पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

माइनिंग विभाग:जिले में क्वाटर्ज की करीब 20 से अधिक माइंस, 10 वेटिंग में, दाे बाॅल मिलों के लिए लोकेशन फाइनल

डूंगरपुर19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • डूंगरपुर, सागवाड़ा, आसपुर और बांसवाड़ा में क्वाटर्ज, क्ले, फेल्सपार व साॅफ स्टाेन का भंडार

वागड़ में क्वार्टस, साॅफ स्टाेन और क्ले का खनन धीरे-धीरे गति पकड़ने लगा है। जिसका सबसे बेहतरीन उदाहरण माइनिंग विभाग के आंकडाें में दिखते है। पांच साल पहले टीएसपी क्षेत्र में खनन के नाम पर सिर्फ मार्बल पर निकलता था। इसमें अब निराशा हाथ लगी है। इसी दरम्यान अब तीन से चार प्रकार के नए मिनरल निकलने शुरू हाे गए हैं।

खनन विभाग की सख्ती के बाद अवैध खनन रुकने के बाद अब करीब 20 से अधिक माइनिंग प्लाॅट दिए हैं। इसके अलावा 10 से अधिक खनन व्यापारियों ने आवेदन कर रखे हैं। इससे अब मिनरल निकालने में डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले आगे निकल रहे हैं।

डूंगरपुर-बांसवाड़ा में बड़े औद्योगिक इकाइयां नहीं हाेने के कारण यहां के लाेगाें काे मजबूरी में पलायन के लिए गुजरात और महाराष्ट्र के लिए जाना पड़ता है। इसके कारण वहां पर हादसों में लाेगाें की जान का खतरा हमेशा बना रहता है। इसका ज्वलंत उदाहरण कुशलगढ़ के मजदूरों का सूरत में दर्दनाक हादसे में मृत्यु हाेना हैं।

अभी तक वागड़ का यह क्षेत्र सिर्फ जनजाति क्षेत्र के रुप में गिना जाता था। अब धीरे-धीरे तस्वीर बदलने लगी है। इसके लिए स्थानीय विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधि की अच्छी पहल से यहां पर मिनरल आधारित सेरेमिक इकाई का गठन हाे सकता हैं। इससे इस क्षेत्र के हजारों लाेगाें काे रोजगार मिल सकता है। उन्हें रोजगार के लिए अन्य बड़े शहरों में पलायन से राेका जा सकता है।

वियतनाम, चीन, यूएस और गल्फ देशों में जाता है कच्चा माल : सेरेमिक इंड्रस्ट्रीज के लिए कच्चा माल दाे तरह का हाेता है। पहला पाउडर और दूसरा क्रूड के रुप में कहलाता है। क्रूड यानी माइंस से निकला बड़ा पत्थर वाला खनिज हाेता है। क्रूड की सबसे ज्यादा मांग गुजरात में हाेती हैं। राज्य खनन नीति के तहत क्रूड माल काे सीधे गुजरात बेचने पर पाबंदी है। राजस्थान में बाॅल मिल लगाई गई है। जहां पर इस क्रूड माल काे बारिक पाउडर में पिसकर गुजरात सहित विदेश तक भेजा जा सकता है।

दाे बाॅल मिल के लिए उद्योगपति पहुंचे हैं डूंगरपुर : जिले के आसपुर और सागवाड़ा में बडी मात्र में क्वार्टस का खनन हाेता है। रात के अंधेरे में यह क्वार्टस गुजरात जाता है। इस पर माइनिंग विभाग की सख्ती के कारण तस्करी कम हाे गई है। इसके बाद अब अल्फा ग्रुप और उदयपुर के एक बड़े व्यापारी ने सागवाड़ा और आसपुर में बाॅल मिल लगाने के लिए जमीन की तलाश की है। इसके लिए एक ग्रुप की ओर से आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी हाे चूकी है।

जल्द ही जमीन का चयन कर मशीनरी लगाने का काम शुरू हाेगा। इसके अलावा दूसरे व्यापारी की ओर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जहां पर जल्द ही उनकी ओर से काम शुरू किया जाएगा। जिसके बाद क्वाट्स, सॉफ्ट स्टाेन और क्ले का डूंगरपुर में ही पिसाई कर पाउडर बनाने का काम शुरू हाे जाएगा। जिससे एक माइंस और एक बाॅल मिल से करीब 100 से अधिक परिवारों काे रोजगार मिलेगा। वहीं जिस गांव में यह मिल लगाई जाएगी वहां की आर्थिक विकास बढे़गा।

बाॅल मशीन के बाद सेरेमिक इंड्रस्ट्रीज का स्काेप : गुजरात के माेरबी, हिम्मतनगर क्षेत्र टाइल्स मैन्यूफैक्चरिंग हब माना जाता है। यह दाेनाें क्षेत्र डूंगरपुर से 100 से 150 किमी के बीच आते हैं। जहां पर सेरेमिक इंड्रस्ट्रीज का हब बना हुआ है। यहां पर डिजीटल वाॅल टाइल्स, सेरेमिक वाॅल टाइल्स के अलावा फ्लाेर, डबल चार्ज, पॉलिश्ड वैरिफाइड, सॉल्यूशन साॅल्ट, डबल लेडिंग सहित अन्य तरह-तरह की टाइल्स और सेरेमिक उत्पाद बनाए जाते है।

इन सभी के लिए कच्चा माल डूंगरपुर, सागवाड़ा, आसपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, पाली, अजमेर, भीलवाड़ा से जाता हैं। जिससे वहां की इंड्रस्ट्रीज में हजारों लोगों काे रोजगार मिल रहा है। इस प्रकार की सेरेमिक इंड्रस्ट्रीज डूंगरपुर रीकाे, बिछीवाड़ा रीकाे और आसपुर क्षेत्र में खाेली जाती है ताे यहां के लोगों काे रोजगार की प्रबल संभावना रहेगी।

बाॅल मिल से सेरेमिक इंड्रस्ट्रीज के लिए ये करने हाेंगे प्रयास

यहां के लाेगाें काे रोजगार दिलाने का यह सबसे अच्छा माैका है। यहां पर क्ले, क्वाट्र्स, फेल्सपार और सॉफ्ट स्टाेन की प्रचूर मात्रा में है। विभाग के अांकड़ों के अनुसार करीब 60 हजार टन माल फिलहाल निकाला जा रहा है। वहीं भूगर्भ विभाग के अनुसार आने वाले 50 सालाें तक 30 से अधिक माइनिंग स्पाेट में प्रचूर मात्रा में यह खनिज उपलब्ध है। यहां का क्वाट्र्स स्नाे वाइट, मिल्की वाइट हाेने के कारण इसे बी ग्रेड का खनिज माना जाता है। जिसकी डिमांड सबसे ज्यादा चल रही है।

इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधी काे टीएसपी क्षेत्र में सेरेमिक इंड्रस्ट्रीज, कांच उद्योग और कलर उद्योग से जुड़े बड़े व्यापारियों तक यह बात पहुंचानी हाेगी। इसके अलावा राज्य सरकार से रियायती दर में जमीन, बिजली और पानी भी उपलब्ध कराना हाेगा। जिससे इन उद्योगों काे राज्य के अन्य जिलाें से टीएसपी में उद्योग लगाने पर लाभ मिले। इसके अलावा स्थानीय लाेगाें के बीच फैली भ्रांतियों काे खत्म कर सुरक्षा दिलाने की गारंटी देनी हाेगी। जिससे ये उद्योग काे लाभ मिल सके।

इनका कहना है...

क्वार्ट्ज की क्वालिटी यहां की सबसे अच्छी है। यहां पर मिल्की और स्नाे क्वार्ट्ज निकलता है।जाे सीधे कांच बनाने के लिए काम में आ रहा है। पहले मेरे द्वारा भीलवाड़ा, राजसमंद और अजमेर से क्वार्ट्ज का एक्सपोर्ट किया जाता था। अब आसपुर और सागवाड़ा से क्रूड लेकर उदयपुर भेजना पड़ता है। जहां पर बाॅल मिल में पाउडर बनाने के बाद गुजरात भेज रहे हैं। बाॅल मिल यहीं लगती है ताे यहां का माल सीधा गुजरात भी भेज सकते हैं। परिवहन का खर्चा बचेंगा। वहीं सेरेमिक उद्योग भी लग सकते है। गुजरात बॉर्डर पास में हाेने के कारण यहां से सीधे कंडला या गांधी एयरपोर्ट से सामान विदेश जा सकता हैं।
-सुरजीतसिंह राव, क्वार्ट्ज ट्रेडर्स

क्वार्ट्ज, क्ले, साॅफ स्टाेन, फेल्सपार और साॅफ स्टाेन यहां पर अच्छी मात्रा में निकल रहा है। जिसके लिए करीब 20 माइनिंग पॉइंट दे रखे हैं। वहीं 10 की फाइलें जयपुर तक पहुंची है। इसके अलावा दाे बाॅल मिल लगाने के लिए भी एक बड़ा ग्रुप और व्यापारी ने रुचि दिखाई हैं। फिलहाल उनकी ओर से बाॅल मिल के लिए आवेदन किया गया है। इसके बाद एक सागवाड़ा में बाॅल मिल शुरू हाेगी। ऐसे में पलायन राेकने के लिए यहां पर बाॅल मिल और सेरेमिक उद्योग से जुड़े बड़े औद्योगिक घरानों काे लाने का प्रयास करना हाेगा। जिससे स्थानीय लाेगाें काे रोजगार मिले।
नरेंद्र खटीक, जिला माइनिंग अधिकारी डूंगरपुर।

ये अच्छी बात है की यहां पर क्वाट्स और अन्य खनिज की डिमांड विदेश तक हाेने लगी है। बाॅल मिल लगाने के लिए बड़े व्यापारी आगे आए है ताे अच्छी बात हैं। इसके लिए मैं स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर उद्योग विभाग के माध्यम से बिछीवाड़ा या डूंगरपुर में बड़ी इकाई लगाने का प्रयास करेंगे। जरूरत पड़ी ताे सेरेमिक उद्योग से जुड़े बड़े व्यापारियों से खुद चर्चा करुगा। यहां पर बिजली, पानी, स्किल लेबर अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। -गणेश घाेगरा, विधायक डूंगरपुर

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज ग्रह गोचर और परिस्थितियां आपके लिए लाभ का मार्ग खोल रही हैं। सिर्फ अत्यधिक मेहनत और एकाग्रता की जरूरत है। आप अपनी योग्यता और काबिलियत के बल पर घर और समाज में संभावित स्थान प्राप्त करेंगे। ...

    और पढ़ें