भगवान श्री पार्श्वनाथ की निकाली शोभायात्रा:मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर जूना मंदिर से प्रतिमाओं को लेकर बीस पंथी जैन मंदिर में विराजमान किया

कुशलगढ़एक वर्ष पहले
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कस्बे में जूना मंदिर से भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकालते समाजजन। - Dainik Bhaskar
कस्बे में जूना मंदिर से भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकालते समाजजन।

सकल बीसपंथी दिगंबर जैन समाज कुशलगढ़ कस्बे में रविवार काे भगवान श्री पार्श्वनाथ की प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। समाज अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ एवं महामंत्री हंसमुख सेठ ने बताया कि कुशलगढ़ कस्बे के जूना मंदिर भगवान श्री पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान थी, वो दो सौ वर्ष पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाना है। जिसके लिए जूना मंदिर से प्रतिमाओं लेकर बीस पंथी जैन मंदिर में विराजमान किया गया।

उन्होंने बताया कि मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर पूरे नगर में समाजजनों में उत्साह है। रविवार प्रातः भगवान श्री पार्श्वनाथ की प्रतिमा को जूना मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। समाज के पूण्यार्जक परिवार द्वारा बोली के माध्यम से भगवान को अपने सर पर बिठाकर पारंपरिक वेशभूषा में समाज के युवा भगवान की प्रतिमा को लेकर निकले तो मार्ग में चारों तरफ जय जयकार होने लगी। वहीं भक्ति गीतों पर समाजजन नृत्य करते चल रहे थे।

वातावरण धर्ममय हो गया। भक्ति गीत से शोभायात्रा में उत्साह में अभिवृद्धि कर रहा था। शोभायात्रा नगर में प्रत्येक मार्ग से निकली तो श्रद्धालुओं ने भगवान श्री पार्श्वनाथ की हर किसी अपने अपने निवास के बाहर भक्ति कर, आरती करते हुऐ श्रद्धाभिव्यक्ति की। कुशलगढ़ नगर तथा देश प्रदेश में सुख-शांति व खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इससे पूर्व प्रातः पारसनाथ जूना मंदिर में शांति विधान का आयोजन किया गया।

जहां पर सर्व प्रथम भगवान पारसनाथ की प्रतिमा पर अभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य पूण्यार्जक परिवारों ने लिया। जिसके उपरांत शांति विधान कर विश्व मंगल की कामना की। प्रतिमा जी के उद्यापन का एवं पुनः स्थापना का लाभ सेठ मनोहर लाल जैन, जयेश कुमार सेठ परिवार को प्राप्त हुआ। सेठ ने बताया कि जूना मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसको भव्य रूप दिया जाएगा। इसके लिए सकल बीस पंथी समाज कुशलगढ़ द्वारा पूर्ण रूप से तैयारी कर ली गई है।

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