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प्रदेश में पहली बार लड़कियां भी बनी पुलिस मित्र:महिलाएं बच्चाें के साथ घर से बाहर निकल रही हैं; जो ज्यादा खतरनाक, समझाने व राेकने के लिए बनी महिला पुलिस मित्र

डूंगरपुरएक महीने पहलेलेखक: तनुज शर्मा
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डूंगरपुर, काेराेनाकाल में अस्पताल तिराहे पर ड्यूटी देते हुए शहर की पांच महिला पुलिस मित्र बेटियां। - Dainik Bhaskar
डूंगरपुर, काेराेनाकाल में अस्पताल तिराहे पर ड्यूटी देते हुए शहर की पांच महिला पुलिस मित्र बेटियां।

अभी तक काेराेनाकाल में पुलिस और मेडिकल स्टाफ काे ड्यूटी करते हुए देखा हाेगा, लेकिन अब सेवा के इस कार्य में शहर की पांच लड़कियाें ने महिला पुलिस मित्र बनकर जिम्मेदारी उठाई है। प्रदेश में पहली बार महिला पुलिस मित्र शुक्रवार काे पहली बार 40 डिग्री से अधिक तापमान में चाैराहे पर खड़े हाेकर बेवजह घूमने वाले लाेगों की समझाइश करती हुए दिखी।

इसके लिए शहर के राजपुर माैहल्ले की कृ़ष्णा कल्याण सेना की दुर्गा नारी शक्ति ने जिम्मेदारी ली हैं। राजपुर मोहल्ले की पुलिस मित्र में जुड़ी युवतियां जिज्ञासा वैरागी, खुशी चाैहान, साक्षी वसीटा, दिया टेलर और सोनल पाटीदार ने शुक्रवार काे तहसील चाैराहे और अस्पताल तिराहे पर काम-काज संभाला। इसके लिए उन्हाेंने अपने घर से पानी की बाेटल, टिफिन के साथ ही ग्लूकाेंडी पाउडर लेकर आई। सुबह 10 बजे तहसील चाैराहे पर काम संभाला।

इससे पहले पुलिस अधीक्षक सुधीर जाेशी और काेतवाली एसएचओ दिलीपदान से अपने अधिकार, कार्य की प्रक्रिया और लाेगाें से समझाइश के तरीके समझे। इसके बाद तहसील चाैराहे पर अपने काम की जिम्मेदारी शुरू की। जहां पर चाैराहे पर बेवजह घूमने वाले लाेगाें काे काेराेना के दुष्परिणाम के बारे में बताया। साथ ही संक्रमण काे फैलने से राेकने के लिए हैंडवाॅश, मास्क और साेशल डिस्टेंसिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिससे बेवजह घूमने वाले लाेगाे काे जागरुक किया जा सके।

उन्हाेंने बताया की पिछले वर्ष लाॅकडाउन में दुर्गा नारी शक्ति के तहत राजपुर में खाने के पैकेट बनाने का काम किया था। जिसका वितरण रतनपुर बाॅर्डर के साथ अस्पताल में भी किया गया था। इस वर्ष महिला पुलिस मित्र बनने का निर्णय लिया।

जज्बा... महिला कोरोना वॉरियर को देंगी मास्क और पानी

जिज्ञासा ने बताया कि उनके भाई जिग्नेश वैष्णव के साथ पिछले 7 दिनाें से शहर के तहसील चाैराह पर घूम रहे लाेगों के वीडियाे देखने काे मिले। जिसमें अधिकांश महिलाएं अपने बच्चाें के साथ स्कूटी, माेटरसाइकिल और अन्य वाहनाें से निकल रही हैं। जाे सबसे ज्यादा खतरे का संकेत हैं।

इसके बाद उन्हाेंने भी महिला पुलिस मित्र बनकर लाेगाें काे समझाइश का निर्णय लिया। जिस पर उनकी चाराें सहेलियाें ने सहमति जताई। इसी के बाद अभिभावकाें ने भी सहमति दी। उनका उद्देश्य है कि जाे महिलाएं बच्चाें के साथ बाहर निकल रही हैं। उन्हें राेका जाए। इसके अलावा कामकाजी महिलाएं जाे काेराेना वाॅरियर के रुप में सेवा देने जाते हैं। उन्हें पानी, मास्क और अन्य सुविधाएं दे सकें।

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