पहला बुधवार बीत गया:जीनोम सिक्वेसिंग के जयपुर भेजे 50 सैंपलों की रिपोर्ट अटकी, लोगों में वायरस का कौनसा वेरिएंट फैल रहा है, पता ही नहीं

डूंगरपुर6 दिन पहले
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  • परेशानी }जयपुर लैब में जिले के सैंपलों के लिए बुधवार को दिन तय किया है,

कोरोना संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले करीब 10 दिन में ही 326 से अधिक केस मिल चुके हैं। लोगों में बढ़ते संक्रमण के पीछे कोराना वायरस का कौनसा वेरिएंट है, इसका पता लगाने के लिए यहां के सैंपलों को जीनोम सिक्वेसिंग के लिए जयपुर लैब भेजा जाता है। जयपुर लैब में डूंगरपुर से भेजे 50 सैंपलों की रिपोर्ट एक हफ्ता बीतने के बाद भी तैयार नहीं की गई है। जबकि डूंगरपुर के सैंपलों के लिए जयपुर लैब में बुधवार का दिन तय किया गया है। बताया गया है कि इस बुधवार को डूंगरपुर के सैंपल नहीं लगाए गए हैं।

अगर इन सैंपलों की जीनोम रिपोर्ट मिल जाती है तो स्वास्थ्य विभाग को उस हिसाब से तैयारी करने का समय मिल जाता। इधर, लोगों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने तीन बड़े काम किए है। पहला कोविड अस्पताल में मरीजों को अस्पताल की ओर से ही मिलेगा, इसके लिए पुरानें टेंडर को ही खाने की रेट निर्धारित कर रिन्यू करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। दूसरा बच्चों के लिए पीआईसीयू तैयार कर दिया है। इनके लिए आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। वहीं वयस्कों के लिए भी आईसीयू, वार्ड व्यवस्थित कर दिए हैं। तीसरा गंभीर मरीजों के लिए 3844 रेमेडीशिवर इंजेक्शन है।

^ सीएमएचओ (अतिरिक्त प्रभार) डॉ. पंकज खांट ने बताया कि रेमेडीशिविर इंजेक्शन जिला मुख्यालय सहित सभी ब्लॉकों पर भंडारित किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 1052, उप जिला अस्पताल सागवाड़ा में 1198, ब्लॉक आसपुर मुख्यालय पर 216, बिछीवाड़ा 234, गलियाकोट 198, सीमलवाड़ा 234 तथा जिला ड्रग वेयर हाउस में 910 है

^ पीएमओ डॉ. कांतिलाल मेघवाल ने बताया कि केस लगातार बढ़ रहे हैं। मरीजों को भर्ती करने की तैयारियां पूरी कर दी है। मरीजों को यहां पूरी सुविधाएं दी जाएंगी। दोनों समय का भोजन, सुबह की चाय और नाश्ता का टेंडर रिव्यू करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। जब तक मरीजों को अस्पताल की मैस से नि:शुल्क भोजन दिया जाएगा।

^ अधीक्षक डॉ. महेन्द्र डामोर ने बताया कि बच्चों को भर्ती करने के लिए अलग से व्यवस्थाएं की है। चौथी मंजिल पर 30 बेड का गहन शिशु चिकित्सा इकाई यानी पीआईसीयू व्यवस्थित कर दिया है। इसी मंजिल पर 70 बेड का आइसोलेशन वार्ड और पॉजिटिव वार्ड बनाया है। चौथी मंजिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट भी शुरू हो गई है।

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