अमृत महोत्सव:प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलियन्टर्स ने लोगों को घर घर जाकर दी निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी

डूंगरपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मोबाइल वैन भी दूरस्थ गांवों में जाकर विधिक सेवा प्राधिकरण से अवगत कराया

आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है जिसके क्रम में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा प्रेषित निर्देशानुसार पेन इंडिया अवेयरनेस एवं आउटरीच कैंपेन तथा विधिक सेवा सप्ताह के लिए विशेष जागरूकता व आउटरीच कार्यक्रमों का आयोजन चल रहा है।

जिले में गठित टीमों द्वारा गांव-गांव ढाणी-ढाणी जाकर प्रत्येक व्यक्ति तक विधिक सेवा की पहुंच सुनिश्चित करने के क्रम में में गुरुवार को घर-घर जाकर लोगों को कानूनी जानकारी प्रदान की गई। पैरालीगल वॉलियन्टर ने विधिक सेवा के उद्देश्य एवं लोगों को अपने मौलिक अधिकारों एवं सामान्य जीवन में न्याय व्यवस्था से रूबरू कराया। न्याय आपके द्वार की संकल्पना को साकार करने, विधिक साक्षरता के साथ सचल लोक अदालत के रूप में मोबाइल वैन द्वारा भी वागदरी, देवलपाल, देवलखास, वडापाल, खेडा, मनपुर, दोवड़ा, माथुगामाड़ा इत्यादि गांवों में जाकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में आमजन को अवगत कराया गया। अशोक कुमार यादव पीएलवी एवं सहायक कर्मचारी कैलाश ननोमा द्वारा मोबाइल वैन के साथ रहकर नालसा की स्कीम आदिवासियों के अधिकारों व हितों का संरक्षण योजना एवं कोरोना महामारी से बचाव के बारे में जानकारी प्रदान की गई एवं प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित सामग्री वितरित की गई। इसी क्रम में इस प्राधिकरण द्वारा नियुक्त पैरा लीगल वॉलियन्टर अशोक कुमार यादव, जितेन्द्र डामोर, महिपाल डामोर, लक्ष्मण डामोर, अनिल यादव, तेजप्रकाश डामोर, हिम्मत कुमार भगोरा, जसवंत सिंह सिसोदिया, शंत्रुजंय कलासुआ, रूपराम परमार, हरीश डामोर, द्वारा लोगों को घर-घर, नि:शुल्क विधिक सहायता, राजस्थान पीडित प्रतिकर स्कीम, मध्यस्थता कानून व लोक अदालत के बारे में जानकारी दी एवं इसके साथ ही विधिक सेवा संस्थाओं, विधिक सेवा केन्द्रों, नि:शुल्क विधिक सहायता, विधिक सेवाओं की उपलब्धता एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों एवं कानून का लाभ दिलाने में विधिक सेवा संस्थाओं के सहयोग के बारे में बताते हुए इस विधिक सेवा प्राधिकरण से अवगत कराया तथा ऐसे लोगों को जो अपने ऊपर हुए अन्याय के विरूद्ध अज्ञानतावश न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते उन्हें नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी।

खबरें और भी हैं...