मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 3 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए:ओमिक्रोन के खतरे पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट,1500 में से 1 हजार बेड पर मिलेगा ऑक्सीजन

डूंगरपुर6 महीने पहले
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अस्पताल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट।

कोरोना संक्रमण के बीच अब दुनिया भर में नए वेरिएंट ओमिक्रोन का खतरा बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल की संख्या बढ़ा दी है। जिले में कोरोना को लेकर 1500 बेड है। जिसमें से 1 हजार बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। कोरोना की तीसरी लहर के संकेत मिलने के बाद डूंगरपुर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग संक्रमितों के इलाज को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। जिले में करीब 12 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च कर 1 हजार से ज्यादा बेड पर ऑक्सीजन मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण और सेम्पलिंग पर भी जोर दे रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 3 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए गए हैं। इनकी क्षमता 3 हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) ऑक्सीजन जनरेशन की क्षमता है। 450 एलपीएम का एक प्लांट पहले से ही है। अब यहां के सभी 350 बैड हाई फ्लो ऑक्सीजन पर चलेंगे। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की पीएचसी तक ऑक्सीजन बेड व्यवस्थित कर दिए हैं।

बेड फूल होने पर सिलेंडर से मिलेगी ऑक्सीजन
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 600 बेड है। जिसमें से करीब 350 बेड कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल में है। इसके अलावा 42 बेड का आईसीयू वार्ड में वेंटीलेटर की सुविधा है। उप जिला अस्पताल सागवाड़ा में 60 बेड लगे हुए है। 16 सीएचसी व 60 पीएचसी पर 840 बेड की सुविधा है। जिसमें से कई ऑक्सीजन बैड व्यवस्थित किए हैं। मेडिकल कॉलेज कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू, वेंटीलेटर, बच्चों के लिए एनआईसीयू व पीआईसीयू व्यवस्थित किए हैं। इन सभी बेड्स को सेंट्रल लाइन के जरिए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स से जोड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्था के लिए 600 सिलेंडर रखे है। ऑक्सीजन की अतिरिक्त व वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर रिजर्व करके रखा गया है। इन सिलेंडरों का उपयोग उन मरीजों के लिए किया जाएगा, जब अस्पतालों में ऑक्सीजन के सभी बेड भर जाएंगे और ऑक्सीजन बैंक भी खाली हो जाएंगे। तब अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोविड केयर सेंटर या कोविड हेल्थ सेंटरों पर भर्ती कर सिलेंडरों से ऑक्सीजन दी जाएगी।

जिले में 11 लाख लोगों को वैक्सीन लगी
सीएमएचओ डॉ.राजेश शर्मा ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर और नए वेरियंट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नए वैरिएंट से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए नई रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना सेम्पलिंग बढ़ाई गई है। प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी को 10 से 20 सेम्पलिंग का टारगेट दिए है। शैक्षणिक संस्थानों में रेंडम सैपलिंग शुरू कर दी है। जिले में 11 लाख वैक्सीन डोज लग चुके है और वंचित लोगों के टीकाकरण पर फोकस किया जा रहा है।