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बड़ी लापरवाही:अस्पताल में वेक्यूम सर्किट ब्रेकर खराब; डेढ़ घंटे बंद रही बिजली, कोरोना की जांच भी रुकी

डूंगरपुर2 महीने पहले
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अस्पताल में सर्वर खराब हाेने के बाद एक घंटे से लाइन में खड़े काेराेना सैंपल देने आए लाेग। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में सर्वर खराब हाेने के बाद एक घंटे से लाइन में खड़े काेराेना सैंपल देने आए लाेग।

काेराेनाकाल में जहां पर हर छोटी से छोटी गलती माैत के मुहाने पर ले जा सकती है। वहीं शुक्रवार काे मेडिकल काॅलेज अस्पताल में सुबह 8.30 अस्पताल के ट्रांसफार्मर से वार्ड काे जाने वाले एलटी सर्विस लाइन में वेक्यूम सर्किट ब्रेकर में फाल्ट आ गया। करीब 10.30 बजे सप्लाई शुरू पाई। लेकिन बिजली बंद पर कंप्यूटर सर्वर रुम भी बंद हाे गया। इससे ऑनलाइन संबंधित सारा काम बंद हाे गया। काेराेना सैंपलिंग सहित सभी काम ठप हाे गया।

वहीं अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट सहित अन्य बड़े उपकरण भी प्रभावित हाे गया। जिससे आईसीसीयू मरीज, पाइपलाइन सिस्टम के मरीज भी परेशान हाे गए। नाेडल प्रभारी ने कलेक्टर काे झूठी सूचना दी कि डिस्कॉम की ओर से सप्लाई बंद हुई। डिस्कॉम के एईएन टीम सहित माैके पर पहुंचे तो अस्पताल के ट्रांसफार्मर तक सप्लाई शुरू थी। ऐसे में फाल्ट ट्रांसफार्मर से एलटी लाइन तक रहा।

अस्पताल के तकनीकी कर्मचारियों ने वेक्यूम सर्किट ब्रेकर के बंद हाेने का फाल्ट मिला। इस बीच डीजी सेट से सप्लाई शुरू की गई लेकिन पर्याप्त वेस्टेज नहीं मिलने की समस्या बनी रही।

कलेक्टर को बोला झूठ- डिस्कॉम से रोकी सप्लाई, अस्पताल में ही थी खराबी, डीजी सेट से ऑटो कट सिस्टम भी नहीं किया
मेडिकल काॅलेज अस्पताल में कई वार्ड और इकाइयों का बिजली संबंधित कार्य बाकी चल रहा है। ऐसे में काेविड केयर अस्पताल बनने के बावजूद बिजली संबंधित व्यवस्थाओं काे बेहतर बनाने की बजाए फाल्ट में बदलती जा रही है।

अस्पताल में एक माह से ट्रांसफार्मर ओवर लाेडिंग की शिकायत चल रही थी। कलेक्टर की फटकार के बाद ज्यादा क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए गए। डीजी सेट लगाया। अभी तक डीजी सेट में ऑटाे कट सिस्टम काम नहीं कर रहा है। इसे मैन्युअल चलाना पड़ता है। मेडिकल काॅलेज अस्पताल के इलेक्ट्रिशियन खालिद का कहना है कि सर्किट में फ्यूज उड़ गया था। इसलिए बिजली बंद हाे गई थी।

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