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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करेंगे फंड की निगरानी:डीएमएफटी में सरकार ने बनाई पांच प्रबंधन समिति, तीन करोड़ रुपए जमा

डूंगरपुर9 दिन पहले
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डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडशेन ट्रस्ट यानी डीएमएफटी की गर्विंग काउंसिल में राज्य सरकार ने पांच प्रबंधन समिति का गठन कर दिया है। इसमें कांग्रेस के वरिष्ट नेताओं को सदस्य मनोनीत कर निगरानी शुरू करा दी है। डीएमएफटी के फंड में एकत्रित होने वाली करोड़ों रुपए की राशि का अब गवर्निंग काउंसिल अपनी इच्छा से प्रस्ताव पास नहीं कर सकेंगे। वर्तमान में तीन करोड़ जमा है।

मनोनीत सदस्य प्रत्येक प्रस्ताव पर निगरानी रखेंगे तथा हकीकत में इस राशि का उपयोग जनहित, जरूरतमंदों के लिए हो रहा है या नहीं की जांच कर सकेगी। इसके अलावा समिति विकास व विस्तार के प्रस्ताव भी ले सकेगी। कार्यकाल तीन साल का रहेगा। पहली प्रबंधन समिति में विधानसभा क्षेत्र के गैर सरकारी ट्रस्टी में डूंगरपुर से पूर्व मंत्री असरार अहमद, चौरासी से महेन्द्र बरजोड, सागवाड़ा से भरत भट्ट, आसपुर से रमेश आशावत को मनोनीत किया है। जिले में कार्यरत माईन ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष की संख्या पांच कर दी है।

इसमें माइंस ऑनर संघ के अध्यक्ष खीव सिंह राजपुरोहित, अमृतलाल बदाजी डामोर, सौरभ खेतान, चन्द्रेश नाथुलाल जैन तथा राजेन्द्र पंचोली को मनोनीत किया है। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समुदायों के प्रतिनिधि के तौर पर माल सरपंच सुखलाल रोत, बयोडा सरपंच भरत रोत, आसेला सरपंच धनजी रोत, कहारी सरपंच राकेश रोत को सदस्य बनाया है। रिप्रजेंटिटव माइन वर्कर में दो सदस्य सोहन पटेल व रेवत सिंह तथा टेक्निकल माइनिंग पर्सन में एक सदस्य पदम सिंह योग्यता बीई माइनिंग ब्रांच को सदस्य बनाया है।

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