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घर में घुसकर RAC जवान की हत्या:गाड़ियों में सवार होकर आए हमलावरों ने किया पथराव, तोड़फोड़ कर मकान में घुसे तो परिवार ने खेतों में भाग कर बचाई जान, तलवार व डंडे से किए कई वार

डूंगरपुरएक वर्ष पहले
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मृतक आरएसी जवान रमेश लिम्बात। - Dainik Bhaskar
मृतक आरएसी जवान रमेश लिम्बात।

बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात को गाड़ियों में सवार होकर आए दर्जनभर हथियारबंद हमलावरों ने आरएसी जवान के परिवार पर हमला कर दिया। घर में जमकर तोड़फोड़ की। परिवार के लोगों ने घर से भागकर खेतों में छुपकर अपनी जान बचाई। हमलवारों ने आरएसी जवान को घेरकर तलवार व डंडे से वार किए। गंभीर घायल जवान ने गुजरात अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद शव को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। हमलावरों की गिरफ्तार करने की मांग को लेकर परिजन धरने पर बैठ गए।

थानाधिकारी रणजीतसिंह ने बताया कि शिशोद फला अंबाव निवासी देवीलाल लिम्बात ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसका बड़ा भाई रमेश लिम्बात (47) आरएसी 12वीं बटालियन जयपुर में तैनात था। 15 सितंबर को वह छुट्टी लेकर अपने घर आया था। शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे परिवार के साथ सदस्य घर के आंगन में बैठकर बातचीत कर रहे थे। उसी समय गाड़ियों में धमकी देने वाले आरोपी शिशोद गांव के ही अंकित अहारी, राहुल गमेती, मयंक अहारी, प्रवीण ढूहा व संजू ढूहा अपने एक दर्जन साथियों के साथ आए। तलवार व डंडे से लैस हमलावरों ने घर पथराव कर हमला बोल दिया। घर पर तोड़फोड़ करने पर परिवार की महिलाओं और बच्चों ने खेतों में भागकर अपनी जान बचाई। हमलावरों ने कार से सचिन को कुचलने का प्रयास भी किया, लेकिन सचिन खेतों की ओर भाग गया और मक्का की फसल के बीच छुपकर अपनी जान बचाई। वहीं, देवीलाल भी खेतों में छुप गया।

आरएसी जवान ने तोड़ा दम

हमलावरों ने आरएसी जवान को घेर लिया और तलवार व डंडे से कई वार कर लहूलुहान कर दिया। निढाल होकर जमीन पर गिरने पर हमलावर वहां से फरार हो गए। परिवार के लोग उसे लेकर बिछीवाड़ा अस्पताल लेकर पंहुचे। जहां रमेश की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया। जिस पर परिवार के लोग गुजरात के हिम्मतनगर अस्पताल लेकर जा रहे थे, कि रास्ते में ही रमेश ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर वापस डूंगरपुर पंहुचे ओर जिला अस्पताल के मोर्चरी में शव को रखवाया गया।

हमले में घायल जवान को हॉस्पिटल ले जाते परिजन।
हमले में घायल जवान को हॉस्पिटल ले जाते परिजन।

हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े परिजन

हमले ओर हत्या की वारदात के बाद से शिशोद गांव में तनाव का माहौल है। ऐसे में गांव में बिछीवाड़ा थाना पुलिस के अलावा अतिरिक्त पुलिस बल को गांव में तैनात कर दिया गया है। वहीं, हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन धरने पर बैठ गए है। इस कारण शव मोर्चरी में रखने के बाद परिवार के लोग अपने घर शिशोद चले गए, जहां परिजन बैठकर आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे है। इस कारण शनिवार को कोई परिजन मोर्चरी नहीं आया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही परिजन पोस्टमार्टम करवाने की मांग पर अड़े हुए है।

9 महीने पहले भी की थी मारपीट

आरएसी जवान के परिवार पर हमले ओर हत्या की यह वारदात शक के चलते हुई है। शिशोद निवासी आरोपी अंकित अहारी, राहुल गमेती, मयंक अहारी, प्रवीण ढूहा, संजू ढूहा का नाम पिछले साल सितंबर 2020 में शिक्षक भर्ती को लेकर नेशनल हाइवे 48 पर हुए उपद्रव में दर्ज है। इस मामले को लेकर आरोपी आरएसी जवान रमेश लिम्बात के बेटे सचिन लिम्बात पर नाम लिखवाने का शक जता रहे थे। सचिन 12वीं क्लास का स्टूडेंट है। इसी शक के चलते आरोपियों ओर सचिन के बीच पिछले एक साल से रंजिश चल रही थी। इसके चलते पिछले साल दिसंबर 2020 में भी आरोपियों ने मिलकर सचिन के साथ मारपीट की थी।

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