी का ट्रैक बना दिया। राेज सुबह खेत में आर्चरी का पेड़ लगाकर निशानेबाजी की तैयारी शुरू कर देता है। दरअसल, आदित्य का बचपन से खेलाें के प्रति रुझान है।

पहले फुटबॉल में अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद आर्चरी में अपना कॅरिअर आगे बढ़ाने लगा। स्कूल स्तर पर जिले और संभाग में हमेशा टाॅप रहने वाले आदित्य ने वर्ष 2017 में बीकानेर में स्टेट लेवल स्कूल प्रतियोगिता में दाे सिल्वर जीते थे। वर्ष 2018 में धौलपुर में स्टेट प्रतियोगिता में दाे गोल्ड जीत कर राजस्थान टीम में चयन हुआ। 2019 में स्कूल नेशनल प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ में आर्चरी में गोल्ड मैडल जीता। इसके बाद उसका चयन राष्ट्रीय स्पोर्ट्स ऑर्थाेरिटी ऑफ इंडिया में हुआ।

जहां से उसे अब प्रशिक्षण मिल रहा है। यह पहले साल इंटर काॅलेज यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में चैंपियन बना। अब पिछले दाे साल से नेशनल यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा है।

शुरुआत मॉर्निंग वाक से, फिट रहने के लिए 10 साल से नहीं खाया बाजार का खाना-जंक फूड

अादित्य कलाल ने बताया कि स्कूल लाइफ में यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप जीत कर विदेश में भारत का नाम राेशन करने का सपना देखा है। काेराेना के कारण भले ही स्पाेट्र्स एकेडमी बंद हाे गई हैं, लेकिन उसने अपने खेत काे ही स्पाेट्स एकेडमी में बदल दिया है। उसकी शुरुआत सुबह मॉर्निंग वाक से हाेती है। इसके बाद कुछ वार्मअप एक्साइज करने के बाद करीब एक घंटे का योग व ध्यान कर एकाग्रता काे मजबूत करता है। योग के बाद स्किपिंग यानी रस्सी से जुड़ी सारी एक्सरसाइज करता है। इसके बाद टायर काे ऊंचा करना, कलाई और शोल्डर से जुड़ी एक्सरसाइज करता है।

इसी के साथ करीब चार घंटे की तीरंदाजी प्रतियोगिता की प्रैक्टिस शुरू हाेती है। इसके लिए 70 मीटर की दूरी पर घास, कपड़े और लकड़ी की सहायता से तीरंदाजी पेड बना रखा है। आदित्य ने करीब दस साल से डिब्बाबंद खाना, जंक फुड, कोल्ड ड्रिंक और बाजार की चीजाें काे नहीं खाया है।

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