अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू:जिले में संचालित 430 मां-बाड़ी और डे-केयर शिक्षा केन्द्रों पर अध्ययनरत बच्चों की शिक्षण व्यवस्था ठप

डूंगरपुर2 महीने पहले
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  • मांगों के समर्थन में जिले में स्वच्छ परियोजना के संविदा कार्मिक उतरे अनिश्चितकालीन धरने पर

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग अन्तर्गत संचालित स्वच्छ परियोजना जिला मुख्यालय पर परियोजना में कार्यरत संविदा कार्मिकों ने अनिश्चित कालिन धरना/हड़ताल शुरू कर दी है। जिसके चलते जिले में संचालित 430 मां-बाड़ी व डे-केयर शिक्षा केन्द्रों पर बच्चों की शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है।

संविदा कार्मिकों द्वारा नियमित वेतन श्रृंखला दिलाने, प्लेसमेन्ट एजेन्सी मार्फत कार्यरत कार्मिकों को संविदा पर लेने, मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगियों को संविदाकर्मी का दर्जा देते हुए वेतन वृद्धि करने एवं क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का मानदेय बढ़ाने संबंधित मांगे रखी गई। संघर्ष समिति द्वारा बताया गया कि जब तक उनकी उक्त मांगो को पूरा नहीं किया जाता है तब तक कलमबंद धरने/हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान जिले में संचालित 430 मां-बाड़ी एवं डे-केयर शिक्षा केन्द्रों को बन्द रखा गया जिससे केन्द्रों पर अध्ययनरत बालक/बालिकाओं की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई।

यह धरना प्रदर्शन स्वच्छ परियोजना जिला मुख्यालय उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, जयपुर, बारां, आबूरोड़ सिरोही इत्यादि स्थानों पर दिया गया। परियोजना कार्यालय में संविदा पर कार्यरत सुरेन्द्रसिंह चौहान ने बताया कि प्रति वर्ष कार्मिकों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाती थी परन्तु विभाग द्वारा पिछले 3 वर्षों से कार्मिकों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की है एवं इस वर्ष कार्मिकों को दीवाली बोनस भी नहीं दिया गया है। सरकार द्वारा बजट घोषणा मार्च 2021 में कार्मिकों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की गई है, फिर भी आज दिनांक तक विभाग द्वारा मानदेय बढ़ाने के संबंध में कोई निर्णय नही लिया गया है। प्लेसमेन्ट एजेन्सी द्वारा परियोजना अन्तर्गत कार्यरत समस्त कार्मिकों को एजेन्सी हटाकर संविदा कर्मी का दर्जा प्रदान किया जाए क्योंकि जो कार्मिक प्लेसमेन्ट एजेन्सी के माध्यम से कार्यरत है उनके मानदेय पर अतिरिक्त खर्च किया जा रहा है, उस राशि को प्लेसमेन्ट एजेन्सी के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में जोड़कर उन्हें संविदा कर्मी का दर्जा प्रदान किया जाए।

मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगी संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंदूलाल अहारी ने धरने में उपस्थित समस्त कार्मिकों को एक जुट होकर सरकार द्वारा किए जा रहे शोषण का विरोध करने की कहा है। इस दौरान समस्त संविदा कार्मिक, प्लेसमेन्ट एजेन्सी कार्मिक, मां-बाड़ी शिक्षा सहयोगी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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