आदिवासी इलाकों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी होगी दूर:डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में MBBS डॉक्टरों को मिलेगा एडमिशन, डीएनबी ने 5 विभागों में 55 सीटों के लिए दी मंजूरी,6 महीने और 2 साल का होगा कोर्स

डूंगरपुर10 दिन पहले
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन। - Dainik Bhaskar
मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन।

डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में अब स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार होंगे। डिप्लोमेंट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) से 5 डिप्लोमा कोर्स के लिए मंजूरी मिल गई है। इससे आने वाले समय में आदिवासी इलाके में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी और लोगों को भी बेहतर इलाज मिल सकेगा। डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज को बने चार साल हो गए है। इस बीच मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस के बाद डिप्लोमा कोर्स की मंजूरी मिलना बड़ी उपलब्धि है। कॉलेज प्रिंसिपल श्रीकांत असावा ने बताया कि डिप्लोमेंट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) की ओर से डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में 5 डिप्लोमा कोर्स की मंजूरी मिली है। कोर्स को इसी शैक्षणिक सत्र 2021-22 में शुरू किया जाएगा। इनमें कुल 55 सीटें दी गई हैं।

स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी होगी दूर
55 सीटों पर MBBS डॉक्टरों को प्रवेश मिलेगा,जो स्पेशलिस्ट डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं। इसमें फैमिली मेडिसिन, एनेस्थीसिया, ईएनटी (नाक, कान, गला रोग), पीडियाट्रिक (शिशु रोग) और ऑप्थोमोलॉजी (नेत्र रोग विशेषज्ञ) विभाग में डिप्लोमा कोर्स की मंजूरी मिल गई है। कोर्स 6 महीने और दो साल के होंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाके में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं मिलने पर मरीज इलाज करवाने बाहर जाते हैं। ऐसे में अब आदिवासी इलाके में जल्द ही स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी और मरीजों को अच्छा इलाज मिल सकेगा।

मेडिकल कॉलेज में अभी MBBS कोर्स
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज की शुरुआत 2017-18 में हुई थी। 2018 में 100 MBBS सीटों पर पहली बार प्रवेश दिया गया। इसके बाद मेडिकल अगले ही साल 2019 में 50 सीटें बढ़ाकर 150 MBBS सीटों पर छात्रों को प्रवेश मिला। मेडिकल कॉलेज में 400 MBBS स्टूडेंट डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे है। अब एमबीबीएस के साथ ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी तैयार होंगे।

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