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  • Till The Day Of Deepawali, The Food Department Team Will Take Samples From The Shops And Investigate, If Adulteration Is Found, There Is A Provision Of Fine And Punishment.

शुद्ध के लिए युद्ध अभियान कल से:दीपावली के दिन तक खाद्य विभाग की टीम दुकानों से सैम्पल लेकर जांच करेगी,मिलावट पाए जाने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान

डूंगरपुरएक महीने पहले
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सीएमएचओ कार्यालय भवन। - Dainik Bhaskar
सीएमएचओ कार्यालय भवन।

त्यौहारों के सीजन में खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त अभियान चलेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 अक्टूबर से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जाएगा,जो दिवाली में दिन तक चलेगा। त्यौहार पर दूध और उससे बनी मिठाई व खाद्य सामग्री की भारी बिक्री होती है। ऐसे में खाद्य सामग्री में मिलावट की संभावना बढ़ जाती है। इसे रोकने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेशभर में दीपावली से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान के तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

जांच टीम का गठन
सीएमएचओ डॉ.राजेश शर्मा ने बताया कि 14 अक्टूबर से दीपावली के दिन तक शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय मोयल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है जो जिलेभर में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थो के सैम्पल लेकर जांच करेंगे। सीएमएचओ ने बताया कि दूध, घी, मावा, मिठाइयां, लस्सी समेत तेल, मिर्च-मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की कार्रवाई की जाएगी। होटल, दुकान, मिष्ठान भंडार से सैंपलिंग की जाएगी। सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। मिलावटी खाद्य सामग्री पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है नियम
खाद्य सुरक्षा कानून (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट-2006) के तहत मिलावटी सामग्री बेचने वाले दुकानदारों पर जुर्माने का प्रावधान है और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 12 लाख रुपए सालाना आय वाले व्यवसायी को खाद्य लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इस कानून के तहत खुले में बेची जा रही और मिलावटी सामग्री के सैंपल भरने का प्रावधान है। सैंपल फेल होने की स्थिति में दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस स्थिति में 10 लाख रुपए तक जुर्माना और सजा भी हो सकती है।

  • जिस प्रकार का खाद्य पदार्थ मांगा गया है, वैसा नहीं दिए जाने पर 2 लाख रुपए जुर्माना।
  • घटिया स्तर की खाद्य सामग्री बेचने पर 3 लाख रुपए जुर्माना।
  • गलत भ्रम पैदा करने वाले विज्ञापन देने पर 10 लाख रुपए।
  • खाद्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से दिए गए निर्देश का पालन नहीं करने पर दो लाख रुपए।
  • निर्धारित समय में जुर्माना अदा नहीं करने पर एक से तीन साल की कैद।
  • खाद्य सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने पर 5 लाख रुपए जुर्माना और छह साल की सजा।
  • झूठी सूचना या दस्तावेज देने पर तीन महीने की कैद और दो लाख रुपए का जुर्माना।
  • बगैर लाइसेंस खाद्य वस्तुओं का व्यापार करने पर छह महीने की कैद तथा पांच लाख रुपए का जुर्माना।
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